वैश्विक तापमान

कोयले के इस्तेमाल की ‘घातक लत’ से छुटकारा पाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोयले पर निर्भरता का अन्त करके, वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी पर असरदार ढँग से रोक लगाई जा सकती है. यूएन प्रमुख ने मंगलवार को, बिजली उत्पादन में कोयले के इस्तेमाल से निजात पाने के लिये समूह (Powering Past Coal Alliance) के एक ऑनलाइन कार्यक्रम में सरकारों, स्थानीय निकायों व निजी क्षेत्र के प्रतनिधियों को सम्बोधित करते हुए ये बात कही है. 

2020, अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक: यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) के अनुमान दर्शाते हैं कि वर्ष 2020 अब तक के तीन सबसे गर्म सालों में से एक रहा है और वर्ष 2016 को पीछे धकेल कर अब तक का सर्वाधिक गर्म साल साबित होने का रिकॉर्ड भी बनाने के नज़दीक था.  

जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तत्काल क़दम बढ़ाने का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्व संगठन का मुख्य लक्ष्य इस सदी के मध्य तक कार्बन तटस्थता, यानि नैट कार्बन उत्सर्जन की स्थिति हासिल करने के लिये, वैश्विक गठबन्धन का निर्माण करना है. महासचिव गुटेरेश ने, सोमवार को जलवायु कार्रवाई पर चर्चा के लिये आयोजित एक सम्मेलन के दौरान यह बात कही है. 

जलवायु परिवर्तन से मुक़ाबले में ‘विज्ञान, एकजुटता और समाधानों’ की दरकार

वायुमण्डल में ग्रीनहाउस गैसों की सघनता अपने रिकॉर्ड स्तर पर है, कोविड-19 के कारण कार्बन उत्सर्जनों में दर्ज की गई क्षणिक गिरावट के बाद अब उत्सर्जन की मात्रा फिर बढ़ रही है और वैश्विक तापमान में वृद्धि नई ऊँचाइयों को छू रही है. संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को जलवायु परिवर्तन पर एक नई रिपोर्ट पेश की है जिसमें ये तथ्य उभर कर सामने आये हैं. 

वातानुकूलित उपकरणों को ऊर्जा दक्ष बनाने से ग्रीनहाउस गैसों में भारी कटौती सम्भव

गर्मी से राहत दिलाने वाले और घरों व कार्यालयों को ठण्डा करने वाले उपकरणों को जलवायु अनुकूल और ऊर्जा दक्ष बनाकर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में अगले चार दशकों में 460 अरब टन की कटौती की जा सकती है - यह मात्रा वर्ष 2018 में उत्सर्जन के स्तर के आधार पर  लगभग आठ वर्षों के कुल वैश्विक उत्सर्जन के बराबर है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और अन्तरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की एक साझा रिपोर्ट में पर्यावरण के लिये हानिकारक उत्सर्जनों से निपटने में जलवायु अनुकूल समाधानों की अहमियत को रेखांकित किया गया है.  

जलवायु संकट: मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर, समुचित तैयारी की कमी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि चरम मौसम की घटनाओं – लू, चक्रवाती तूफ़ानों, बाढ़, सूखा – से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है लेकिन इसके बावजूद अधिकतर देश इस दिशा में अभी पर्याप्त स्तर पर प्रयास नहीं कर रहे हैं. वहीं यूएन की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) ने कहा है कि वर्ष 2019 में समाप्त होने वाला दशक अब तक का सबसे गर्म दशक साबित होने की संभावना है. 

बढ़ते तापमान की क़ीमत चुका रहे हैं महासागर और बर्फ़ीले इलाक़े

वैश्विक तापमान में दशकों से हो रही बढ़ोत्तरी और जलवायु परिवर्तन से महासागरों और बर्फ़ से जमे क्षेत्रों पर भारी असर पड़ रहा है. जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने एक नई रिपोर्ट में चेतावनी जारी की है कि अगर मानवीय गतिविधियों में बड़े बदलाव नहीं आए तो समुद्री जलस्तर के बढ़ने, प्राकृतिक आपदाओं के बार-बार आने और खाने-पीने की क़िल्लत से करोड़ों लोग प्रभावित होंगे.

जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध दौड़ हमें जीतनी ही होगी - यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु की आपात स्थिति और बढ़ते वैश्विक तापमान पर चिंता ज़ाहिर करते हुए विश्व नेताओं से आगामी शिखर वार्ता में ठोस जलवायु कार्रवाई के लिए बढ़ी हुई महत्वाकांक्षा के साथ आने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कार्रवाई अभी नहीं की गई तो दुनिया को जल्द उसके दुष्परिणाम झेलने पड़ेंगे.

जलवायु कार्रवाई के पक्ष में 'युवा आवाज़ों ने बंधाई उम्मीद'

जलवायु परिवर्तन पर ठोस कार्रवाई न हो पाने के विरोध में दुनिया भर में शुक्रवार को स्कूली बच्चों ने प्रदर्शन किए. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वह विरोध प्रदर्शन कर रहे बच्चों के डर को समझते हैं लेकिन भविष्य के लिए आशावान हैं.