यौन हिंसा

महिलाओं पर हिंसा एक बाधा है शांतिपूर्ण भविष्य के रास्ते में

महिलाओं के प्रति हिंसा के उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिंसा पीड़ितों के प्रति एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इस मानवाधिकार हनन के अंत की पुकार लगाई है. बलात्कार को मानवाधिकारों का एक ऐसा गंभीर उल्लंघन क़रार दिया गया है जिसके लंबे समय के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं.

यौन हिंसा: कला के ज़रिए तकलीफ़ों की दास्तान

दुनिया भर में करोड़ों महिलाएँ और लड़कियाँ यौन हिंसा का शिकार होती हैं और भयावह तकलीफ़ में जीवन जीती हैं. यौन हिंसा अब भी युद्ध के एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल की जाती है. यौन हिंसा के दंश की तकलीफ़ को बयाँ करती एक प्रदर्शनी. प्रस्तुति शिवानी काला...

हिंसक संघर्ष में यौन हिंसा का अंत करने के प्रयासों का दशक

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हिंसक संघर्ष के दौरान होने वाली यौन हिंसा की रोकथाम करने और उससे निपटने के लिए दस वर्ष पहले एक नए कार्यालय की स्थापना की थी. यूएन उपप्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने उस मैंडेट के दस साल पूरे होने के अवसर पर मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ऐसे अपराधों की रोकथाम करने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संकल्प का होना बेहद आवश्यक है.

महिलाओं व लड़कियों के लिए 'बदलाव की रफ़्तार धीमी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि महिलाएँ, शांति व सुरक्षा पर आधारित एजेंडा यूएन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बने रहना चाहिए. उन्होंने सुरक्षा परिषद में मंगलवार को एक खुली बहस के दौरान दुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि संकल्पों के बावजूद दुनिया भर में वास्तविक बदलाव अभी नहीं दिखाई दे रहा है और परिवर्तन की गति धीमी है.

म्यांमार की सेना पर सुनियोजित ढंग से यौन हिंसा और प्रताड़ना के आरोप

संयुक्त राष्ट्र के ‘इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल फ़ैक्ट-फ़ाइंडिंग मिशन’ ने कहा है कि म्यांमार की सेना ने देश के जातीय अल्पसंख्यकों को आतंकित और दंडित करने के लिए यौन और लिंग आधारित हिंसा का सहारा लिया है जिसे रोका जाना होगा. अपनी नई रिपोर्ट में मिशन ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2017 में राखीन प्रांत में हिंसा का क्रूर स्वरूप दर्शाता है कि सेना की मंशा रोहिंज्या समुदाय को बर्बाद करने की थी.

सशस्त्र संघर्षों में फंसे बच्चों के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे

बच्चों और सशस्त्र संघर्षों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि वर्जीनिया गांबा ने कहा है कि सशस्त्र संघर्षों में फंसे बच्चों की मदद के लिए सुरक्षा परिषद को एकजुट होना होगा. शुक्रवार को उन्होंने कहा कि बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुज़ारने को मजबूर हैं और उनकी व्यथा को देखते हुए सुरक्षा परिषद को एक साथ मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है.

यौन उत्पीड़न: हादसों के अंधेरों से उम्मीद की किरण

संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों और उनके बैनर तले काम करने वाले लोगों द्वारा यौन शोषण और उत्पीड़न का शिकार हुए लगभग तीन हज़ार 340 महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को सहारा और समर्थन देकर उनकी ज़िंदगी फिर से पटरी पर लाने में कामयाबी मिली है. 2016 में गठित किए गए संयुक्त राष्ट्र ट्रस्ट कोष की बदौलत ये संभव हो सका है.

'सामूहिक सुरक्षा को ख़तरा' है हिंसा और संघर्ष के दौरान यौन हिंसा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अशांत इलाक़ों में यौन हिंसा हमारी सामूहिक सुरक्षा के लिए एक ख़तरा और साझा मानवीयता पर एक कलंक है. हिंसा और संघर्ष में यौन हिंसा के उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर उन्होंने पीड़ितों की आवाज़ों को सुनने और उनकी ज़रूरतों को पहचाने जाने पर ज़ोर दिया है.

सूडान में प्रदर्शनकारियों के साथ बलात्कार की रिपोर्टों पर चिंता

हिंसा और संघर्ष के दौरान यौन हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन ने सूडान की राजधानी खार्तूम में लोकतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों के विरुद्ध सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बलात्कार की रिपोर्टों पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने सैन्य मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा को तत्काल रोके जाने का आग्रह किया है.

यौन और लिंग आधारित हिंसा से निपटने के लिए करोड़ों डॉलर की मदद

यौन और लिंग आधारित हिंसा एक वैश्विक समस्या है जिससे बड़ी संख्या में लोगों और समुदायों का जीवन प्रभावित हो रहा है. हिंसा और प्राकृतिक आपदाओं से उपजे मानवीय संकटों के दौरान ऐसे मामले विशेष रूप से सामने आते हैं. शुक्रवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित एक सम्मेलन में 21 अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं ने इन अपराधों की रोकथाम और उपायों के लिए 36.3 करोड़ डॉलर मुहैया कराने की घोषणा की है.