विरोध प्रदर्शन

विरोध प्रदर्शनों पर तालेबान का हिंसक होता रवैया – यूएन की मानवाधिकार चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने आगाह किया है कि अफ़ग़ानिस्तान के अनेक हिस्सों में, नया तालेबान प्रशासन पिछले चार सप्ताह से, शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध हिंसक कार्रवाई कर रहा है. इस दौरान गोलियों, लाठियों और कौड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

म्याँमार: ‘क्रूर दमनात्मक कार्रवाई’ पर विराम के कोई आसार नहीं

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने आगाह किया है कि ऐसे समय जब दुनिया की नज़रें, म्याँमार में शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं, देश में सैन्य नेतृत्व ने, अपनी ही जनता के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों के अन्य उल्लंघनों को अंजाम देना जारी रखा है. यूएन प्रवक्ता ने म्याँमार में, सैन्य तख़्ता पलट के 100 दिन पूरे होने पर  कहा कि विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों को दबाने की कार्रवाई में कमी आने के कोई संकेत नहीं हैं.

म्याँमार: आम जन के साथ एकजुटता और उनकी रक्षा ज़रूरी, यूएन विशेषज्ञ का आग्रह

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने ध्यान दिलाया है कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय का यह दायित्व है कि म्याँमार में, अपने ही देश की सेना द्वारा किये जा रहे हमलों का सामना कर रहे लोगों की रक्षा की जाए. यूएन न्यूज़ के साथ उनकी ख़ास बातचीत का यह दूसरा हिस्सा है, जिसमें विशेष रैपोर्टेयर ने म्याँमार के पड़ोसी देशों से, सुरक्षा की ख़ातिर भाग रहे लोगों को शरण देने का आग्रह किया है.

म्याँमार: सेना की पूरी कोशिश, 'दुनिया के सामने सच्चाई ना आए'

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर सयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास इण्टरव्यू में बताया है कि सैन्य नेतृत्व पूरी कोशिश कर रहा है कि देश से सच को बाहर जाने से रोका जा सके. उनके मुताबिक़ सेना नहीं चाहती है कि म्याँमार में हालात के बारे में, दुनिया को सही जानकारी मिल सके. यूएन विशेषज्ञ ने उन उपायों का इस्तेमाल किये जाने की सिफ़ारिश की है कि जोकि अतीत में सफल साबित हो चुके हैं.  

म्याँमार में हिंसा तत्काल रोकनी होगी - यूएन एजेंसियाँ

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र की टीम ने देश में आम नागरिकों के विरुद्ध हिंसा पर विराम लगाए जाने की अपनी पुकार फिर दोहराई है. म्याँमार में, एक फ़रवरी को, सैन्य तख़्तापलट के बाद व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. 

म्याँमार की सेना, देश के भविष्य के लिये ख़तरा - यूएन दूत की चेतावनी

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने कहा है कि देश की सेना अपने ही नागरिकों के ख़िलाफ़ खड़ी हो गई है, जिससे देश के भविष्य पर जोखिम मंडरा रहा है. विशेष दूत ने म्याँमार में वार्षिक 'सैन्य बल दिवस' की पूर्व संध्या पर, शुक्रवार को जारी अपने बयान में म्याँमार मे हालात पर चिन्ता जताई है.  

म्याँमार: प्रदर्शनकारियों पर हिंसा में तेज़ी, मानवाधिकार कार्यालय ‘बेहद व्यथित’

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने म्याँमार में शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई पर गहरा क्षोभ प्रकट किया है. यूएन कार्यालय के अनुसार सड़कों पर मृतकों का आँकड़ा बढ़ना, घातक बल का आक्रामक इस्तेमाल किया जाना, और लोगों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेने के बाद यातना दिये जाने की ख़बरें, चिन्ता का कारण हैं.

म्याँमार: ‘क्रूर’ कार्रवाई में लोगों की मौत की निन्दा, लोकतन्त्र बहाली की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में, सप्ताहान्त के दौरान, देश की सेना द्वारा, अनेक प्रदर्शनकारियों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, लोकतन्त्र की बहाली की पुकार लगाई है. म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने भी देश में ‘जारी रक्तपात’ की कड़े शब्दों में निन्दा की है. 

म्याँमार: शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा की कड़े शब्दों में निन्दा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने म्याँमार में शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध हिंसा की कठोर शब्दों में निन्दा की है और चिकित्साकर्मियों, नागरिक समाज, श्रम संगठनों व पत्रकारों पर लगाई गई पाबन्दियों पर गहरी चिन्ता जताई है. फ़रवरी महीने में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा जमाने के बाद से ही म्याँमार में व्यापक स्तर पर देश के अनेक शहरों में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं.

म्याँमार: यंगून में शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित छोड़ दिये जाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को, म्याँमार के यंगून शहर में उन सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित रिहा कर दिये जाने देने की माँग की है, जो सुरक्षा बलों की घेराबन्दी में फँस गए थे. ख़बरों के अनुसार, शहर के सानचाउंग इलाक़े में शान्तिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को, कई घण्टों तक इलाक़ा छोड़कर नहीं जाने दिया गया था.