यूएन मिशन

अफ़ग़ानिस्तान: 'युद्ध के अंत से' ही बंधेगी ख़ुशहाल भविष्य की आशा

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) के प्रमुख तादामिची यामामोतो ने कहा है कि देश में युद्ध समाप्ति के बाद ही स्थानीय लोगों के समृद्ध भविष्य की कल्पना की जा सकती है. अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक संघर्ष लंबे समय से जारी है और पिछले एक दशक में ही एक लाख से ज़्यादा लोग हताहत हुए हैं.

यूएन शांतिरक्षा मिशनों के कामकाज व जवाबदेही पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों को सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप बनाने और सभी स्तरों पर कामकाज को ज़्यादा असरदार बनाने के उद्देश्य से न्यूयॉर्क मुख्यालय में शुक्रवार को एक बैठक में विचार-विमर्श हुआ. यूएन शांतिरक्षा मिशनों को बेहतर बनाने के तहत कामकाज का प्रभावी ढंग से मूल्यांकन करने, सूचनाएँ साझा करने की प्रक्रिया में बेहतरी लाने और जवाबदेही तय करने पर ज़ोर दिया जाएगा.

इराक़ में हिंसा के चक्र को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय संवाद की पुकार

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष दूत ने बुधवार को बग़दाद के केंद्रीय इलाक़े में प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात करने के बाद राष्ट्रीय संवाद क़ायम करने की अपील की है ताकि हिंसा के चक्र को तोड़ने के लिए त्वरित और अर्थपूर्ण कार्रवाई की पहचान हो सके. इराक़ में हाल के दिनों में भारी विरोध प्रदर्शन हुए हैं और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की रिपोर्टें हैं.

दक्षिण सूडान: डर के माहौल में चुनौतियों को समझने की कोशिश

दक्षिण सूडान के लासू में हिंसक वारदातों के बढ़ने से स्थानीय जनता के सामने पेश आ रही चुनौतियों को समझने और उनके समाधान तलाश करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने इलाक़े का दौरा किया है. इस प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के फ़ोर्स कमांडर ब्रिगेडियर शैलेश तिनाइकर और दक्षिण सूडान में भारत के राजदूत एसडी मूर्ति शामिल थे.

हेती में शांतिरक्षा मिशन समाप्त, लेकिन यूएन का समर्थन जारी रहेगा

हेती में 15 वर्ष से चला आ रहा संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियान समाप्त हो रहा है लेकिन देश में स्थिरता और लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए संगठन का संकल्प जारी रहेगा. संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के अवर महासचिव ज़्यां-पियरे लॉकोआ ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को यह जानकारी देते हुए यूएन मिशन की उपलब्धियों के बारे में जानकारी साझा की.

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य: राजनैतिक तबके से बदलाव की बयार के समर्थन की अपील

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख लैला ज़ेरोगी ने सुरक्षा परिषद को देश में हालात की जानकारी देते हुए बताया है कि हाल के दिनों में सकारात्मक प्रगति अगर आगे भी जारी रही तो देश की कायापलट करने और वहां स्थिरता लाने में मदद मिलेगी.  उन्होंने देश के राजनैतिक तबके से परिवर्तन की इस हवा को समर्थन देने का आह्वान किया है. 

अफ़ग़ानिस्तान जांच: ड्रग्स लैब पर बमबारी में कम से कम 60 लोगों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) ने कहा है कि कथित रूप से मेथाफ़ेटामाइन - नशीली दवा (ड्रग्स) - बनाने के ठिकानों को सैन्य रूप से निशाना बनाते हुए उन पर हवाई बमबारी नहीं की जानी चाहिए थी. यूएन मिशन की जांच में पाया गया है कि इन ठिकानों का सीधे तौर पर तालिबान के साथ संबंध स्थापित नहीं हो पाया है. अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई में कम से कम 60 आम नागरिकों के मारे जाने की रिपोर्टें हैं.

अफग़ानिस्तान में शांति का रास्ता 'सीधी वार्ता' से ही संभव

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि तादामिची यामामोतो ने कहा है कि देश में  वर्षों से चले आ रहे हिंसक संघर्ष को विभिन्न अफग़ान समुदायों के बीच सीधी वार्ता के ज़रिए ही सुलझाया जा सकता है. उन्होंने 28 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव से पहले पारदर्शी व निष्पक्ष चुनावों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत बनाने और हिंसा रोके जाने की अपील भी जारी की है. 

त्रिपोली पर नियंत्रण की दौड़ में नहीं थम रहा ख़ूनख़राबा

तथाकथित लीबियन नेशनल आर्मी और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त अंतरिम सरकार के सुरक्षाकर्मियों के बीच त्रिपोली पर नियंत्रण के लिए छिड़ी लड़ाई को पांच महीने पूरे हो गए हैं. लीबिया में संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि ग़ासन सलामे ने ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि इस लड़ाई की वजह से देश में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों को झटका लगा है.

हिंसा और अस्थिरता से जूझते अफ़ग़ानिस्तान की आज़ादी के 100 वर्ष

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) के प्रमुख तादामीची यामामोतो ने कहा है कि स्वाधीनता के 100 वर्ष पूरे कर रहे अफ़ग़ानिस्तान के लिए यह एक अहम क्षण है और आने वाले दिनों में चुनावों से शांति स्थापना की दिशा में प्रगति होने की आशा है. लेकिन देश पर हिंसा और अस्थिरता का संकट अब भी मंडरा रहा है और हाल के दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी हमलों में आम लोगों को निशाना बनाया गया है जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने कड़े शब्दों में निंदा की है.