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टिकाऊ विकास

सिंगापुर में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद एक महिला घर पर डिजिटल उपकरण का उपयोग कर रही है.
WHO/Blink Media — Juliana Tan

'डिजिटल दरारों पर पुल निर्माण', टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए अहम

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को इंडोनेशिया के बाली शहर में जी20 समूह की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि डिजिटल टैक्नॉलॉजी क्षेत्र में उचित राष्ट्रीय नीतियों के ज़रिये, टिकाऊ विकास को अभूतपूर्व बढ़ावा दिया जा सकता है, विशेष रूप से निर्धनतम देशों के लिए.

दक्षिणी सूडान के लम्वो ज़िले में बच्चे रस्सी-कूद खेल रहे हैं.
© UNICEF/Jimmy Adriko

विश्व आबादी हुई आठ अरब, 'मानवता के लिए मील का पत्थर'

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने मंगलवार को विश्व आबादी आठ अरब हो जाने की आधिकारिक पुष्टि करते हुए, इसे मानव दीर्घ जीवन के लिए एक अहम पड़ाव क़रार दिया है. यूएन एजेंसी के अनुसार यह आँकड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य में विशाल बेहतरी का द्योतक है, मगर इसके साथ ही बदतर होती जा रही आर्थिक विषमता व पर्यावरण क्षति के प्रति सचेत रहने की भी आवश्यकता है.  

दक्षिण सूडान के यूनिटी प्रान्त में एक महिला, विश्व खाद्य कार्यक्रम से प्राप्त सामग्री से खाना पका रही है.
© WFP/Gabriela Vivacqua

2023 में खाद्य तबाही की आशंका, 'रोकथाम के लिए एकजुट कार्रवाई अभी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इंडोनेशिया में जी20 समूह की शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए आगाह किया है कि समन्वित कार्रवाई के अभाव में, इस वर्ष ‘वहन क्षमता का संकट’ (crisis of affordability), वर्ष 2023 में वैश्विक खाद्य क़िल्लत का गम्भीर रूप धारण कर सकता है.

पाकिस्तान में शहीद बेनज़ीरबाद ज़िले के एक गाँव में बच्चों का एक समूह.
© UNICEF/Shehzad Noorani

आठ अरब आबादी, एक मानवता; 'स्वास्थ्य और विज्ञान में असाधारण प्रगति का परिचायक'

अगले सप्ताह, विश्व जनसंख्या आठ अरब के आंकड़े पर पहुँच जाएगी, जिसे यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने असाधारण वैज्ञानिक प्रगति और पोषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य व साफ़-सफ़ाई के क्षेत्र में बेहतरी को दर्शाती है.

अत्यधिक निर्धनता व मानवाधिकारों पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर ओलिवियर डे शुटर लेबनान की यात्रा के दौरान.
Marwan Tahtah

नस्लवाद और लैंगिकवाद की तरह, ‘निर्धनतावाद’ भी ग़ैरक़ानूनी हो, यूएन विशेषज्ञ

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ओलिवियर डे शुटर ने सचेत किया है कि विश्व भर में जीवन-यापन की लागत में वृद्धि से उपजे वैश्विक संकट के कारण, वर्ष 2030 तक निर्धनता उन्मूलन के प्रयासों में अवरोध पैदा हुआ है. इसके बावजूद, टिकाऊ विकास एजेंडा के इस लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में ठोस प्रगति दर्ज कर पाना सम्भव है.   

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आईआईटी मुम्बई में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों को सम्बोधित किया.
UN Photo/Deepak Malik

भारत के पास टिकाऊ विकास व जलवायु न्याय के लिये, अगुवाई करने का ‘अभूतपूर्व अवसर’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि भारत के पास विकासशील देशों की आवाज़ उठाने और टिकाऊ विकास, जलवायु न्याय व सहनक्षमता निर्माण में उदाहरण पेश करते हुए अगुवाई करने का एक अहम अवसर है. यूएन प्रमुख ने अपनी भारत यात्रा के दौरान बुधवार को, मुम्बई में एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि 2030 एजेंडा के तहत अनेक टिकाऊ विकास लक्ष्यों की सफलता का पैमाना, भारत में कार्रवाई से ही तय होगा.

मंगोलिया के उलानबाटर शहर में वायु प्रदूषण.
© UNICEF/Tamir Bayarsaikhan

जलवायु परिवर्तन है ऊर्जा सुरक्षा के लिये जोखिम, नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश की पुकार

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) व साझेदार संगठनों की एक नई रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक तापमान में वृद्धि को रोकने के लिये यह ज़रूरी है कि ऊर्जा स्रोतों – सौर, पवन व जलविद्युत – से प्राप्त होने वाली बिजली आपूर्ति को अगले आठ वर्षों में दोगुना किया जाए. यदि ऐसा नहीं हुआ तो फिर जलवायु परिवर्तन, चरम मौसम घटनाओं और जल आपूर्ति दबाव के कारण ऊर्जा सुरक्षा ख़तरे में पड़ सकती है.

यूएन महासभा के 77वें सत्र के लिये अध्यक्ष कसाबा कोरोसी.
UN Photo/Cia Pak

जनरल डिबेट का समापन: नई चुनौतियों से परिपूर्ण दौर में, वैश्विक एकजुटता पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक सप्ताह तक, सदस्य देशों की प्राथमिकताओं, उनके समक्ष मौजूद चुनौतियों व उनके प्रभावों पर विचार-विमर्श के बाद, जनरल ऐसेम्बली के 77वें सत्र का उच्चस्तरीय खण्ड सोमवार को समाप्त हो गया. यूएन महासभा अध्यक्ष ने अपने समापन सम्बोधन में कहा कि इस दौरान बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति दर्शाती है कि अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों के परिप्रेक्ष्य में जनरल डिबेट कितनी अहम है. 

थाईलैण्ड में, महिला कामगार, एक पवन ऊर्जा संयंत्र की बुनियाद के निर्माण में सहायता करते हुए.
© ADB

ILO: अक्षय ऊर्जा में रोज़गार बढ़कर 1.3 करोड़ पर पहुँचे

संयुक्त राष्ट्र के अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और अन्तरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में रोज़गार पाने वालों की संख्या एक करोड़ 27 लाख तक पहुँच गई, जो उससे पिछले केवल एक वर्ष के दौरान सात लाख नए रोज़गार सृजित हुए. और ये सकारात्मक वृद्धि कोविड-19 महामारी के लगातार जारी प्रभावों और बढ़ते उर्जा संकटों के बावजूद हुई.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश महासभा के 77वें सत्र में उच्चस्तरीय जनरल डिबेट के उदघाटन दिवस पर प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे हैं.
UN Photo/Cia Pak

दरारों व चुनौतियों पर पार पाने व आशा संचार के लिये वैश्विक गठबन्धन की पुकार

 संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को आगाह किया कि विश्व भर में लोग राहत व आशा की पुकार लगा रहे हैं, जबकि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय जलवायु परिवर्तन से लेकर हिंसक संघर्ष जैसी विकराल चुनौतियों का सामना करने में, लाचारी महसूस कर रहा है, और वैश्विक कार्रवाई भूराजनैतिक तनावों की भेंट चढ़ रही है.