विकास

एशिया-प्रशान्त: अन्तरिक्ष टैक्नॉलॉजी की मदद से टिकाऊ विकास को बढ़त

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि एशियाई व प्रशान्त देश कोरोनावायरस महामारी के फैलाव व प्रभाव का मुक़ाबला करने और अन्य ज़मीनी चुनौतियों का सामना करने के लिये अन्तरिक्ष भू-स्थानिक टैक्नॉलॉजी का भरपूर फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र कैसे करता है संघर्ष रोकथाम व निवारण

जब सदस्य देशों ने 75 वर्ष पहले यूएन चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे, इसका मक़सद आने वाली पीढ़ियों को तीसरे विश्व युद्ध से बचाना था. इसका मक़सद संघर्ष टालना व रोकना भी था. इसलिये संयुक्त राष्ट्र के लिये संघर्ष निवारण अब भी एक केन्द्रीय प्राथमिकता है. फिर भी, सम्बन्ध पक्षों को शान्ति के लिये राज़ी करना बहुत कठिन काम है, ख़ासतौर से तब, जब वो शान्ति नहीं चाहते हों.

कोविड-19 ने बदली ऑनलाइन शॉपिंग की तस्वीर, नया सर्वेक्षण

उभरती हुई और विकसित अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में हुआ एक नया सर्वेक्षण दर्शाता है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 ने ऑनलाइन ख़रीदारी के रूप को हमेशा के लिये बदल दिया है और यह रुझान बरक़रार रहने की सम्भावना है. व्यापार एवँ विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) और साझीदार संगठनों द्वारा नौ देशों में साढ़े तीन हज़ार से ज़्यादा उपभोक्ताओं पर आधारित इस सर्वेक्षण में यह तस्वीर उभरी है.

सहिष्णुता, सहयोग, समरसता को बढ़ावा देने में भाषा अनुवाद की अहम भूमिका

राष्ट्रों को जोड़ने और शान्ति, आपसी समझ व विकास को प्रोत्साहन देने में भाषा पेशेवरों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार, 30 सितम्बर को ‘अन्तरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस’ मनाया जा रहा है. 

समावेश व लोगों की ज़्यादा सहभागिता से शासन नीतियाँ बेहतर होंगी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ना केवल कोविड-19, बल्कि जलवायु परिवर्तन, ज़्यादा भागीदारी वाली राजनीति व मानवाधिकारो के लिये जद्दोजहद, और कम होता सार्वजनिक अविश्वास, इन सभी चुनौतियों ने समाजों को कड़ी निगरानी के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है जिन्हें सामाजिक व आर्थिक अन्यायों ने अपनी चपेट में ले रखा है.

UNCTAD: वैश्विक महामारी से उबरने में सभी की समृद्धि का रास्ता...

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की वर्ष 2020 की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी ने अत्यधिक वैश्वीकृत विश्व की कमियों को उजागर कर दिया है जो 1980 के दशक में शुरू हुआ था. इसमें असमानता के उच्च स्तर, किरायों का एकीकृत होना, श्रम बाज़ार का कम होता हिस्सा, अनौपचारिक सैक्टर का बढ़ता दायरा और क़र्ज़ का बढ़ता स्तर और देशों की घटती भूमिका जैसी ख़ामियाँ शामिल हैं. संगठन के  वैश्वीकरण और विकास रणनीति विभाग में आर्थिक मामलों की वरिष्ठ अधिकारी रश्मि बाँगा का ब्लॉग...

लेबनान में नेताओं को राजनीति से हटकर लोगों की बेहतरी को महत्व देना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि लेबनान में तमाम नेताओं को अगस्त में बेरूत बन्दरगाह पर हुए भीषण विस्फोट के बाद की चुनौतियों का सामना करने के लिये राजनीति को पीछे छोड़कर आम लोगों की भलाई को ऊपर रखना होगा.

बेहतर भविष्य के लिये युवाओं के जोश का सदुपयोग अहम, 2020 के युवा चैम्पियन

संयुक्त राष्ट्र ने टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 17 पैरोकारों को वर्ष 2020 के युवा चैम्पियन के रूप में मान्यता दी है.

डिजिटल अर्थव्यवस्था आमजन को बना सकती है वित्त का नियन्त्रक

डिजिटल अर्थव्यवस्था के जोखिमों और फ़ायदों की गहन जानकारी जुटाने के लिये बनाए गए एक यूएन कार्यदल ने कहा है कि इस अर्थव्यवस्था का टिकाऊ विकास पर परिवर्तनशील प्रभाव हो सकता है, और ये नागरिकों को करदाता व निवेशक दोनों के रूप में सशक्त बना सकती है.

कोविड-19: वर्तमान स्थिति पर चिन्तन और भविष्य के आकलन का समय

जनसंख्या के हिसाब से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश भारत भी कोविड संकट से जूझ रहा है. अपनी विशिष्ट संस्कृति और जनसंख्या समूहों के कारण यहाँ की चुनौतियाँ भी अभूतपूर्व हैं. एक अरब 37 करोड़ की आबादी वाला ये देश दुनिया की सबसे युवा आबादी का भी प्रतिनिधित्व करता है. ऐसे में, कोविड-19 के ख़त्म होने के बाद देश के सकारात्मक पहलुओं को समन्वित करके, किस तरह चुनौतियों से निपटा जाए – 11 जुलाई को 'विश्व जनसंख्या दिवस' पर इन्हीं मुद्दों पर प्रकाश डालता भारत में यूएनएफ़पीए की प्रतिनिधि, अर्जेंटीना मातावेल का ब्लॉग.