टिकाऊ विकास

एसडीजी रिपोर्ट में नज़र आया - कोविड का विनाशकारी प्रभाव, नया अहम दौर शुरू

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया, कोविड-19 महामारी का फैलाव शुरू होने से पहले भी 17 टिकाऊ विकास लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अपेक्षित प्रगति के रास्ते पर नहीं थी, और अब चुनौतियाँ कई गुना बढ़ गई हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि देशों को महामारी से उबरने के रास्ते पर अगले 18 महीनों के दौरान अति महत्वूपर्ण क़दम उठाने होंगे.

जल-सम्बन्धी त्रासदियाँ बड़ी चुनौती – सुदृढ़ बुनियादी ढाँचे में निवेश पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि वैश्विक जलवायु संकट के कारण, जल-सम्बन्धी त्रासदियाँ पहले से कहीं ज़्यादा गहन व गम्भीर हो रही हैं, जिससे ज़िन्दगियों व आजीविकाओं पर जोखिम बढ़ रहा है. 

मानवाधिकार के मोर्चे पर बड़ी चुनौतियाँ - 'नए सामाजिक अनुबन्ध' का आहवान

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों की प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने सदस्य देशों से, महामारी गुज़र जाने के बाद, एक ज़्यादा समावेशी पुनर्बहाली प्रक्रिया को बढ़ावा देने का आग्रह किया है.

टिकाऊ विकास व भावी पीढ़ियों के लिये महासागरों की स्वास्थ्य-रक्षा की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चिन्ता जताई है कि बढ़ते प्रदूषण व तापमान और हद से ज़्यादा मछलियाँ पकड़े जाने से महासागर और जैवविविधता पर भीषण असर हो रहा है. उन्होंने इस वर्ष, ‘विश्व महासागर दिवस’ पर अपने सन्देश में आगाह किया है कि कोविड-19 महामारी से पुनर्बहाली प्रयासों में, प्रकृति के विरुद्ध युद्ध का अन्त और भावी पीढ़ियों की भलाई के लिये महासागरों का स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जाना होगा.  

विश्व महासागर दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व महासागर दिवस पर अपने सन्देश में प्रकृति के विरुद्ध युद्ध का अन्त करने की पुकार लगाई है. उन्होंने ध्यान दिलाया है कि मौजूदा और भावी पीढ़ियों के लिये, हमारे महासागरों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के मद्देनज़र यह महत्वपूर्ण है...

मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद – यूएन महासभा के नए अध्यक्ष

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद को यूएन महासभा के 76वें सत्र के लिये नए अध्यक्ष चुने पर बधाई दी है. सोमवार को जनरल असेम्बली के अगले प्रमुख के चुनाव में अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ज़लमई रसूल को 48 मत मिले, जबकि अब्दुल्ला शाहिद को 143 वोट प्राप्त हुए.

सर्वजन के लिये टिकाऊ व किफ़ायती ऊर्जा – वैश्विक प्रयासों की दरकार

पिछले एक दशक में, विश्व आबादी के एक बड़े हिस्से तक बिजली पहुँचाना सम्भव हुआ है, मगर सब-सहारा अफ़्रीका में ऊर्जा सुलभता से वंचित लोगों की संख्या बढ़ी है. सोमवार को जारी संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में सचेत किया गया है कि त्वरित कार्रवाई के अभाव में वर्ष 2030 तक ऊर्जा की सार्वभौमिक सुलभता के लक्ष्य को साकार कर पाना कठिन होगा.

प्रकृति पर तीन बड़े ख़तरे - एक अरब हैक्टेयर क्षरित भूमि की बहाली पर बल

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन, प्रकृति क्षरण और प्रदूषण – तीन बड़े ख़तरों से निपटने के लिये, अगले एक दशक में चीन के आकार के बराबर क्षेत्र को बहाल किये जाने की आवश्यकता है. खाद्य एवँ कृषि संगठन (FAO) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने गुरुवार को एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए सचेत किया है कि प्रकृति जितनी मात्रा में संसाधनों को टिकाऊ ढँग से प्रदान कर सकती है, मानवता उसका करीब डेढ़ गुना इस्तेमाल कर रही है.

महासागरों के बग़ैर पृथ्वी पर मानव जीवन असम्भव - महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने कहा है कि महासागरों पर मंडराते संकट पर पार पाने के लिये, स्पष्ट, रूपान्तरकारी और व्यावहारिक समाधानों का तत्काल सहारा लिया जाना होगा.  उन्होंने वर्ष 2022 में महासागरों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन से पहले की तैयारियों के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि ऐसा कोई परिदृश्य नहीं है जिसमें पृथ्वी पर महासागरों के बग़ैर जीवन की कल्पना की जा सके.

पर्यावरणीय संकटों से निपटने के लिये प्रकृति में निवेश पर बल

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक ताज़ा रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता और भूमि क्षरण, आपस में जुड़े इन संकटों से सफलतापूर्वक निपटने के लिये, मौजूदा समय से लेकर वर्ष 2050 तक, प्रकृति में कुल आठ ट्रिलियन डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी.