टिकाऊ फ़ैशन

परिधान उद्योग में प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा

हरित और टिकाऊ फ़ैशन की पैरोकार रूना रे, परिधान उद्योग में कार्बन फ़ुटप्रिन्ट घटाने और जल की बर्बादी रोकने के लिये समाधानों को बढ़ावा दे रही हैं. उन्होंने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के ‘एसडीजी एक्शन फ़ेस्टिवल’ के दौरान, प्रकृति-आधारित टिकाऊ फ़ैशन समाधानों के अपने अनुभवों को साझा किया. इस आयोजन का उद्देश्य, टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में कार्रवाई को आगे बढ़ाना है. पेश है यूएन हिन्दी न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत...

 

टिकाऊ फ़ैशन है मौजूदा दौर की ज़रूरत

कपड़े बनाने में बहुत सारे रसायनों और पानी का इस्तेमाल होता है जो पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक है. फ़ैशन उद्योग क़रीब 10 फ़ीसदी कार्बन उत्सर्जन के लिए ज़िम्मेदार है. “सस्टेनेबेल फ़ैशन” यानी टिकाऊ फ़ैशन, एक उभरती हुई अवधारणा है जिसके तहत परिधान इस तरह से डिज़ाइन किए जाते हैं ताकि पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक हितों का ख़याल रखा जा सके. सस्टेनेबल फ़ैशन डिज़ाइनर रूना रे ‘ग्रीन फ़ैशन’ की एक बड़ी पैरोकार हैं और परिधानों के कार्बन फ़ुटप्रिंट घटाने व टिकाऊ फ़ैशन के लिए अपने अनुभव संयुक्त राष्ट्र में भी साझा कर चुकी हैं. पेश है यूएन हिन्दी न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत.