तालेबान

केयर इंटरनेशनल नामक ग़ैर-सरकारी संगठन की महासचिव सोफ़िया स्पैशमन सिनीरो, अफ़ग़ानिस्तान की हाल की यात्रा के बाद, ताज़ा स्थिति की जानकारी देते हुए.
UN Photo/Loey Felipe

अफ़ग़ानिस्तान: सहायता अभियानों में महिलाओं की भूमिका पर दिशा-निर्देशों का इन्तज़ार

संयुक्त राष्ट्र के चार शीर्ष मानवीय सहायता पदाधिकारियों ने सोमवार को न्यूयॉर्क में कहा है कि यूएन के नेतृत्व में, मानवतावादियों ने उम्मीद जताई है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान प्रशासन, देश की महिलाओं को, फिर से ग़ैर-सरकारी संगठनों में कामकाज करने की इजाज़त देगा. दिसम्बर 2022 में ये पाबन्दी लगाई गई थी.

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात प्रान्त में स्थित एक स्कूल में छात्राएँ. (फ़ाइल)
© UNICEF/Mark Naftalin

अफ़ग़ानिस्तान: तालेबान से महिलाओं व लड़कियों से पाबन्दियाँ हटाने, अधिकार हनन रोकने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव आमिना जे मोहम्मद और महिला सशक्तिकरण मामलों के लिए प्रयासरत यूएन संस्था (UN Women) की प्रमुख सीमा बहोउस ने अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान नेतृत्व से, उन आदेशों व नीतियों को वापिस लेने का आग्रह किया है, जिनसे देश में महिलाएँ व लड़कियाँ अपने घरों तक सीमित रह गई हैं, उनके अधिकारों का हनन हुआ है, और उनकी सेवाओं से समुदाय वंचित हो रहे हैं.

अफ़ग़ानिस्तान के नूरिस्तान प्रान्त के एक हाई स्कूल में, कुछ छात्राएँ अपनी कक्षा में बैठे हुए. तालेबान के शासन में लड़कियों की शिक्षा पर अनेक तरह की पाबन्दियाँ लगी हैं.
© UNICEF/Sayed Bidel

अफ़ग़ानिस्तान: 'तालेबान द्वारा महिला अधिकारों के उल्लंघन के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद की एकता अनिवार्य'

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि रोज़ा ओटुनबायेवा ने शुक्रवार को कहा है कि देश में महिलाओं और लड़कियों के बुनियादी अधिकारों को लुप्त करने वाली तालेबान की नीतियों का विरोध करने के लिए सुरक्षा परिषद को एकजुट होना होगा.

अफ़ग़ानिस्तान के कन्दाहार में एक पोलियो अभियान के तहत, बच्चे का टीकाकरण किया जा रहा है.
© UNICEF/Frank Dejongh

अफ़ग़ानिस्तान: ग़ैर-सरकारी संगठनों में महिलाओं के काम करने पर रोक की कठोर निन्दा

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों और नागरिक समाज संगठनों के प्रमुखों ने गुरूवार को एक स्वर में, अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान प्रशासन से आग्रह किया है कि ग़ैर-सरकारी संगठनों में महिलाओं के काम करने पर लगाई गई पाबन्दी को हटाया जाना होगा.

अफ़ग़ानिस्तान में विस्थापितों के लिये बनाए गए शिविर में बच्चे.
© UNICEF/Omid Fazel

अफ़ग़ानिस्तान: तालेबान प्रशासन के साथ सम्वाद जारी रखने की अहमियत रेखांकित

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) की प्रमुख और यूएन महासचिव की विशेष प्रतिनिधि रोज़ा ओटुनबायेवा ने सुरक्षा परिषद में सदस्य देशों से आग्रह किया कि मत-भिन्नताओं के बावजूद, देश में लोगों की भलाई के लिये यूएन मिशन और तालेबान प्रशासन के बीच सम्वाद को जारी रखना होगा.

अफ़ग़ानिस्तान के काबुल शहर की एक सुबह.
Unsplash/ Mohammad Rahmani

अफ़ग़ानिस्तान: तालेबान के सत्ता नियंत्रण के बाद सार्वजनिक फाँसी की पहली घटना, 'बेहद चिन्ताजनक’

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय, (OHCHR) ने, अफ़ग़ानिस्तान में, अगस्त 2021 में, तालेबान द्वारा सत्ता पर नियंत्रण किए जाने के बाद सार्वजनिक फाँसी दिए जाने की पहली घटना की बुधवार को कड़ी आलोचना की है. प्रवक्ता जेरेमी लॉरेंस ने इसे "बेहद परेशान करने वाला" घटनाक्रम बताया.

अफ़ग़ानिस्तान में, अगस्त 2021 में तालेबान की सत्ता वापसी के बाद, महिलाओं और लड़कियों की ज़िन्दगी में तूफ़ान आ गया है.
Sayed Habib Bidel/UNWomen

तालेबान द्वारा महिलाओं के मानवाधिकार उल्लंघन, माने जा सकते हैं - मानवता के विरुद्ध अपराध

संयुक्त राष्ट्र के 11 स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में सत्ताधीन तालेबान शासकों द्वारा महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाने की नवीनत गतिविधियों की जाँच, लैंगिक प्रताड़ना के रूप में की जानी चाहिए.

अफ़ग़ानिस्तान के कन्दहार में यूनीसेफ़-समर्थित एक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतीक्षा कक्ष.
© UNICEF/Alessio Romenzi

अफ़ग़ानिस्तान: आर्थिक बदहाली के बीच, बढ़ते अपराध और पनपता आतंकवाद

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष कसाबा कोरोसी ने गुरूवार को आगाह किया कि अफ़ग़ानिस्तान में दो-तिहाई लोग भूख की मार झेल रहे हैं, लड़कियों की शिक्षा पर तालेबानी आदेश लागू किए गए हैं, जबकि अफ़ीम उत्पादन में बड़ी बढ़ोत्तरी के परिणामस्वरूप अपराध और आतंकवाद एक बार फिर फल-फूल रहे हैं.

काबुल के दश्त-ऐ-बरछी इलाक़े में स्थित शिक्षण केन्द्र में लड़कियाँ पढ़ाई कर रही हैं.
© UNICEF/Shehzad Noorani

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में शिक्षण केन्द्र पर 'भयावह' हमले की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में आत्मघाती बम हमले की निन्दा की है, जिसमें 20 से अधिक लोगों की मौत हुई है. नवीनतम समाचारों के अनुसार मृतकों में अधिकतर युवा महिलाएँ है, जो एक शिक्षण केन्द्र पर परीक्षाओं की तैयारियों में जुटी थीं.

एक 12 वर्षीय लड़का अफ़ग़ानिस्तान के एक पश्चिमी प्रान्त - उरुज़गान में केले बेचते हुए.
© UNICEF

अफ़ग़ानिस्तान के साथ सम्पर्क व बातचीत ज़रूरी, अन्यथा बिखराव का जोखिम

अफ़ग़ानिस्तान के लिये, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष उप प्रतिनिधि मार्कस पॉटज़ेल ने सुरक्षा परिषद को देश में हालात से अवगत कराते हुए बताया कि यदि तालेबान, सभी अफ़ग़ान नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करने और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के साथ रचनात्मक ढंग से सम्पर्क व बातचीत में विफल रहा, तो देश का भविष्य अनिश्चित है.