तुर्की

सीरिया: रोकना होगा जानमाल का नुक़सान और विशाल विस्थापन

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गियर पीडरसैन ने कहा है कि सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े – इदलिब में हवाई और ज़मीनी हमलों में आई तेज़ी के कारण विस्थापित होने वाले लोगों की बाढ़ सी आ गई है और जान-माल का भी भारी नुक़सान हुआ है.

सीरिया को मदद मुहैया कराने की समय सीमा अंतिम क्षणों में बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सीरिया के सीमावर्ती इलाक़ों में रहने वाले लाखों आम नागरिकों को मानवीय सहायता पहुँचाने के संयुक्त राष्ट्र के अभियानों को जारी रखने के लिए शुक्रवार देर शाम मंज़ूरी दे दी. लेकिन सुरक्षा परिषद के कुछ सदस्यों ने ये मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए सीमा चौकियों की संख्या और समय दायरा कम किए जाने पर निराशा भी व्यक्त की.

तुर्की ने पेश की शरणार्थियों की वापसी योजना, यूएन एजेंसी करेगी आकलन

तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप अर्दोगान ने हज़ारों सीरियाई शरणार्थियों के पुनर्वास की एक योजना शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनिय गुटेरेश को पेश की. ये योजना तुर्की द्वारा सीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े में कथित कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ अक्तूबर में किए गए हमलों के माहौल में पेश की गई है. 

सीरिया के भविष्य पर वार्ता 'मध्यस्थता की सफलता' का परिचायक

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने  मध्यस्थता को हिंसक संघर्ष समाप्त करने के महत्वपूर्ण ज़रियों में से एक बताया है. तुर्की के इस्तांबुल शहर में आयोजित 'छठे इस्तांबुल मध्यस्थता सम्मेलन' को संबोधित करते हुए यूएन महासचिव ने कहा कि सीरिया में परस्पर विरोधी पक्षों का आमने-सामने बैठकर वार्ता में शामिल होना मध्यस्थता की सफलता को दर्शाता है.

पूर्वोत्तर सीरिया में हिंसा के बीच डेढ़ लाख से ज़्यादा विस्थापन को मजबूर

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय राहत कार्यालय (UNOCHA) ने कहा है कि पूर्वोत्तर सीरिया में लगभग दो हफ़्तों से चली आ रही हिंसा के कारण अब तक एक लाख 80 हज़ार से ज़्यादा लोग अपने घरों और शरणगाहों को छोड़ने पर मजबूर हुए हैं. इनमें 80 हज़ार से ज़्यादा बच्चे भी हैं और सभी विस्थापितों को तत्काल मानवीय सहायता की आवश्यकता है.

सीरिया में सैन्य तनाव बढ़ने पर आम लोगों की सुरक्षा की चिंता

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने गुरूवार को कहा है कि सीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े में हाल के दिनों में बढ़े सैन्य तनाव के कारण लाखों लोगों को सुरक्षा की ख़ातिर वो इलाक़ा छोड़ना पड़ा है. इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को ही तुर्की ने सीरिया में कुछ हवाई औरर ज़मीनी हमले किए थे.