यूएन

हम किसी से कम नहीं - मेजर सुमन

दक्षिण सूडान में यूएन मिशन में एक सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में ज़िम्मेदारी सम्भालने वालीं और भारतीय सेना में मेजर सुमन गवानी का कहना है कि महिला शान्तिरक्षक किसी से पीछे नहीं हैं और यूएन शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की मज़बूत भागीदारी ही उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति की परिचायक है. मेजर गवानी को लैंगिक समानता पर उत्कृष्ट कार्य के लिए ब्राज़ील की नौसेना अधिकारी कमान्डर कार्ला मोन्तिएरो डी कास्त्रो अराउजो के साथ वर्ष 2019 के लिए संयुक्त रूप से 'यूएन मिलिट्री जैन्डर एडवोकेट ऑफ़ द ईयर' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. 

 

मेजर सुमन गवानी ने यूएन न्यूज़ हिन्दी की अंशु शर्मा के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि शान्तिरक्षकों को अपने दैनिक कार्यों में लैंगिक ज़रूरतों और परिप्रेक्ष्यों को समाहित करना चाहिए और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के प्रयास करने चाहिए...

कोविड-19: भारी क़र्ज़ों वाले देशों पर अत्यधिक दबाव, बाज़ारों में ठहराव

अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों और वित्तीय विशेषज्ञों ने आगाह करते हुए कहा है कि जो देश अत्यधिक सार्वजनिक क़र्ज़ के दबाव तले दबे हैं उन पर कोविड-19 महामारी के माहौल में बहुत गहरी आर्थिक प्रभाव होने की आशंका है. इन देशों की मदद के लिए एकजुटता के सिद्धांत पर आधारित पुनर्गठन योजनाओं का आहवान किया गया है.

कोविड-19 संकट के बावजूद संयुक्त राष्ट्र का मुख्य कामकाज जारी

संयुक्त राष्ट्र के चार प्रमुख अंगों के अध्यक्षों ने सदस्य देशों को भरोसा दिलाते हुए कह है कि कि कोविड-19 महामारी ने संयुक्त राष्ट्र को भी काम करने के नए तरीक़े अपनाने पर मजबूर कर दिया है, इसके बावजूद दुनिया भर में संगठन के महत्वपूर्ण कार्य बिना रुके जारी हैं. इन अध्यक्षों ने शुक्रवार को ऑनलाइन के ज़रिए सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान ये बात कही.

विश्व पर गहरी छाप छोड़ने वाले पूर्व महासचिव हावियर पेरेज़ डि कुएयर के निधन पर शोक

संयुक्त राष्ट्र के पाँचवें महासचिव रहे हावियर पेरेज़ डि कुएयर का 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. दो बार महासचिव रहे पेरेज़ डी कुएयर को शांतिवार्ता के रास्ते निकालने और कठिन दौर में विश्व संगठन का नेतृत्व करने के लिए याद किया जाता है.

यूएन महासभा में क्या होता रहता है!

संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह (जनरल डिबेट) के दौरान जगमगाती चकाचौंध के बीच दुनिया भर के लोगों और मीडिया का ध्यान इसी पर केंद्रित हो जाता है. मगर जब ये सप्ताह समाप्त होने के साथ ही चकाचौंध कुछ धीमी पड़ती है तो महासभा का विस्तृत कामकाज जारी रहता है जो ये सदन अपनी मुख्य समितियों के माध्यम से करती है. यूएन महासभा मुख्य रूप में विचार-विमर्श और चर्चा के केंद्र है और इस विश्व संगठन का बहुत सारा कामकाज इन्हीं समितियों के ज़रिए किया जाता है.

 

बच्चों का ऐतिहासिक जलवायु मुक़दमा

स्वीडन मूल की युवा जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और एलेक्ज़ेन्ड्रिया विलासेनोर समेत 12 देशों के 16 बच्चों ने जलवायु संकट पर सरकार द्वारा कार्रवाई न होने के विरोध में, संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समिति के सामने 24 सितंबर को एक ऐतिहासिक आधिकारिक याचिका दायर की है. एक रिपोर्ट...