विस्थापन

रोहिंज्या संकट पर सम्मेलन – वित्तीय मदद का संकल्प, दीर्घकालीन समाधान ढूँढने पर ज़ोर   

म्याँमार के विस्थापित रोहिंज्या समुदाय की मदद के लिये अन्तरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र की मेज़बानी में हुए एक दानदाता सम्मेलन में 60 करोड़ डॉलर की धनराशि का संकल्प लिया गया है. गुरुवार को यह सम्मेलन इस वादे के साथ समाप्त हो गया कि रोहिंज्या की पीड़ाओं का दीर्घकालीन समाधान निकालने के लिये सम्बद्ध देशों के साथ सम्वाद जारी रखा जायेगा. 

मध्य सहेल में बदतर होते हालात की रोकथाम के लिये तत्काल कार्रवाई की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अफ़्रीका के मध्य सहेल क्षेत्र में भुखमरी, हिंसा और कोविड-19 जैसी विकराल चुनौतियों के मद्देनज़र मानवीय राहत आवश्यकताएँ चरम स्तर पर पहुँच रही हैं जिनसे निपटने के लिये दुनिया को प्रयास अभी करने होंगे. महासचिव ने क्षेत्र में पनपते संकट के मुद्दे पर मंगलवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में यह पुकार लगाई है.

यमन: युद्धरत पक्षों को शान्ति वार्ता के लिये साहस दिखाना होगा

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवीय सहायता अधिकारी ने कहा है कि यमन में सभी युद्धरत पक्षों को आम लोगों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने के लिये और ज़्यादा कार्रवाई करनी होगी. कई वर्ष से युद्धरत यमन में हाल के सप्ताहों के दौरान युद्धक गतिविधियों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या काफ़ी बढ़ी है.

यमन: कोविड-19 के माहौल में लोग डर, नफ़रत और विस्थापन की भी चपेट में

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यकर्ताओं ने कहा है कि यमन में कोविड-19 महामारी के फैलने के डर ने लोगों को नए सिरे से विस्थापित होने के लिये मजबूर कर दिया है. अनेक वर्षों से युद्धग्रस्त देश यमन में बहुत से लोगों को जीवित रहने की ख़ातिर अपने पास बचा-खुचा सामान बेचने के लिये भी मजबूर होना पड़ा है. 

विश्व भर में क़रीब आठ करोड़ लोग जबरन विस्थापित

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) की नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2019 में जबरन विस्थापन का शिकार लोगों की सँख्या बढ़कर सात करोड़ 95 लाख से भी ज़्यादा हो गई. युद्ध, हिंसा, यातना और आपात हालात के कारण पिछले एक दशक में यह सँख्या लगभग दोगुनी हो गई है. 20 जून को ‘विश्व शरणार्थी दिवस’ से ठीक पहले जारी इस रिपोर्ट में यूएन एजेंसी ने विस्थापितों की मदद के लिए सरकारों से पहले से कहीं ज़्यादा प्रयास करने का आहवान किया है.     

घरेलू विस्थापितों की पीड़ा दूर करने के उपायों पर चर्चा

विश्व भर में चार करोड़ से ज़्यादा लोग घरेलू विस्थापन का शिकार है और वर्ष 2020 की शुरुआत से अब तक हज़ारों-लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस स्थिति को अस्वीकार्य क़रार देते हुए घरेलू विस्थापितों की समस्याओं के लिए नए समाधानों की तलाश करने का आग्रह किया है.

सीरिया में ताज़ा हिंसा और विस्थापन के बीच लड़ाई रोकने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े में सैन्य कार्रवाई तेज़ होने के बाद उपजे हालात पर चिंता जताते हुए लड़ाई तत्काल रोके जाने की अपील की है. हिंसा प्रभावित इलाक़ों में लोग नए सिरे से विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में भीड़ बढ़ने और तापमान गिरने से चुनौतियां बढ़ गई हैं.

विश्व शरणार्थी फ़ोरम: मदद व्यवस्था में जान फूँकने की पुकार

विश्व को शरणार्थियों की परिस्थितियों का सामना करने के तरीक़ों में बदलाव लाने की ज़रूरत है और उन देशों की मदद करने के लिए ज़्यादा क़दम उठाने होंगे जो अपने यहाँ शरणार्थियों को पनाह देते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जिनीवा में विश्व शरणार्थी मंच में मंगलवार को ये पुकार लगाई.

2020 में सहायता के ज़रूरतमंदों की होगी रिकॉर्ड संख्या

संयुक्त राष्ट्र की आपदा राहत एजेंसी के प्रमुख ने कहा है कि वर्ष 2020 में दुनिया भर में लगभग 16 करोड़ 80 लाख लोगों को मदद की ज़रूरत होगी और ये लोग 50 से भी अधिक देशों में मौजूद होंगे. एजेंसी के प्रमुख मार्क लोकॉक ने इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मदद ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 29 अरब डॉलर की मानवीय सहायता रक़म जुटाने का आहवान किया है.

सीरिया के इदलिब में संघर्षविराम पर सुरक्षा परिषद सहमति से दूर

सीरिया के इदलिब प्रांत में सरकारी सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच चल रही लड़ाई को रोकने के लिए सुरक्षा परिषद में गुरूवार को दो प्रस्ताव लाए गए लेकिन दोनों ही पारित नहीं हो पाए. लंबे समय से गृहयुद्ध से जूझ रहे सीरिया के इदलिब प्रांत में विद्रोहियों का व्यापक दबदबा है जिसे तोड़ने के लिए सुरक्षा बल अभियान चला रहे हैं लेकिन इससे बड़ी संख्या में लोग विस्थापन का शिकार हुए हैं और वहां मानवीय संकट खड़ा हो गया है.