विशेष दूत

ग़ाज़ा पट्टी में इसराली बमबारी में ध्वस्त हुए एक तीन-मंज़िला मकान के बाहर एक लड़की.
© UNICEF/Eyad El Baba

मध्य पूर्व: जायज़ राजनैतिक प्रक्रिया का कोई विकल्प नहीं, सुरक्षा परिषद में यूएन दूत

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये यूएन के विशेष समन्वयक टॉर वैनेसलैण्ड ने कहा है कि इसराइल के क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़ों में, राजनैतिक समाधान के अभाव में, ख़राब होते हालात अस्थिरता की ओर बढ़ रहे हैं. इसके मद्देनज़र, उन्होंने सचेत किया है कि टकराव को बढ़ावा देने वाले मूल मुद्दों के निपटारे के लिये, एक जायज़ राजनैतिक प्रक्रिया का कोई विकल्प नहीं है.

म्याँमार में युवजन, लोकतंत्र के समर्थन में हो रहे एक प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं.
Unsplash/Pyae Sone Htun

म्याँमार: आम लोगों की आवाज़ सर्वोपरि, यूएन प्रमुख का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में सैन्य तख़्तापलट का एक वर्ष पूरे होने के मौक़े पर, आम लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है, और देश के समावेशी व लोकतांत्रिक समाज की दिशा में लौटने के लिये क़दम बढ़ाने का आहवान किया है. म्याँमार में सैन्य नेतृत्व ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई आंग सान सू ची सरकार को, एक फ़रवरी 2021 को बेदख़ल कर दिया था, जिसके बाद से देश राजनैतिक संकट से जूझ रहा है. 

यमन में पिछले कई वर्षों से हिंसक संघर्ष का सामना कर रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई है.
UNOCHA/Giles Clarke

यमन: जनवरी में, रिकॉर्ड संख्या में आम नागरिकों के हताहत होने की आशंका

यमन में गहन होती हिंसा की आँच, देश के सीमाओं तक पहुँच रही है और हताहतों का आँकड़ा लगातार बढ़ रहा है. इसके मद्देनज़र, यमन के लिये विशेष दूत और मानवीय राहत समन्वयक ने एक साझा बयान कर जारी करते हुए मौजूदा घटनाक्रम पर चिन्ता व्यक्त की है.

सीरिया के दामस्कस शहर में विस्थापित परिवार मासिक राशन के लिये क़तार में हैं.
© WFP/Hussam Al Saleh

सीरिया: अपेक्षाकृत शान्ति के बावजूद, मानवीय पीड़ा का बढ़ता दायरा

सीरिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गेयर पीडरसन ने सुरक्षा परिषद को, देश में मौजूदा हालात से अवगत कराते हुए कहा है कि यह एक त्रासदीपूर्ण विडम्बना है कि पिछले वर्षों की तुलना में हिंसा में ठहराव के इस दौर में भी स्थानीय जनता को आर्थिक बदहाली, विस्थापन, हिरासत व अगवा किये जाने की घटनाओं से उपजी पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है.

म्याँमार के यंगून में मायन्गोन टाउनशिप.
Thiri Myat

म्याँमार में हिंसा तत्काल रोकनी होगी - यूएन एजेंसियाँ

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र की टीम ने देश में आम नागरिकों के विरुद्ध हिंसा पर विराम लगाए जाने की अपनी पुकार फिर दोहराई है. म्याँमार में, एक फ़रवरी को, सैन्य तख़्तापलट के बाद व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. 

म्याँमार के यंगून शहर में करफ़्यू की परवाह ना करते हुए लोग रात में एकत्र हुए.
Unsplash/Zinko Hein

म्याँमार की सेना, देश के भविष्य के लिये ख़तरा - यूएन दूत की चेतावनी

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने कहा है कि देश की सेना अपने ही नागरिकों के ख़िलाफ़ खड़ी हो गई है, जिससे देश के भविष्य पर जोखिम मंडरा रहा है. विशेष दूत ने म्याँमार में वार्षिक 'सैन्य बल दिवस' की पूर्व संध्या पर, शुक्रवार को जारी अपने बयान में म्याँमार मे हालात पर चिन्ता जताई है.  

फ़रवरी 2021 में तख़्ता पलट के बाद से ही म्याँमार में विरोध प्रदर्शन जारी हैं.
Unsplash/Justin Min

म्याँमार: ‘क्रूर’ कार्रवाई में लोगों की मौत की निन्दा, लोकतन्त्र बहाली की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में, सप्ताहान्त के दौरान, देश की सेना द्वारा, अनेक प्रदर्शनकारियों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, लोकतन्त्र की बहाली की पुकार लगाई है. म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने भी देश में ‘जारी रक्तपात’ की कड़े शब्दों में निन्दा की है. 

पश्चिमी तट के हेब्रोन में एक यहूदी बस्ती.
UNRWA/Marwan Baghdadi

इसराइल से फ़लस्तीनी इलाक़े छीनने की योजना से पीछे हटने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इसराइल से फ़लस्तीन में क़ब्ज़ाग्रस्त पश्चिमी तट के हिस्सों को हड़प लेने की योजना छोड़ने का आग्रह किया है. ऐसी आशंका जताई गई है कि इसराइल द्वारा इन फ़लस्तीनी इलाक़ों को छीन लेने की कार्रवाई इसराइल द्वारा अगले हफ़्ते तक की जा सकती है. यूएन के विशेष दूत निकोलाय म्लादेनॉफ़ ने सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि कई दशकों की शान्ति प्रक्रिया दाँव पर लगी है.