विश्वव्यापी महामारी

इंस्टाग्राम पर सोफ़िया (@shots_by_sophia) ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण समाज द्वारा एशियाई लोगों को निशाना बनाया जाना ठीक नहीं है.
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कोविड-19: सख़्त पाबंदियों से निर्बल समुदायों पर सबसे अधिक असर

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने कहा है कि अनेक देशों से व्यथित करने वाली ऐसी जानकारी मिल रही हैं जो दर्शाती हैं कि तालाबंदी की सख़्त पाबंदियों से ज़हरीला माहौल पनप रहा है और जिससे समाज के सबसे निर्बल वर्ग पर भारी असर पड़ रहा है. ग़ौरतलब है कि पिछले हफ़्ते ही यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया था कि कोविड-19 संकट के बहाने दमनकारी क़दम उठाए जाने से बचाना होगा क्योंकि ख़तरा वायरस से है, लोगों से नहीं. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस.
UN Photo/Eskinder Debebe

कोविड-19: अमेरिकी रक़म रुकने से WHO के कामकाज पर असर की समीक्षा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 को मानवता का ख़तरनाक दुश्मन बताते हुए उससे निपटने में अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की अहमियत को दोहराया है. उन्होंने अमेरिका के उस निर्णय पर खेद जताया है जिसमें यूएन स्वास्थ्य एजेंसी को दी जाने वाली धनराशि तब तक रोके जाने की बात कही गई है जब तक महामारी फैलने के शुरुआती चरण में एजेंसी द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा पूरी नहीं हो जाती.

काँगो गणराज्य में माया माया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की जाँच करते हुए स्वास्थ्यकर्मी - स्वयंसेवक
WHO/D. Elombat

कोविड-19: इन पॉंच मायनों में अहम है WHO की भूमिका

कोविड-19 के संक्रमण का पहला मामला चीन के वूहान शहर में दिसंबर 2019 में सामने आने के बाद संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विश्वव्यापी महामारी  से निपटने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. संगठन के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन पॉंच महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी जिनके तहत यूएन एजेंसी कोविड-19 के ख़िलाफ़ वैश्विक कार्रवाई का नेतृत्व कर रही है.