महिलाओं के प्रति भेदभाव के सभी रूपों के उन्मूलन पर केंद्रित यूएन 'संधि'

20 मार्च 2019

महिलाओं के प्रति भेदभाव को रोकने और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ 1979 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक संधि पारित हुई. इसे 'Convention on the Elimination of All Forms of Discrimination Against Women' (CEDAW) या 'महिलाओं के प्रति हर प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन पर संधि' का नाम दिया गया और यह 1981 में प्रभावी हो गई.

महिलाओं के मूलभूत मानवाधिकारों के विषय में यह अब तक की सबसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति है जिसे महिलाओं का 'बिल ऑफ़ राइट्स' भी कहा जाता है. इस संधि पर 180 से ज़्यादा देश अपनी मुहर लगा चुके हैं जिसके तहत सदस्य देशों पर मानवाधिकारों का सम्मान, संरक्षण और संबंधित दायित्व पूर्ण करने की क़ानूनी बाध्यता है.

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में 'महिलाओं की स्थिति पर आयोग' के 63वें सत्र के  दौरान यूएन समाचार ने CEDAW समिति की उप प्रधान बंदना राणा से बातचीत में जानना चाहा कि इस संधि के ज़रिए दुनिया में किस प्रकार से महिलाओं के साथ सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर कायम भेदभाव की चुनौती से निपटा जा रहा है.

अवधि
10'

 

♦ समाचार अपडेट रोज़ाना सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिए यहाँ किसी विषय को सब्सक्राइब करें
♦ अपनी मोबाइल डिवाइस में यूएन समाचार का ऐप डाउनलोड करें – आईफ़ोन iOS या एंड्रॉयड