यूएन महासचिव

रवाण्डा की जनता के साथ एकजुटता – नफ़रत भरे भाषणों से निपटने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रवाण्डा में तुत्सी समुदाय के जनसंहार की बरसी पर नफ़रत फैलाने वाली मुहिमों को पराजित करने और इतिहास को फिर दोहराए जाने से रोकने के लिये समन्वित प्रयासों की पुकार लगाई है. वर्ष 1994 में इस जनसंहार को अंजाम दिया गया, जिसमें तुत्सी समुदाय के साथ-साथ हुतू और अन्य समूहों के उन लोगों को भी निशाना बनाया गया, जिन्होंने जनसंहार का विरोध किया था.

यूएन प्रमुख को लगा दूसरा टीका

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, शुक्रवार 28 फ़रवरी को, न्यूयॉर्क के एक वैक्सीन केन्द्र में, कोविड-19 का दूसरा टीका लगवाया. उनकी आयु 65 वर्ष से अधिक होने के कारण, दूसरा टीका लगवाने के लिये उनका नाम, प्राथमिकता सूची में आया था. यूएन समर्थित एक पहल के तहत, वर्ष 2021 के अन्त तक, दो अरब लोगों को कोविड-19 के टीके लगवाने का लक्ष्य है.

म्याँमार में हालात पर चिन्ता, बुनियादी अधिकारों की रक्षा का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में हालात पर गहरी चिन्ता जताते हुए सेना और पुलिस से शान्तिपूर्ण सभा के अधिकार का पूर्ण सम्मान किये जाने और अत्यधिक बल प्रयोग से परहेज़ करने का आग्रह किया है. ख़बरों के अनुसार सेना द्वारा सत्ता हथिया लिये जाने के बाद देश में विरोध-प्रदर्शनों के जारी रहने के बीच म्याँमार के बड़े शहरों में बख़्तरबन्द गाड़ियों व सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. 

एंतोनियो गुटेरेश, महासचिव के दूसरे कार्यकाल के लिये उम्मीदवार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को पुष्टि की है कि यूएन प्रमुख के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल के लिये वह उम्मीदवारी पेश करेंगे. महासचिव के पद पर अगला पाँच-वर्षीय कार्यकाल जनवरी 2022 में शुरू होना है. 

नव वर्ष: इम्तेहानों, त्रासदियों और आँसुओं के बाद, आशा की किरणें बिखेरने का सन्देश

दुनिया जब, इम्तेहानों, त्रासदियों और आँसुओं से भरे वर्ष (2020) के बाद एक नए वर्ष 2021 में दाख़िल हो रही है, ऐसे में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नव वर्ष के लिये उम्मीदों से भरा सन्देश जारी किया है. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 2021 के अपने नव-वर्ष सन्देश में कहा है कि नया वर्ष, पिछले साल द्वारा दिये गए ज़ख्मों को भरने का मौक़ा होना चाहिये.

नाइजीरिया में कथित पुलिस क्रूरता पर रोक लगाने की मांग

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि नाइजीरिया में घटनाक्रम पर वह नज़दीकी नज़र रख रहे हैं. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में देश में प्रदर्शनकारियों के हताहत होने की ख़बरें मिली हैं जिनके बाद यूएन महासचिव ने कथित रूप से पुलिस क्रूरता और दुर्व्यवहार पर लगाम लगाने की माँग की है.

अहिंसा दिवस पर यूएन प्रमुख की वैश्विक युद्धविराम की ताज़ा पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरश ने 2 अक्टूबर को अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के मौक़े पर वैश्विक युद्धविराम की अपनी पुकार फिर दोहराई है. अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस महात्मा गाँधी के जन्म दिवस (जयन्ती) की याद में हर साल 2 अक्टूबर को मनाया जाता है, और वर्ष 2020 का ये दिवस कोरोनावायरस महामारी से हुई भारी मानवीय और सामाजिक-आर्थिक तबाही की छाया में मनाया जा रहा है.

12 दिसम्बर को ब्रिटेन में होगा जलवायु सम्मेलन

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश और ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन ने जलवायु मुद्दे पर एक वैश्विक सम्मेलन 12 दिसम्बर को संयुक्त रूप से आयोजित करने की घोषणा की है. संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन मुद्दे पर हर वर्ष अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करता है जिसे कॉप के नाम से जाना जाता है, मगर कोविड-19 के कारण पैदा हुए व्यवधानों से ये सम्मेलन भी प्रभावित हुआ है.

एकजुटता से ही गम्भीर चुनौतियों का समाधान सम्भव-यूएन प्रमुख

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र की पूर्व संध्या पर, दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों और बहुपक्षवाद के माध्यम से उनके समाधानों के बारे में चर्चा की है. महासचिव, कोविड-19 महामारी, जलवायु परिवर्तन जैसे ख़तरों के अभूतपूर्व वैश्विक संकट के इस समय को अलगाववाद दूर करने और समानता जैसे लक्ष्य हासिल करने के अवसर के रूप में देखते हैं. उनके मुताबिक, वैश्विक एकजुटता के ज़रिये, सभी के लिये एक बेहतर, समृद्ध और अधिक टिकाऊ भविष्य का निर्माण किया जा सकता है.

सीरिया में हिंसक संघर्ष को तत्काल रोके जाने की अपील

पश्चिमोत्तर सीरिया में हिंसक संघर्ष में तेज़ी आने से गहराती चिंता के बीच यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी पक्षों से भीषण लड़ाई के कगार से वापस लौट आने की पुरज़ोर अपील की है. सीरिया के इदलिब प्रांत में तुर्की और रुस का समर्थन प्राप्त सीरियाई सुरक्षा बलों में लड़ाई तेज़ होने से हालात ख़तरनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं.