विश्व बैंक

अफ़ग़ानिस्तान में खाद्य व कृषि संगठन (FAO) द्वारा शीतकाल में गेहूँ की फ़सल के लिये मुहैया कराई गई, समयानुकूल मदद की बदौलत लगभग 13 लाख लोगों को फ़ायदा हुआ है, जिससे 17 लाख लोगों के लिये पर्याप्त गेहूँ की पैदावार होने की उम्मीद है.
©FAO/Giulio Napolitano

अफ़ग़ानिस्तान: बदतर होती खाद्य सुरक्षा से निपटने के लिये, मदद में तेज़ी

 संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने सोमवार को कहा है कि विश्व बैंक ने, अफ़ग़ानिस्तान में बेहद नाज़ुक हालात का सामना कर रही ग्रामीण आबादी को अति महत्वपूर्ण व जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराने के लिये सोमवार को, 15 करोड़ डॉलर की असाधारण रक़म जारी करने की घोषणा की है, और ये राशि, अति महत्वपूर्ण आजीविका व जीवनरक्षक सहायता के लिये, व्यापक साढ़े 19 करोड़ डॉलर के पैकेज का हिस्सा है.

सड़क दुर्घटनाएँ, 10-19 वर्ष आयु वर्ग में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण है.
WHO

दक्षिण एशिया में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिये सुरक्षित हैलमेट कार्यक्रम

सड़क सुरक्षा पर, 2022 के मध्य में संयुक्त राष्ट्र की उच्च स्तरीय बैठक बैठक होने वाली है. विश्व बैंक ने हाल ही में, कुछ दक्षिण एशियाई देशों में संयुक्त राष्ट्र के मानकों वाले हैलमेट उपलब्ध करवाने के लिये एक कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे इस क्षेत्र में सड़क दुर्घनाओं में मौतों की उच्च दर को बहुत कम किये जाने की उम्मीद है. दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात के लिये, सड़क सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत, ज्याँ टॉड और विश्व बैंक में दक्षिण एशिया क्षेत्र के उपाध्यक्ष, हार्टविग शेफ़र का संयुक्त ब्लॉग.

कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया भर में परिवारों के जीवन व आजीविका पर असर पड़ा है.
© UNICEF

कोविड-19: पारिवारिक आय में गिरावट, पीढ़ियों के लिये विषमता बढ़ने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) और विश्व बैंक (World Bank) की एक साझा रिपोर्ट दर्शाती है कि कोविड-19 महामारी के कारण, बच्चों वाले कम से कम दो-तिहाई घर-परिवारों को आय में नुक़सान झेलना पड़ा है और बड़ी संख्या में बच्चे बुनियादी ज़रूरतों से वंचित हो गए हैं.

भारत के गुवाहाटी शहर में एक स्वास्थ्यकर्मी ऑक्सीजन सिलेण्डर ले जाता हुआ.
© UNICEF/Biju Boro

भारत में ऑक्सीजन संकट के दीर्घकालीन हल की मुहिम

भारत में, 2021 के दौरान, अस्पतालों में भर्ती हुए कोविड-19 रोगियों की ख़ातिर ऑक्सीजन खोजने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे रिश्तेदारों के मार्मिक दृश्यों ने, दुनिया को इस गम्भीर व घातक बीमारी की भयावहता से रूबरू कराया. लेकिन यह पहली बार नहीं था जब देश के अस्पतालों ने इस जीवन-रक्षक गैस की कमी की समस्या का सामना किया हो. तो सवाल यह उठता है कि अगला बड़ा स्वास्थ्य संकट आने पर, क्या पर्याप्त आपूर्ति हो सकेगी.

श्रीलंका में, जंगली हाथियों से वाथुपोलगामा गाँव की रक्षा के लिये बिजली की बाड़ बनाने के लिये सामुदायिक परामर्श.
Danushka Wickramarathne

श्रीलंका: हरित, सहनसक्षम और समावेशी विकास से सबक़

एक नया विकास प्रतिमान उभर रहा है, जिसका उद्देश्य महामारी के बाद ऐसा आर्थिक सुधार करना है जो अधिक टिकाऊ, सहनसक्षम व समावेशी हो. विश्व बैंक के इस नए दृष्टिकोण को हरित, लचीले और समावेशी विकास, यानि GRID (Green, Resilient and Inclusive Development) का नाम दिया गया है, जिसके तहत जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 और असमानता के सम्बन्धित संकटों को समग्र रूप से सम्बोधित करने के लिये भागीदारों को मदद दी जाएगी.

दक्षिण अफ्रीका के जोहानेसबर्ग शहर के बाहर स्थित सूत के कारखाने में, एक व्यक्ति काम कर रहा है.
UNCTAD/Kris Terauds

विश्व बैंक: कोविड-19 के नए रूपों और बढ़ते क़र्ज़ से, वैश्विक आर्थिक विकास ख़तरे में

विश्व बैंक ने अपनी एक नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि अगले दो वर्षों में, कोविड-19 के नए रूपों के "ताज़ा ख़तरों" व बढ़ती मुद्रास्फ़ीति, ऋण और आय असमानता के कारण, वैश्विक विकास की गति धीमी होगी.

भारत के कई राज्यों में हवा की ख़राब गुणवत्ता बड़ी चिंता का कारण है.
UN India

भारत: वायु प्रदूषण के ख़िलाफ़ प्रदेशों की मुहिम

भारत में वायु गुणवत्ता प्रबन्धन एक क्षेत्रीय मुद्दा है. विश्व बैंक, राज्य-व्यापी स्वच्छ वायु कार्य योजना विकसित करने के लिये, शहर स्तर पर योजना बनाने में उत्तर प्रदेश और बिहार प्रदेशों की  मदद कर रहा है, जिसे पूरे राज्य में विस्तार के लिये उपयोग किया जा सकेगा.

फ़लस्तीन में, स्वेच्छा कर्मी, बुज़ुर्ग शरणार्थियों को, कोविड-19 वैक्सीन के लिये, पंजीकरण कराने को प्रोत्साहित करते हुए.
Fatima Abdel Jawad

महामारी के दौर में, शरणार्थियों के पुनर्वास की संख्या में बढ़ोत्तरी की प्रतीक्षा

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी - UNHCR) और विश्व बैंक की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से सीमाओं पर लगाई गई पाबन्दियों के कारण, सुरक्षित मेज़बान देशों में आश्रय दिये गए शरणार्थियों की संख्या में, तेज़ गिरावट दर्ज की गई है. इन हालात के कारण, निर्बल परिस्थितियों वाले लोगों के पुनर्वास में बाधाएँ बरक़रार हैं.

विश्व बैंक ने अपने कुछ साझीदारों के साथ मिलकर, बांग्लादेश में सौर ऊर्जा घर कार्यक्रम का वित्तपोषण किया है. इसके तहत, दूर-दराज़ के इलाक़ों में समुदायों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही हैं.
The World Bank

बांग्लादेश: 'सौर घर प्रणाली कार्यक्रम' साबित हुआ नया विकास वाहक

विश्व बैंक (World Bank) ने अन्य साझीदारों के साथ मिलकर, बांग्लादेश में घरों तक बिजली पहुँचाने के लिये 'सौर ऊर्जा घर प्रणाली' (SHS) कार्यक्रम को वित्तीय पोषण प्रदान किया, जिससे देश की विकास प्रक्रिया में अहम सहयोग मिला है. इस कार्यक्रम के ज़रिये, दूर-दराज़ के क्षेत्रों में समुदायों तक बिजली पहुँचाने वाले एक 'ऑफ़-ग्रिड सौर बाज़ार' के निर्माण के लिये सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच भागीदारी को समर्थन दिया गया. 

     

    भारत के मध्य प्रदेश में एक परिवार, जिसकी आय अर्जन क्षमता, कोविड-19 के कारण, बहुत की नीचे चली गई है.
    UNDP India/Dhiraj Singh

    कोविड सम्बन्धित क़र्ज़ पर मुद्रा कोष और विश्व बैंक के उपायों का स्वागत

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 के असर से उबरने की कोशिश में लगी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के सामने, क़र्ज़ राहत और अन्य वित्तीय दबाल के हालात में मदद करने के लिये, अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक समूह की विकास समिति द्वारा उठाए गए क़दमों का स्वागत किया है. उन्होंने इन विश्व संगठनों के क़दमों को, “आशा के संकेत और नवीनीकृत बहुपक्षवाद क़रार दिया है.”