टिकाऊ विकास लक्ष्य

भ्रष्टाचार: फ़ौलादी इरादों और असरदार कार्रवाई की दरकार

एक ऐसे समय जब टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दुनिया ‘कार्रवाई के दशक’ की ओर क़दम बढ़ाने के लिए तैयार है, सोमवार को आबूधाबी में आयोजित भ्रष्टाचार-विरोधी सम्मेलन में इस समस्या से निपटने के लिए सभी देशों से एकजुट होने का आग्रह किया गया है ताकि महत्वपूर्ण संसाधनों को धन के ग़ैरक़ानूनी लेनदेन में नष्ट होने से रोका जा सके.

'सर्वजन के लिए-सर्वत्र स्वास्थ्य देखभाल' का वादा पूरा हो

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस’ पर अपने संदेश में विश्व नेताओं से ‘सर्वजन के लिए, सर्वत्र स्वास्थ्य देखभाल' के वादे को पूरा करने का आग्रह किया है. सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवेरज पर सितंबर 2019 में यूएन महासभा के वार्षिक सत्र के दौरान एक उच्चस्तरीय बैठक में यह संकल्प लिया गया था.  

अनगिनत ख़तरों से जूझने को मजबूर हैं हाथ से मैला ढोने वाले सफ़ाईकर्मी

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि विकासशील देशों में स्वच्छता कर्मचारियों की दुर्दशा पर तात्कालिक कार्रवाई होनी चाहिए.  मंगलवार, 19 नवंबर, को 'विश्व शौचालय दिवस' से ठीक पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शौचालय, सीवर और सेप्टिक टैंक साफ़ करने वाले करोड़ों लोगों के लिए ख़तरों को उजागर किया है. यूएन एजेंसी ने कहा है कि सफ़ाई कर्मचारियों के अधिकार, उनका स्वास्थ्य और सम्मान ख़तरे में है. 

दूसरी कमेटीः दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाने की ज़िम्मेदारी

संयुक्त राष्ट्र अपने सबसे महत्वाकांक्षी और दूरगामी परिणामों वाले प्रोजेक्टः 2030 एजेंडा को किस तरह आगे बढ़ा रहा है जिसका उद्देश्य विश्व को बदलना है? ये विशालकाय ज़िम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र महासभा की दूसरी कमेटी के कंधों पर है. ये कमेटी दुनिया भर में आर्थिक और वित्तीय मामलों के बारे में महत्वपूर्ण नीति बनाती है और फ़ैसले लेती है.

राजनैतिक व्यवस्था में टूटते भरोसे को बहाल करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि हाल के दिनों में दुनिया के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन दिखाते हैं कि लोग पीड़ा में हैं और अपनी आवाज़ों को सुनाना चाहते हैं. उन्होंने विश्व नेताओं से आग्रह किया है कि जनता और राजनैतिक व्यवस्था के बीच घटते भरोसे को बहाल करने और असमानता दूर करने के लिए तत्काल उचित प्रयासों की आवश्यकता है.

विकास की 'अंतहीन संभावनाओं' को साकार करने के लिए बैठक

टिकाऊ विकास के 2030 एजेंडा पर प्रगति की समीक्षा के लिए बुलाई गई पहली यूएन शिखर वार्ता एक बेहतर भविष्य के निर्माण की उम्मीदों के साथ समाप्त हुई है. संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव आमिना जे. मोहम्मद ने कहा कि यह बैठक फिर से ध्यान दिलाती है कि सर्वजन के जीवन में सुधार लाने के लिए तेज़ कार्रवाई का दायरा व्यापक करने पर सहमति बन रही है जो मानवता की अंतहीन संभावनाओं को दर्शाता है.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर प्रगति के लिए दिशा में बदलाव पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञों ने अपनी एक रिपोर्ट में रेखांकित किया है कि वैश्विक विकास का मौजूदा मॉडल अगर आगे भी जारी रहा तो इससे दशकों में हासिल की गई प्रगति ख़तरे में पड़ सकती है. रिपोर्ट के अनुसार लोगों और प्रकृति के बीच रिश्ते में बुनियादी और त्वरित बदलाव  लाकर मानव कल्याण को हासिल किया जा सकता है और ग़रीबी का उन्मूलन भी संभव है. संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग (UNDESA) द्वारा जारी यह रिपोर्ट टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर इस महीने होने वाली बैठक में चर्चा के केंद्र में रहेगी.

योरोप में स्वास्थ्य असमानता की खाई पाटने की चुनौती

योरोप में स्वस्थ जीवन को सर्वजन के लिए सुलभ बनाने की दिशा में प्रगति के बाद अब इन प्रयासों में एक ठहराव का सामना करना पड़ रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा मंगलवार को जारी एक नई रिपोर्ट बताती है कि समाज में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिए सुनिश्चित करने का स्पष्ट रास्ता होने के बावजूद एक ऐसी खाई बनी हुई है जिसे पाटना मुश्किल हो रहा है.

काहिरा कार्यक्रम लागू करने में युवाओं की असरदार भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जनसंख्या और विकास के मुद्दे पर 'काहिरा कार्यक्रम' को प्रभावी रूप से लागू करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है. 1994 में हुए काहिरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

समावेशन है टिकाऊ विकास लक्ष्यों की कुंजी

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उच्च-स्तरीय राजनैतिक मंच की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विकास प्रक्रिया में समावेशिता की ज़रूरत पर बल दिया है. उन्होंने कहा कि आधी आबादी के पास जितनी संपत्ति है, उतनी ही संपत्ति सिर्फ़ कुछ ही लोगों के पास होने पर सवाल उठना लाज़िमी है और कि तमाम प्रयासों के बावजूद टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने से अभी दुनिया पीछे है.