टैक्नॉलॉजी

पूर्वाग्रह, नस्लवाद और झूठ: आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस के अवान्छित नतीजों से निपटने की दरकार

वैश्विक महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल करने वाले ऐसे शक्तिशाली डिजिटल औज़ारों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिनमें दुनिया को बेहतर बनाने की सम्भावना है. लेकिन दैनिक जीवन में एआई की बढ़ती दखल से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि इस टैक्नॉलॉजी के ग़लत इस्तेमाल से गम्भीर नुक़सान भी हो सकता है. इसी आशंका के मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र ने एआई के लिये एक मज़बूत अन्तरराष्ट्रीय नियामन की पुकार लगाई है. 
 

एशिया-प्रशान्त: अन्तरिक्ष टैक्नॉलॉजी की मदद से टिकाऊ विकास को बढ़त

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि एशियाई व प्रशान्त देश कोरोनावायरस महामारी के फैलाव व प्रभाव का मुक़ाबला करने और अन्य ज़मीनी चुनौतियों का सामना करने के लिये अन्तरिक्ष भू-स्थानिक टैक्नॉलॉजी का भरपूर फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

अन्तरिक्ष सैक्टर कोविड-19 के दौरान समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर रखने में मददगार

संयुक्त राष्ट्र की वृहद अन्तरिक्ष मामलों के लिये एजेंसी (UNOOSA) की अध्यक्ष सिमोनेट्टा डी पिप्पो ने कहा है कि अन्तरिक्ष सैक्टर में दशकों के दौरान हुए विकास का सदुपयोग कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों में किया जा रहा है, जिससे देशों को उनके नागरिकों को सुरक्षित रखने और अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर रखने में मदद मिल रही है.

शान्तिपूर्ण सभा करने का अधिकार: नई व्याख्या

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति ने शान्तिपूर्ण ढँग से एकत्र होने के अधिकार की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया है कि यह दायरा व्यक्तिगत मौजूदगी वाली बैठकों के साथ-साथ वर्चुअल और ऑनलाइन सभाओं के लिये भी लागू होता है. मानवाधिकार समिति के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने कहा है कि लोगों को शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और सरकारों को मानवाधिकार क़ानूनों का सम्मान करते हुए अपने तय दायित्वों का निर्वहन करना चाहिये. 

डिजिटल उपलब्धता को सार्वभौमिक बनाने की ज़रूरत

कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर में लोगों के कामकाज करने, एक दूसरे के साथ मिलने-जुलने, स्कूल जाने और ज़रूरी सामान ख़रीदने के लिए दुकानों व स्टोरों पर जाने के तरीक़ों में अभूतपूर्व बदलाव ला दिए हैं, ऐसे में ये बेहद ज़रूरी हो गया है कि दुनिया भर में जो लगभग तीन अरब 60 करोड़ लोग ऑनलाइन सुविधाओं से वंचित हैं, उन्हें भी डिजिटल अभाव के अन्तर से उबारा जाए.