तख़्ता पलट

म्याँमार: 'बड़े पैमाने पर मौतों' की रोकथाम के लिये कार्रवाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में व्यापक पैमाने पर मौतों को टालने के लिये जल्द से जल्द अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है. ख़बरों के अनुसार सेना द्वारा किये जा रहे हमलों से बचने के लिये, बड़ी संख्या में लोगों ने जंगलों में शरण ली है, उनके पास भोजन, पानी व दवा का सहारा नहीं है, जिससे उनके जीवन के लिये जोखिम पैदा हो रहा है. 

म्याँमार: आम जन के साथ एकजुटता और उनकी रक्षा ज़रूरी, यूएन विशेषज्ञ का आग्रह

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने ध्यान दिलाया है कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय का यह दायित्व है कि म्याँमार में, अपने ही देश की सेना द्वारा किये जा रहे हमलों का सामना कर रहे लोगों की रक्षा की जाए. यूएन न्यूज़ के साथ उनकी ख़ास बातचीत का यह दूसरा हिस्सा है, जिसमें विशेष रैपोर्टेयर ने म्याँमार के पड़ोसी देशों से, सुरक्षा की ख़ातिर भाग रहे लोगों को शरण देने का आग्रह किया है.

म्याँमार: सेना की पूरी कोशिश, 'दुनिया के सामने सच्चाई ना आए'

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर सयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास इण्टरव्यू में बताया है कि सैन्य नेतृत्व पूरी कोशिश कर रहा है कि देश से सच को बाहर जाने से रोका जा सके. उनके मुताबिक़ सेना नहीं चाहती है कि म्याँमार में हालात के बारे में, दुनिया को सही जानकारी मिल सके. यूएन विशेषज्ञ ने उन उपायों का इस्तेमाल किये जाने की सिफ़ारिश की है कि जोकि अतीत में सफल साबित हो चुके हैं.  

म्याँमार: हिंसक झड़पों के कारण हज़ारों लोग विस्थापित

म्याँमार के सुरक्षा बलों और क्षेत्रीय हथियारबन्द गुटों के बीच झड़पों में देश के अनेक हिस्सों में अब तक 17 आम नागरिकों के मारे जाने की ख़बर है. मानवीय राहत मामलों में समन्वय के लिये संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने बुधवार को म्याँमार के मौजूदा हालात पर एक अपडेट जारी कर बताया है कि हिंसा की वजह से हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं. 

म्याँमार की सेना, देश के भविष्य के लिये ख़तरा - यूएन दूत की चेतावनी

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने कहा है कि देश की सेना अपने ही नागरिकों के ख़िलाफ़ खड़ी हो गई है, जिससे देश के भविष्य पर जोखिम मंडरा रहा है. विशेष दूत ने म्याँमार में वार्षिक 'सैन्य बल दिवस' की पूर्व संध्या पर, शुक्रवार को जारी अपने बयान में म्याँमार मे हालात पर चिन्ता जताई है.  

म्याँमार में ‘हालात बिगड़ने की आशंका’, आपात बैठक बुलाए जाने का आग्रह

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर टॉम एण्ड्रयूज़ ने मौजूदा हालात पर चर्चा के लिये अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से सभी हितधारकों की एक आपात बैठक बुलाए जाने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि इस वार्ता में उन सांसदों को भी आमन्त्रित किया जाना होगा जो फ़रवरी मे सैन्य तख़्ता पलट से पहले चुनावों में लोकतान्त्रिक रूप से चुने गए थे.

म्याँमार: प्रदर्शनकारियों पर हिंसा में तेज़ी, मानवाधिकार कार्यालय ‘बेहद व्यथित’

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने म्याँमार में शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई पर गहरा क्षोभ प्रकट किया है. यूएन कार्यालय के अनुसार सड़कों पर मृतकों का आँकड़ा बढ़ना, घातक बल का आक्रामक इस्तेमाल किया जाना, और लोगों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेने के बाद यातना दिये जाने की ख़बरें, चिन्ता का कारण हैं.

म्याँमार: हिंसा, विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा परिषद की दृढ़ता व एकजुटता पर बल

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीना श्रेनर बर्गनर ने आगाह किया है कि देश में राजनैतिक संकट के बीच स्थानीय लोगों ने सुरक्षा परिषद और यूएन के सदस्य देशों से, तख़्तापलट के लिये ज़िम्मेदार सैन्य नेतृत्व के ख़िलाफ़ कार्रवाई का इन्तज़ार है, लेकिन यह उम्मीद धूमिल होती जा रही है. उन्होंने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए ज़ोर देकर कहा कि म्याँमार के मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की एकता और दृढ़ता पहले से कहीं ज़्यादा अहम है.

म्याँमार: विरोध प्रदर्शनों के दौरान, एक दिन में, 38 लोगों की मौत ‘स्तब्धकारी’ 

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि देश में हालात से क्षेत्रीय स्थिरता के लिये चुनौती पैदा हो रही है, और मौजूदा संकट वास्तव में एक युद्ध में तब्दील हो सकता है. म्याँमार में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद जारी विरोध प्रदर्शनों में, बुधवार को 38 लोगों की मौत हुई है. 

म्याँमार: प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा की निन्दा, 'बुनियादी अधिकारों का सम्मान हो'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने म्याँमार में बढ़ती हिंसा की कड़े शब्दों में निन्दा की है और बल प्रयोग पर तत्काल रोक लगाए जाने की माँग की है. म्याँमार में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद, विरोध-प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 18 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है.