साक्षात्कार

महिला सरपंचों ने 'बदली अपने गांवों की तस्वीर'

निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की हिस्सेदारी ज़मीनी स्तर पर कितना बदलाव ला सकती है, इसकी एक बानगी दिखाई दी न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में, जिसमें दो महिला सरपंचों ने बताया कि किस तरह वे ग्रामीण क्षेत्रों में ज़रूरतमंदों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रही ह

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5'10"

शांतिरक्षा अभियानों में 'महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को तैयार है भारत'

हिंसा, संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता से होकर जो रास्ता शांति और सुरक्षा की ओर जाता है उस रास्ते में कई बड़े अवरोधों और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. और पिछले सात दशकों से ऐसी ही चुनौतियों से पार पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं ब्लू हेलमेट पहने संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक.

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10'3"

यूथ फ़ॉरम ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने की उम्मीद बंधाई

हाल ही में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद की आठवीं यूथ फ़ॉरम हुई जिसके ज़रिए टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में युवाओं की आवाज़ों और सुझावों को शामिल करने का प्रयास हुआ.

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11'2"

महिलाओं के प्रति भेदभाव के सभी रूपों के उन्मूलन पर केंद्रित यूएन 'संधि'

महिलाओं के प्रति भेदभाव को रोकने और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ 1979 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक संधि पारित हुई.

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टिकाऊ विकास और महिला सशक्तिकरण में खादी की अहम भूमिका

खादी वस्त्र नहीं विचार है. भारत के स्वाधीनता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी का यह सूत्र वाक्य ग्रामीण आत्मनिर्भरता, विकेंद्रित विकास और आर्थिक स्वावलंबन का प्रतीक बन गया.

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10'12"

'मेरे किसान मेरे साथ हैं'

कृषि एक ऐसा क्षेत्र हैं जहां महिलाएं बड़ी ज़िम्मेदारियां संभालती हैं लेकिन उनके योगदान को कई बार नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है.

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8'19"

जागती आंखों से सपने देखो: रेवती रॉय

किराने का सामान, महत्वपूर्ण दस्तावेज़, कुरियर या कोई अन्य सामग्री हो, पार्सल वितरण की एक नई सेवा ज़रूरत का सामान लोगों के घरों तक पहुंचा रही है. अहम बात यह है कि ‘हे दीदी’ नाम की इस सेवा में हर ज़िम्मेदारी महिलाएं ही संभालती हैं.

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7'32"

'मैं भी महिलाओं के लिए मिसाल बन सकती हूं'

भारत में जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा अपनी आजीविका चलाने के लिए कृषि पर निर्भर है. इनमें भी अधिकाशं छोटे किसान हैं जिन्हें अपनी फ़सलों का कई बार सही दाम नहीं मिल पाता और बाज़ार से सीधे जुड़ने में भी अवरोधों का सामना करना पड़ता हैं.

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8'7"

मैं कभी हिम्मत नहीं हारता: मैथ्यू निमेत्ज़

पिछले साल जून महीने में एक ऐतिहासिक समझौते के साथ ही दो देशों, पूर्व यूगोस्लाविया के मैसेडोनिया गणराज्य और ग्रीस, में 27 साल से चले आ रहे विवाद का निपटारा हो गया.

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भाषाओं का संरक्षण ज़रूरी

21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस मनाया जाता है. एक ऐसा दिन जब भाषायी और सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित रखने और उसके प्रचार प्रसार की अहमियत के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जाते हैं.

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2'52"