टिकाऊ विकास लक्ष्य

काहिरा कार्यक्रम लागू करने में युवाओं की असरदार भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जनसंख्या और विकास के मुद्दे पर 'काहिरा कार्यक्रम' को प्रभावी रूप से लागू करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है. 1994 में हुए काहिरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

समावेशन है टिकाऊ विकास लक्ष्यों की कुंजी

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उच्च-स्तरीय राजनैतिक मंच की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विकास प्रक्रिया में समावेशिता की ज़रूरत पर बल दिया है. उन्होंने कहा कि आधी आबादी के पास जितनी संपत्ति है, उतनी ही संपत्ति सिर्फ़ कुछ ही लोगों के पास होने पर सवाल उठना लाज़िमी है और कि तमाम प्रयासों के बावजूद टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने से अभी दुनिया पीछे है.

ग़रीबी और पर्यावरण चुनौतियों के लिए वैश्विक प्रयास ‘काफ़ी नहीं’ रहे हैं - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ग़रीबी और पर्यावरण संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए साल 2015 में विश्व नेताओं ने जो लक्ष्य निर्धारित किए थे उन्हें हासिल करने के लिए प्रयासों में समुचित महत्वाकांक्षा नज़र नहीं आई है. महासचिव ने  17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने के प्रयासों में हुई प्रगति पर ताज़ा रिपोर्ट में ये विचार व्यक्त किए हैं. 

जी-20: ठोस जलवायु कार्रवाई और आर्थिक सहयोग की अपील

जापान के ओसाका शहर में ग्रुप-20 (जी-20) समूह के नेताओं की वार्षिक शिखर वार्ता शुक्रवार को शुरू हो गई. जी-20 दुनिया की सबसे बड़ी और तेज़ी से बढती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि यह बैठक बड़े राजनैतिक तनाव के परिदृश्य में हो रही है.

जलवायु परिवर्तन पर युवा पीढ़ी कमर कस चुकी है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में पुरानी पीढ़ियाँ तो नाकाम हो गई मगर युवा पीढ़ी इस चुनौती का सामना करने और इससे होने वाली तबाही की रफ़्तार धीमी करने के लिए कमर कस रही है.

समानता और सशक्तिकरण से आसान होगा टिकाऊ विकास का रास्ता

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र सामाजिक एवं आर्थिक आयोग (UNESCAP) के वार्षिक सत्र की शुरुआत हुई है जहां टिकाऊ विकास के 2030 एजेंडे को पूरा करने के लिए वंचित और हाशिए पर जी रहे समुदायों के सशक्तिकरण पर ज़ोर दिया गया है. टिकाऊ विकास प्रक्रिया में किसी को भी पीछे न छूटने देने के लिए इसे अहम बताया गया है.

टिकाऊ विकास की राह में एशिया-प्रशांत का 'निर्णायक नेतृत्व'

एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों को टिकाऊ विकास के 2030 एजेंडा को पूरा करने और सशक्तिकरण, समावेशिता व समानता सुनिश्चित करने के लिए ठोस और साहसिक कदमों की ज़रूरत है. बैंकॉक में एक बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा कि क्षेत्रीय देश इस दिशा में निर्णायक नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहे हैं.

'प्रवासन और टिकाऊ विकास में निकट संबंध'

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा ने कहा है कि प्रवासन और टिकाऊ विकास के मुद्दे गहराई तक आपस में जुड़े हुए हैं.. ऐसे में टिकाऊ विकास लक्ष्यों से जुड़ा संयुक्त राष्ट्र का 2030 एजेंडा तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक उसमें व्यापक रूप से प्रवासियों को सम्मिलित न किया जाए. 

सांस्कृतिक विरासत की पहचान है मातृभाषा

हर दो हफ़्ते में दुनिया में एक भाषा विलुप्त हो जाती है, और उसके साथ ही उससे जुड़ा मानवीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत भी खो जाती है.  21 फ़रवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भाषाई विविधता को सम्मान देते हुए मूल निवासियों की भाषाओं को संरक्षित रखने की अहमियत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं. 

बढ़ती असमानता से निपटने के लिए निरंतर प्रयासरत यूएन

टिकाऊ विकास का 2030 एजेंडा, संयुक्त राष्ट्र की एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा है जिसके ज़रिए पहले से बेहतर और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत दुनिया में व्याप्त असमानता को भी कम किए जाने की अपील की गई है लेकिन वैश्विक असमानता बढ़ती जा रही है. इसे कैसे रोका जा सकता है?