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महासभा की 76वीं जनरल डिबेट सम्पन्न, बहुपक्षवाद नज़र आया सजीव

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट कोविड-19 के माहौल में सोमवार को, यूएन महासभा के 76वें सत्र की उच्च स्तरीय जनरल डिबेट का समापन घोषित कर दिया. उन्होंने इस उच्च स्तरीय सत्र की सफलता का श्रेय, ठोस ऐहतियाती उपायों और टीकाकरण की उच्च दर को दिया.

यूएन महासभा के 76वें सत्र को, इसराइल का सम्बोधन

इसराइल के प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेट ने सोमवार को, यूएन महासभा को सम्बोधित करते हुए कहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक घातक मोड़ पर हैं और देश को परमाणु हथियार प्राप्ति से रोका जाना होगा.  

76वीं यूएन महासभा की 'जनरल डिबेट', 27 सितम्बर 2021

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें वार्षिक सत्र के दौरान आम चर्चा (जनरल डिबेट) 21 सितम्बर से 27 सितम्बर तक चली. वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनज़र, यूएन महासभा में इस वर्ष की जनरल डिबेट, मिले-जुले रूप (हाइब्रिड) में आयोजित हुई. कुछ देशों के नेताओं ने जनरल डिबेट में, वर्चुअल शिरकत की, जबकि अन्य नेतागण ने, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में, यूएन महासभागार से विश्व समुदाय को सम्बोधित किया. 

जनरल डिबेट की, 27 सितम्बर की रिकॉर्डिंग यहाँ उपलब्ध है...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का, 'जनरल डिबेट' को सम्बोधन

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने, संयुक्त राष्ट्र महासभा को सम्बोधित करते हुए, लोकतंत्र के प्रति देश की प्रतिबद्धता फिर से पुष्ट की है और कोविड-19 महामारी की वैक्सीन विकसित करने और निर्माण में महान सफलता की तरफ़ भी ध्यान आकर्षित किया है. उन्होंने साथ ही, प्रतिगामी सोच वाले देशों से सावधान रहने के लिये सतर्क भी किया है.

76वीं यूएन महासभा की 'जनरल डिबेट', 25 सितम्बर 2021

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें वार्षिक सत्र के दौरान आम चर्चा (जनरल डिबेट) 21 सितम्बर से 27 सितम्बर तक चली. वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनज़र, यूएन महासभा में इस वर्ष की जनरल डिबेट, मिले-जुले रूप (हाइब्रिड) में आयोजित हुई. कुछ देशों के नेताओं ने जनरल डिबेट में, वर्चुअल शिरकत की, जबकि अन्य नेतागण ने, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में, यूएन महासभागार से विश्व समुदाय को सम्बोधित किया. 

जनरल डिबेट की, 25 सितम्बर की रिकॉर्डिंग यहाँ उपलब्ध है...

76वीं यूएन महासभा की 'जनरल डिबेट', 24 सितम्बर 2021

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें वार्षिक सत्र के दौरान आम चर्चा (जनरल डिबेट) 21 सितम्बर से 27 सितम्बर तक चली. वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनज़र, यूएन महासभा में इस वर्ष की जनरल डिबेट, मिले-जुले रूप (हाइब्रिड) में आयोजित हुई. कुछ देशों के नेताओं ने जनरल डिबेट में, वर्चुअल शिरकत की, जबकि अन्य नेतागण ने, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में, यूएन महासभागार से विश्व समुदाय को सम्बोधित किया. 

जनरल डिबेट की, 24 सितम्बर की रिकॉर्डिंग यहाँ उपलब्ध है...

76वीं यूएन महासभा की 'जनरल डिबेट', 23 सितम्बर 2021

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें वार्षिक सत्र के दौरान आम चर्चा (जनरल डिबेट) 21 सितम्बर से 27 सितम्बर तक चली. वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनज़र, यूएन महासभा में इस वर्ष की जनरल डिबेट, मिले-जुले रूप (हाइब्रिड) में आयोजित हुई. कुछ देशों के नेताओं ने जनरल डिबेट में, वर्चुअल शिरकत की, जबकि अन्य नेतागण ने, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में, यूएन महासभागार से विश्व समुदाय को सम्बोधित किया. 

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76वीं यूएन महासभा की 'जनरल डिबेट', 22 सितम्बर 2021

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें वार्षिक सत्र के दौरान आम चर्चा (जनरल डिबेट) 21 सितम्बर से 27 सितम्बर तक चली. वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनज़र, यूएन महासभा में इस वर्ष की जनरल डिबेट, मिले-जुले रूप (हाइब्रिड) में आयोजित हुई. कुछ देशों के नेताओं ने जनरल डिबेट में, वर्चुअल शिरकत की, जबकि अन्य नेतागण ने, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में, यूएन महासभागार से विश्व समुदाय को सम्बोधित किया. 

जनरल डिबेट की, 22 सितम्बर की रिकॉर्डिंग यहाँ उपलब्ध है...

इनसानियत की ताक़त से, कोविड-19 और जलवायु चुनौती से निपटा जा सकता है

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने, मंगलवार को, वार्षिक ‘जनरल डिबेट’ की शुरुआत करते हुए, कोरोनावायरस महामारी के बहुत ही दुख भरे दिनों को याद किया है, जिस दौरान, “नगर व बस्तियाँ बन्द करने पड़े थे और किसी वैक्सीन का विकास व उसकी उपलब्धता एक सपना भर ही था”, और विश्व भर के लोग किस तरह, असाधारण रूप में एक साथ आए, “जो पहले कभी नहीं देखा गया”.

यूएन महासभा (UNGA) का 76वाँ सत्र शुरू

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, मंगलवार को यूएन महासभा के 75वें सत्र का समापन करते हुए कहा है कि विश्व ने, कोविड-19 महामारी के रूप में, दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे चुनौतीपूर्ण दौर देखा है. उन्होंने कहा कि बीते सत्र ने, गहरी होती विषमताएँ, धराशाई होती अर्थव्यवस्थाएँ और लाखों-करोड़ों लोगों को, अत्यधिक निर्धनता के गर्त में धकेले जाते हुए देखा है.