यमन

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 13 नवम्बर 2020

इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...

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यमन: अकाल की आशंका के बीच व्यापक राजनैतिक समाधान की अपील

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने स्थानीय लोगों की व्यथा पर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि उनकी पीड़ाओं को दूर करने के लिये शान्ति प्रयासों में पूरी ऊर्जा झोंके जाने की ज़रूरत है. यूएन दूत ने बुधवार को वीडियो लिन्क के ज़रिये सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए हिंसा रोकने, देश को खोलने और समावेशी राजनैतिक समाधान की तलाश तेज़ करने की पुकार लगाई है.

यमन में बाल कुपोषण का गम्भीर संकट, पूरी पीढ़ी पर मँडराता जोखिम

यमन में भुखमरी के कारण हाल के दिनों में कुपोषण से पीड़ित बच्चो की संख्या अभूतपूर्व दर से बढ़ रही है. यमन को दुनिया में सबसे ख़राब मानवीय संकट के रूप में देखा जाता है और देश में हिंसक संघर्ष और आर्थिक बदहाली को दुष्प्रभावों को दूर करने के लिये पर्याप्त धनराशि का अभाव हालात को और जटिल बना रहा है.   

फ़ारस खाड़ी क्षेत्र में शान्ति व स्थिरता की ख़ातिर एक सुर में काम करना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि फ़ारस खाड़ी क्षेत्र में जटिल व बहुआयामी चुनौतियों को देखते हुए ये ग़ौर करना बहुत ज़रूरी है कि हर कोई, ख़ासतौर से सुरक्षा परिषद शान्ति व सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये किस तरह सर्वसम्मत रूप में काम कर सकती है.

यमन: युद्धरत पक्षों को शान्ति वार्ता के लिये साहस दिखाना होगा

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवीय सहायता अधिकारी ने कहा है कि यमन में सभी युद्धरत पक्षों को आम लोगों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने के लिये और ज़्यादा कार्रवाई करनी होगी. कई वर्ष से युद्धरत यमन में हाल के सप्ताहों के दौरान युद्धक गतिविधियों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या काफ़ी बढ़ी है.

यमन में क़ैदियों की रिहाई से शान्ति स्थापना की उम्मीदों को मिली मज़बूती

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने युद्धरत पक्षों के बीच एक हज़ार से ज़्यादा बन्दियों को रिहा किये जाने पर हुई सहमति का स्वागत किया है. उन्होंने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को मौजूदा हालात की जानकारी देते हुए बताया कि शान्ति निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये अन्य क़दम भी उठाने होंगे.

यमन: युद्धरत पक्षों के बीच 1000 बन्दियों की रिहाई के लिये रज़ामन्दी

यमन में युद्धरत पक्ष बन्दियों के पहले समूह की रिहाई की के लिये रज़ामन्द हुए हैं. सप्ताहान्त के दौरान स्विट्ज़रलैण्ड़ में सप्ताह भर चली बैठक के आख़िर में ये रज़ामन्दी हुई जिसे संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने “एक बहुत ही महत्वपूर्ण पड़ाव” क़रार दिया है.

यमन: युद्ध और कोविड-19 से लाखों लोग तबाही के कगार पर

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने गुरुवार को बताया कि पाँच साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध ने "यमन के करोड़ों लोगों का जीवन तबाह कर दिया है." विशेषज्ञों का अनुमान है कि यमन में लगभग दस लाख लोग कोविड-19 से प्रभावित हुए हैं.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 11 सितम्बर 2020

11 सितम्बर 2020 के इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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युद्धग्रस्त यमन में ईंधन संकट का तत्काल हल ज़रूरी

यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने सभी पक्षों तुरन्त उनके कार्यालय से सम्पर्क करके एक ऐसा समाधान तलाश करने के लिये साथ मिलकर काम करने का आहवान किया है जिसके ज़रिये युद्धग्रस्त देश के लोगों की ईंधन की बुनियादी ज़रूरतें पूरी सकें. अन्सार अल्लाह गुट के नियन्त्रण वाले इलाक़ों में ईंधन की भारी क़िल्लत हो गई है.