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यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 16 दिसम्बर 2022

  • बहुपक्षवादी व्यवस्था में सुधार के मुद्दे और आतंकवाद के बढ़ते ख़तरे पर सुरक्षा परिषद में अहम चर्चा
  • संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महात्मा गांधी की अर्द्ध-प्रतिमा का अनावरण
  • संकट प्रभावित महिलाओं व लड़कियों की मदद के लिये, एक अरब डॉलर से अधिक की अपील
  • यूक्रेन में मानवाधिकार हनन के मामलों की त्वरित जाँच, जवाबदेही तय किये जाने की मांग
  • और
  • दैनिक कैलोरी उपभोग में अमेरिका व योरोप अब भी सबसे आगे
ऑडियो
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संयुक्त राष्ट्र की प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी - UNFPA, केनया में महिला जननांग विकृति (FGM), को ख़त्म करने के लिये भी सहायता करती है.
© UNFPA/Georgina Goodwin

संकट प्रभावित महिलाओं व लड़कियों की मदद के लिये, 1.2 अरब डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र की यौन व प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी – UNFPA ने, दुनिया भर में बढ़ती मानवीय ज़रूरतों के मद्देनज़र, महिलाओं, लड़कियों और सघर्ष व अशान्ति से प्रभावित 65 देशों में युवजन की सहायता करने के लिये, मंगलवार को 1.2 अरब डॉलर की धनराशि जुटाने के लिये, सहायता अपील जारी की है.

17 वर्षीय मुरसल फासिही को अफगानिस्तान में माध्यमिक विद्यालय में जाने की अनुमति नहीं है
UNFPA Afghanistan

अफ़ग़ानिस्तान: आपबीती - जबरन स्कूल से बाहर होने के बावजूद शिक्षा छोड़ने से इनकार

अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त 2021 में तालेबान की सत्ता वापसी के बाद से, प्रशासन ने 12 से 18 साल की लड़कियों को घर पर ही रहने और उनकी शिक्षा रोकने का आदेश जारी किया था. संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक कार्यक्रम की मदद से लड़कियों को इस परिस्थिति में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यहाँ लड़िकयाँ अपनी साथियों को तब तक की शिक्षा के लिये तैयार कर रही हैं जब तक कि औपचारिक स्कूली शिक्षा में उनकी वापसी नहीं हो जाती.

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य सहायता एजेंसी - WFP, पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में सहायता पहुँचाने की मुहिम के तहत, बलूचिस्तान प्रान्त में खाद्य वितरण से पहले आकलन में जुटी हुई है.
WFP Pakistan

पाकिस्तान: बाढ़ प्रभावित महिलाओं व लड़कियों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाओं की दरकार 

पाकिस्तान में इस वर्ष जून महीने से मूसलाधार बारिश के कारण अनेक ज़िले भीषण बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और व्यापक पैमाने पर जान-माल की हानि हुई है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने मौजूदा हालात में मातृत्व व बाल स्वास्थ्य के लिये उपजी चुनौतियों पर चिन्ता जताते हुए, महिलाओं व लड़कियों के लिये तत्काल स्वास्थ्य व संरक्षण सेवाएँ सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. 

श्रीलंका में इस समय लगभग दो लाख 15 हज़ार महिलाएँ गर्भवती हैं और उनमें से लगभग एक लाख 45 हज़ार महिलाएँ, अगले छह महीनों के दौरान अपने शिशुओं को जन्म देंगी.
© UNFPA Sri Lanka/Ruvin De Silv

श्रीलंका: आर्थिक संकट के कारण, स्वास्थ्य व्यवस्था बिखराव के निकट

श्रीलंका इस समय अपने इतिहास के बदतरीन सामाजिक-आर्थिक संकटों से गुज़र रहा है, और किसी समय विश्वसनीय रही स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था ढह जाने के निकट है, मरीज़ों को बिजली कटौती के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है, दवाइयों का अभाव है, और उपकरणों की भी क़िल्लत है.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के नवाबाद ज़िले में, एक अफ़ग़ान लड़की
© UNICEF/Mohammad Haya Burhan

अफ़ग़ानिस्तान की महिलाओं व लड़कियों के लिये यूएन एजेंसियों की प्रतिबद्धता

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने सोमवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के एक साल के शासन के दौरान महिलाओं और लड़कियों की ज़िन्दगियों के हालात बहुत ख़राब हुए हैं, जिससे मानवाधिकारों के तमाम क्षेत्र प्रभावित हुए हैं. यूएन एजेंसियों ने तालेबान शासन के एक साल बाद, देश की महिलाओं और लड़कियों को अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

यूएन शरणार्थी एजेंसी - UNHCR के जिनीवा स्थित मुख्यालय में, होमोफ़ोबिया, ट्रांसफ़ोबिया और बाइफ़ोबियो के ख़िलाफ़ अन्तरराष्ट्रीय दिवस मनाए जाते हुए.
© UNHCR/Susan Hopper

LGBTIQ+: अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर पुकार, समानता के लिये रास्ता अभी बहुत लम्बा

संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था में, अनेक नेताओं ने मंगलवार को, होमोफ़ोबिया, बाइफ़ोबिया और ट्रांसफ़ोबिया के विरुद्ध अन्तरराष्ट्रीय दिवस (IDAHOBIT) मनाते हुए, एक ऐसी दुनिया के लिये पुकार लगाई है जहाँ, सभी लोग हिंसा और भेदभाव से मुक्त माहौल में जीवन जी सकें.

बाल विवाह एक वैश्विक मुद्दा है. 2016 में, UNICEF ने UNFPA के साथ, भारत और 11 अन्य देशों में 'बाल विवाह को समाप्त करने के लिये वैश्विक कार्यक्रम' शुरू किया.
UN India/JAS

मेरा एक सपना है

संयुक्त राष्ट्र, भारत के राजस्थान प्रदेश में, सरकार और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर, एक नवीन मोबाइल फ़ोन सेवा की मदद से, बाल विवाह की रोकथाम के प्रयास कर रहा है.

भारत के पटना शहर में, ‘महिला मैकेनाइज्ड क्लीनिंग कोऑपरेटिव’ के सदस्य, उन मशीनी उपकरणों के साथ, जिनके द्वारा उन्हें सफ़ाई करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
©Diksha Foundation

भारत: महिला सफ़ाई कर्मियों के लिये एक नई शुरुआत

भारत के पूर्वी प्रदेश बिहार के पटना शहर में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष - UNFPA की एक मुहिम के तहत, ऐसी महिला सफ़ाई कर्मचारियों को सशक्त बनाकर, मशीनी उपकरणों के ज़रिये सफ़ाई करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिन्हें हाथ से मैला सफ़ाई करनी पड़ती है. इससे उन्हें सामाजिक कलंक से छुटकारा मिलने के साथ-साथ, आर्थिक स्वतन्त्रता भी हासिल हो रही है. 

काबुल के मलालाई मातृत्व अस्पताल में, मुख्य दाई एक नवजात शुशि की देखभाल करते हुए.
© UNFPA Afghanistan

अफ़ग़ानिस्तान: संकटग्रस्त देश में, जच्चा-बच्चा के लिये जीवनरक्षक सहायता

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल का मलालाई मातृत्व अस्पताल, देश के व्यस्ततम अस्पतालों में से एक है जो हर दिन, इस दुनिया में क़रीब 85 नवजात शिशुओं का स्वागत करता है. इनमें लगभग 20 बच्चे ऑपरेशन के ज़रिये पैदा होते हैं. मगर देश में मौजूदा संकट, मरीज़ों की देखभाल करने की चिकित्सा स्टाफ़ की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है.