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अफ़ग़ानिस्तान में, सघन होते संकटों में, मानवीय त्रासदी के चिन्ह

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी  (UNHCR) ने शुक्रवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान एक ऐसे रास्ते पर है जहाँ किसी एक वर्ष के दौरान, सबसे ज़्यादा आम लोगों के हताहत होने के मामले सामने आ सकते हैं. यूएन एजेंसियों ने देश में, मौजूदा हालात और तेज़ी से बढ़ते संकटों में, एक मानवीय त्रासदी के लक्षण नज़र आने की आशंका भी व्यक्त की है.

अफ़ग़ानिस्तान में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, हताहतों की संख्या बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार को जारी एक मानवाधिकार रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में, सितम्बर 2020 में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, देश में हताहत हुए आम लोगों की संख्या में तीव्र बढ़ोत्तरी हुई है. अलबत्ता, पूरे वर्ष 2020 के दौरान, हताहतों की संख्या में, उससे पहले के वर्ष की तुलना में, कुछ कमी दर्ज की गई है.

अफ़ग़ानिस्तान में कोविड-19 के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले घोर निन्दनीय

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने कहा है कि देश में कोविड-19 महामारी फैलने के दो महीने के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं पर 15 हमले किए गए. रविवार को प्रकाशित एक ताज़ा रिपोर्ट में दिखाया गया है कि 11 मार्च और 23 मई के बीच हुए हमलों में किस तरह से स्वास्थ्यकर्मियों को निशाना बनाया गया और किस हद तक स्वास्थ्य सेवाओं को नुक़सान पहुँचा.