पश्चिमी लीबिया में लगातार हो रहे हवाई हमले ‘पूरी तरह अस्वीकार्य'

29 दिसम्बर 2019

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ने हाल के दिनों में नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों की निंदा की है. इन हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं. 

देश में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMIL) के प्रमुख ग़सन सलामे ने पश्चिमी हिस्से में तीन स्थानों पर हुई घटनाओं के बाद नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है.

"हमने यह स्पष्ट रूप से कहा है कि नागरिकों के ख़िलाफ़ हो रहे अंधाधुंध हमले ना केवल अंतरराष्ट्रीय मानवीयता क़ानून और मानवाधिकार कनून का घोर उल्लंघन हैं, बल्कि संघर्ष को और बढ़ाते हैं और भविष्य में बदले की कार्रवाई को उकसाते हैं जिससे लीबिया की सामाजिक एकता को ख़तरा बढ़ता है."

उन्होंने शनिवार को जारी अपने बयान में कहा, "ये बिल्कुल बर्दाश्त के बाहर है."

सप्ताह भर चले हवाई हमले

वर्ष 2011 में राष्ट्रपति मुआम्मर ग़द्दाफ़ी के पतन के बाद से ही लीबिया अस्थिरता का सामना कर रहा है. पूर्वी क्षेत्र में में स्वयंभू लीबियाई नेशनल आर्मी के कमांडर ख़लीफ़ा हफ़्तार के वफ़ादार सैनिकों और पश्चिम में त्रिपोली में स्थित अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लड़ाई में हजारों लोग मारे जा चुके हैं.

ग़सन सलामे ने बताया कि अल-ज़ाविया शहर में सैकड़ों प्रवासियों को शरण देने वाले एक केंद्र के पास स्थित इंजीनियरिंग संस्थान पर शनिवार को हवाई हमला किया गया था. इसमें किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं थी.

हालांकि जनरल हफ़्तार के सैनिकों द्वारा शहर में किए गए हवाई हमलों में गुरुवार को दो नागरिक मारे गए और आठ घायल हो गए.

इसके अलावा शुक्रवार को अबू सलीम में हुए हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो बच्चों सहित छह अन्य घायल हो गए. मंगलवार को तजौरा में हुए हवाई हमले में कई लोगों के हताहत होने की ख़बर है.

घायल नागरिकों की संख्या में बढ़ोत्तरी

संयुक्त राष्ट्र मिशन प्रमुख ने लीबिया में नागरिकों और बुनियादी ढांचे की रक्षा करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है. यूएन मिशन और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार इस साल लीबिया में कम से कम 284 नागरिक मारे गए और 363 घायल हुए हैं. ये आंकड़े, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 25 फ़ीसदी से अधिक की वृद्धि दर्शाते हैं.

अधिकांश लोगों की मौत हवाई हमलों के कारण हुई - इनमें 182 मौतें और 212 घायल शामिल हैं. इसके बाद ज़मीनी लड़ाई, विस्फोटक उपकरणों, अपहरण और हत्याओं के कारण हुए हताहतों का स्थान आता है. 

 

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