टैक्नॉलॉजी

निगरानी के लिये 'जासूसी सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल चिन्ताजनक' - यूूएन मानवाधिकार प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने अनेक देशों में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की निगरानी के लिये जासूसी सॉफ़्टवेयर ‘पैगेसस’ का कथित तौर पर इस्तेमाल किये जाने सम्बन्धी ख़बरों को बेहद चिन्ताजनक क़रार दिया है.

डिजिटल टैक्नॉलॉजी को वैश्विक भलाई के रूप में बढ़ावा देने पर ज़ोर

कोविड-19 ने विश्व भर में रूपान्तरकारी डिजिटल बदलावों की प्रक्रिया को तेज़ किया है, मगर लाखों-करोड़ों लोग अब भी इण्टरनेट तक पहुँच से दूर हैं. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने 17 मई को ‘विश्व दूरसंचार एवं सूचना विज्ञान दिवस’ के लिये अपने सन्देश में, वैश्विक महामारी और डिजिटल दरारों, दोनों चुनौतियों पर पार पाने और सूचना व संचार टैक्नॉलॉजी को वैश्विक भलाई के लिये बढ़ावा देने के लिये कार्रवाई किये जाने का आहवान किया है.

विज्ञान व प्रोद्योगिकी का फ़ायदा सभी को पहुँचाने के उपायों पर चर्चा

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक व सामाजिक परिषद (ECOSOC) ने तमाम लोगों को विज्ञान व टैक्नॉलॉजी के भरपूर फ़ायदे पहुँचाने के मुद्दे पर ज़ोर देने के लिये, दो दिवसीय वर्चुअल बैठक का आयोजिन किया है जो मंगलवार को शुरू हुई. 

उज्ज्वल भविष्य के लिये, लड़कियों को प्रोद्योगिकी से जोड़ना होगा, यूएन का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान, जबकि सूचना और संचार प्रोद्योगिकी (आईसीटी) अति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तो आधी दुनिया, इण्टरनेट जुड़ाव से वंचित है. उन्होंने, गुरूवार, 22 अप्रैल को, आईसीटी में लड़कियों के अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर अपने सन्देश में कहा कि इण्टरनेट से वंचित रहने वालों में, ज़्यादातर महिलाएँ और लड़कियाँ हैं, और वो भी विकासशील देशों में ज़्यादा.

एक ज़िम्मेदार आर्टिफ़िशियल इंटैलिजेंस (AI) - समय की ज़रूरत (ब्लॉग)

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेज़िडेन्ट कोऑर्डिनेटर (RCO), रेनाटा डेज़ालिएन का मानना है कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना, आर्टिफ़िशियल इंटैलिजेंस यानि AI से, सामाजिक व आर्थिक खाई और भी ग़हरी हो सकती है, जिसके भेदभावपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं. 
 

टैक्नॉलॉजी क्रान्ति के अनेक लाभ, मगर विषमताओं की रोकथाम ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने कहा है कि विकासशील देशों को, कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने में अहम औज़ार साबित होने वाली अभूतपूर्व टैक्नॉलॉजी को अपनाना होगा, लेकिन इसके अभाव में, डिजिटलीकरण के दौर में उन्हें पहले से कहीं व्यापक स्तर पर विषमताओं का सामना करना पड़ेगा. व्यापार एवँ विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मलेन (UNCTAD) द्वारा गुरुवार को जारी एक नई रिपोर्ट में डिजिटल समाधानों के बढ़ते इस्तेमाल और उनके प्रभाव की पड़ताल की गई है.  

महिलाओं और लड़कियों का विज्ञान से है नाता – यूएन प्रमुख 

बहुत सी महिला वैज्ञानिकों को, वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान प्रयोगशालाएँ बन्द होने और सम्बन्धियों की देखभाल करने की बढ़ी ज़िम्मेदारियाँ सम्भालने सहित, अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 11 फ़रवरी, को ‘विज्ञान में महिलाओं व लड़कियों के अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी में, लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने की पुकार लगाई है. 

पूर्वाग्रह, नस्लवाद और झूठ: आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस के अवान्छित नतीजों से निपटने की दरकार

वैश्विक महामारी कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल करने वाले ऐसे शक्तिशाली डिजिटल औज़ारों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिनमें दुनिया को बेहतर बनाने की सम्भावना है. लेकिन दैनिक जीवन में एआई की बढ़ती दखल से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि इस टैक्नॉलॉजी के ग़लत इस्तेमाल से गम्भीर नुक़सान भी हो सकता है. इसी आशंका के मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र ने एआई के लिये एक मज़बूत अन्तरराष्ट्रीय नियामन की पुकार लगाई है. 
 

एशिया-प्रशान्त: अन्तरिक्ष टैक्नॉलॉजी की मदद से टिकाऊ विकास को बढ़त

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि एशियाई व प्रशान्त देश कोरोनावायरस महामारी के फैलाव व प्रभाव का मुक़ाबला करने और अन्य ज़मीनी चुनौतियों का सामना करने के लिये अन्तरिक्ष भू-स्थानिक टैक्नॉलॉजी का भरपूर फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

अन्तरिक्ष सैक्टर कोविड-19 के दौरान समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर रखने में मददगार

संयुक्त राष्ट्र की वृहद अन्तरिक्ष मामलों के लिये एजेंसी (UNOOSA) की अध्यक्ष सिमोनेट्टा डी पिप्पो ने कहा है कि अन्तरिक्ष सैक्टर में दशकों के दौरान हुए विकास का सदुपयोग कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों में किया जा रहा है, जिससे देशों को उनके नागरिकों को सुरक्षित रखने और अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर रखने में मदद मिल रही है.