टिकाऊ विकास लक्ष्य

जैवविविधता शिखर बैठक – ‘भावी पीढ़ियों के फलने-फूलने’ के लिये प्रकृति को स्वस्थ रखना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि मानवता प्रकृति के मुक़ाबिल एक युद्ध लड़ रही है जिस पर तत्काल विराम लगाए जाने और पर्यावरण के साथ इनसानों के सम्बन्ध को पुनर्स्थापित किये जाने की आवश्यकता है. बुधवार को जैवविविधता मुद्दे पर आयोजित एक अहम शिखर बैठक में पर्यावरण कार्यकर्ताओं और शीर्ष यूएन अधिकारियों ने टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिये जैविक संरक्षण की पुकार लगाई है. 

यूएन75 संवाद: दस लाख लोगों ने प्रकट कीं भविष्य के प्रति आशाएँ व आकाँक्षाएँ

संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर वैश्विक चुनौतियों से निपटने के सन्दर्भ में लोगों से उनकी राय और सुझावों के जानने के लिये व्यापक स्तर पर सम्पन्न हुए एक अभूतपूर्व सर्वेक्षण के नतीजे जारी कर दिये गए हैं. जनवरी 2020 में शुरू हुए इस सर्वे में विकसित व विकासशील देशों में जीवन के हर क्षेत्र से जुड़े लोगों, महिलाओं, पुरुषों, लड़कों, लड़कियों ने भविष्य के प्रति अपनी आकाँक्षाएँ, आशाएँ और आशंकाएँ प्रकट कीं और बताया कि संयुक्त राष्ट्र इस कार्य में उनकी किस तरह मदद कर सकता है. 

टिकाऊ विकास लक्ष्य हैं भविष्य के मार्गदर्शक - कार्रवाई की पुकार

वैश्विक लक्ष्य उन लाखों-करोड़ों लड़कियों, महिलाओं और युवाओं के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं जो शिक्षा पाने, समानता हासिल करने और साँस लेने के लिये स्वच्छ हवा के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र शान्ति दूत मलाला युसूफ़ज़ई ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सदस्य देशों को ध्यान दिलाया कि टिकाऊ विकास लक्ष्य के एजेण्डे पर हस्ताक्षरों के बावजूद कार्य अधूरा है जिसे जल्द पूरा किये जाने की ज़रूरत है.

कोविड-19: शरणार्थी बच्चों की शिक्षा पर विनाशकारी असर से निपटने की पुकार 

कोरोनावायरस संकट काल में दुनिया के हर देश में शिक्षा हासिल करना बच्चों के लिये चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है लेकिन शरणार्थी बच्चे इससे ख़ास तौर पर प्रभावित हुए हैं. शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने गुरुवार को एक नई रिपोर्ट पेश करते हुए आशंका जताई है कि बड़ी संख्या में शरणार्थी बच्चे स्कूल बन्द होने, ज़्यादा फ़ीस होने या घर पर रहकर पढ़ाई करने के लिए टैक्नॉलॉजी तक पहुँच ना होने के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाएँगे. 

जलवायु परिवर्तन और विकास चुनौतियों से निपटने में युवाओं का साथ अहम

दुनिया युवाओं के आशावाद, तकनीकी कौशल और उनकी ऊर्जा को निखारे बग़ैर टिकाऊ विकास लक्ष्यों के 2030 एजेण्डा या जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के लक्ष्यों को हासिल करने की उम्मीद नहीं कर सकती है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में युवाओं के बेहतर भविष्य और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिये डिजिटल समाधानों, शिक्षा और ट्रेनिंग में निवेश किये जाने का आहवान किया है.  

जल और स्वच्छता के मानवाधिकारों की प्राप्ति के लिये तेज़ प्रयासों की पुकार

संयुक्त राष्ट्र ने पीने के लिये जल और साफ़-सफ़ाई की समुचित व्यवस्था को दस वर्ष पहले मानवाधिकारों के रूप में पहचान दी थी लेकिन आज भी अरबों लोगों को ये बुनियादी सेवाएँ उपलब्ध नहीं है. संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने चेतावनी जारी करते हुए आगाह किया है कि इन ज़रूरी सेवाओं के अभाव से कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियाँ और बड़ी त्रासदी का सबब बन सकती हैं. 

वनों की कटाई में कमी, लेकिन चिन्ता बरक़रार

खाद्य एवँ कृषि एजेंसी (FAO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि पिछले तीन दशकों में विश्व भर में 17 करोड़ हैक्टेयर से ज़्यादा क्षेत्र में फैले वन लुप्त हो गए हैं. लेकिन इसी अवधि में वनों की कटाई की रफ़्तार में गिरावट भी दर्ज की गई है. रिपोर्ट में टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में वनों की अहमियत को रेखांकित करते हुए टिकाऊ वन प्रबन्धन पर भी ज़ोर दिया गया है.  

कोविड-19 के बाद की दुनिया में विकास की डगर पर एक नज़र

भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की प्रतिनिधि शोको नाडा ने कहा है कि कोविड-19 से उपजा सँकट उन सभी महत्वपूर्ण विकास लाभों को पीछे धकेल सकता है जिन्हें कड़ी मेहनत से अर्जित किया गया है. इस चुनौती पर पार पाने और कोरोनावायरस के बाद सतत विकास प्रक्रिया और एक टिकाऊ दुनिया के निर्माण के लिए उन्होंने असरदार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और हरित विकास में निवेश पर बल दिया है.  

'कोविड-19 ने वैश्विक कमज़ोरियाँ व असमानताएँ उजागर की हैं'

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया भर में विकसित और विकासशील देश बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. बड़ी संख्या में संक्रमण के मामल सामने आने, लोगों की मौतें होने और तालाबंदी के कारण आर्थिक संकट उत्पन्न होने से चिंता व्याप्त है. संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव आमिना जे. मोहम्मद ने यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में बताया कि इस संकट से हमारे समाजों की ख़ामियाँ और असमानताएँ उजागर हो गई हैं.  

वैश्विक लक्ष्यों पर प्रगति के लिए नया वित्तीय आयोग

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने मंगलवार को सदस्य देशों से एक नए  वित्तीय आयोग को समर्थन देने की अपील की है जो वर्ष 2030 तक टिकाऊ विकास लक्ष्यों को वास्तविक बनाने के इरादे से गठित किया गया है.