यूनिसेफ़

युद्धों में मारे गए बच्चों की याद में यूनीसेफ़ की संवेदनशील पहल

ऐसे में जबकि दुनिया भर के कई हिस्सों में बच्चों ने वार्षिक छुट्टियों के बाद फिर से स्कूल जाना शुरू कर दिया है तो संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने संघर्षरत इलाक़ों में रहने वाले बच्चों की दयनीय स्थिति को दर्शाने और बेहतर सुरक्षा की पुकार लगाते हुए एक अनोखा अभियान शुरू किया.

अफ़ग़ानिस्तान: स्कूलों पर हमलों में तीन गुना बढ़ोत्तरी बनी चिंता का कारण

अफ़ग़ानिस्तान में स्कूलों पर किए जाने वाले हमलों में एक साल के भीतर तीन गुना बढ़ोत्तरी देखने को मिली है जिस पर चिंता ज़ाहिर करते हुए संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया है. यूनिसेफ़ की यह अपील ऐसे समय में जारी की गई है जब स्पेन के मयोरका शहर में सुरक्षित स्कूलों पर तीसरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हो रहा है.

दो तिहाई बच्चे कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित

दुनिया में हर 10 में से छह बच्चों को सामाजिक सुरक्षा प्राप्त नहीं है जिससे उनके ग़रीबी का शिकार होने की आशंका बढ़ जाती है. संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक नई रिपोर्ट में सचेत किया है कि कुछ सरकारें आर्थिक अनिश्चितता के चलते लाभकारी योजनाओं में कटौती कर रही हैं जिससे स्थिति और ख़राब हो सकती है.

साल के पहले दिन पैदा होंगे तीन लाख से ज़्यादा बच्चे: यूनिसेफ़

​संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ़) के एक अनुमान के अनुसार साल 2019 के पहले दिन दुनिया में 395,072 बच्चों को जन्म होगा. इनमें से एक करीब एक-चौथाई बच्चे दक्षिण एशिया में पैदा होंगे. पैदा होने के तुरंत बाद  होने वाली मौतें चिंता का कारण बनी हुई हैं जिसके प्रति यूनिसेफ़ ने आगाह किया है.