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यमन: कोविड-19 के माहौल में लोग डर, नफ़रत और विस्थापन की भी चपेट में

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यकर्ताओं ने कहा है कि यमन में कोविड-19 महामारी के फैलने के डर ने लोगों को नए सिरे से विस्थापित होने के लिये मजबूर कर दिया है. अनेक वर्षों से युद्धग्रस्त देश यमन में बहुत से लोगों को जीवित रहने की ख़ातिर अपने पास बचा-खुचा सामान बेचने के लिये भी मजबूर होना पड़ा है. 

यमन: बेहतर भविष्य के लिये योजना की बुनियाद हैं जनता की चिन्ताएँ व आशाएँ

यमन में सरकार और अन्सार अल्लाह के बीच हिंसक संघर्ष छठे वर्ष में प्रवेश कर रहा है. देश में हिंसा और अस्थिरता का यमनी नागरिकों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है. यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने यूएन न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में देश में मौजूदा हालात और चुनौतियों व लम्बे समय से शान्ति बहाली के लिये किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की है...

यमन में धन की कमी के कारण लाखों महिलाओं व लड़कियों पर जोखिम

युद्धग्रस्त देश यमन में मध्य मई में जब कोविड-19 महामारी पहुँची तो लगभग उसी समय प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के पास धनराशि भी ख़त्म हो गई. इस कारण एजेंसी को देश के 180 स्वास्थ्य केन्द्रों व अस्पतालों में से 140 में प्रजनन स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाएँ स्थगित करनी पड़ी हैं.

चिकित्सा सामग्री से भरा यूनीसेफ़ का विमान यमन पहुँचा

संयुक्त राष्ट्र बालकोष – यूनीसेफ़ ने युद्धग्रस्त देश यमन में कोविड-19 का फैलाव रोकने में मदद के लिए जीवनदाई सामग्री के साथ एक विमान भेजा है जो शनिवार को राजधानी सना पहुँच गया है.

कोविड-19 महामारी से यमन में मानवीय संकट और गहराया

पिछले कई वर्षों से युद्ध से बदहाल यमन में वैश्विक महामारी कोविड-19 का फैलाव पहले से ही गम्भीर हालात को और विकट बना सकता है. देश में स्वास्थ्य सेवाएँ चरमरा रही हैं और अतिरिक्त वित्तीय मदद के अभाव में वे ढह जाँएगी. मानवीय राहत मामलों में समन्वय के संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने यह चेतावनी शुक्रवार को जारी की है.

युद्धग्रस्त यमन में जल्द 'शान्ति हासिल करना सम्भव'

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने सुरक्षा परिषद को वहाँ के हालात से अवगत कराते हुए भरोसा जताया है कि देश हिंसा पर जल्द विराम लगने के नज़दीक पहुँच गया है लेकिन आशावान होने के साथ-साथ सतर्कता बरतते रहना ज़रूरी है. उनके मुताबिक शान्ति क़ायम करने के लिए हुई बातचीत में ठोस प्रगति हुई है, विशेषकर युद्धविराम के मुद्दे पर.

'यमन दो मोर्चों पर युद्ध नहीं लड़ सकता'

यमन में वैश्विक महामारी कोविड-19 के और ज़्यादा गंभीर होते जाने के कारण अब बिल्कुल सही वक़्त है कि युद्धरत पक्ष अपनी अदावत ख़त्म करके लड़ाई बन्द कर दें. यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने गुरूवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में कही.  

यमन में एकतरफ़ा युद्धविराम की घोषणा का स्वागत 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने युद्ध से त्रस्त यमन में सऊदी अरब की ओर से संघर्षविराम की घोषणा का स्वागत किया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस एकतरफ़ा घोषणा से यमन में शांति स्थापना के प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने के साथ-साथ कोविड-19 महामारी का फैलाव भी रोका जा सकेगा.  

यमन: सैन्य गतिविधियाँ तुरंत रोकने की पुकार

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने यमन के उत्तरी इलाक़े का दौरा करते हुए सैन्य गतिविधियाँ तुरंत रोके जाने की पुकार लगाई है. साथ ही उन्होंने युद्धरत पक्षों से से भी युद्धक गतिविधियों में कमी लाने के लिए साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है.

यमन: युद्ध में तेज़ी को रोकना होगा, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद के एक आपात सत्र में कहा कि देश में सरकार समर्थक सेनाओं और विद्रोहियों समर्थित लड़ाकों के बीच हिंसा में हाल के समय में आई तेज़ी को रोकना होगा, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए. दोनों पक्षों के बीच बीते कुछ सप्ताहों के दौरान कुछ शांति बनी हुई थी.