तालाबन्दी

कोविड-19: स्कूलों में तालाबन्दी यथासम्भव टालने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की कार्यकारी निदेशक हैनरीएटा फ़ोर ने आगाह किया है कि कोरोनावायरस के बेहद संक्रामक वैरीएण्ट, ओमिक्रॉन, के फैलाव के बावजूद, स्कूलों में तालाबन्दी टाले जाने के लिये हरसम्भव प्रयास किये जाने होंगे. 

कोविड-19: छात्रों की जीवन-पर्यन्त कमाई पर असर, 17 हज़ार अरब डॉलर के नुक़सान की आशंका

कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूलों में तालाबन्दी होने की वजह से, छात्रों की मौजूदा पीढ़ी को अपनी आजीवन कमाई में 17 हज़ार अरब डॉलर के नुक़सान का सामना करना पड़ सकता है. वैश्विक शिक्षा संकट के मुद्दे पर, विश्व बैन्क (World Bank), यूएन शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक संगठन (UNESCO), और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की नई रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त किया गया है. 

कोविड-19: यौन व प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों की पुनर्बहाली का आग्रह

स्वास्थ्य के अधिकार पर संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने बुधवार को यूएन महासभा में सदस्य देशों को ध्यान दिलाते हुए कहा है कि यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार, मानवाधिकार हैं और कोरोनावायरस संकट से उबरते हुए इन अधिकारों की पुनर्बहाली भी की जानी होगी.

कोविड-19 व्यवधान से ‘शिक्षा प्रणाली को उबारने में शिक्षकों की अहम भूमिका’

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की वजह से शिक्षा में आए व्यवधान को दूर करने और शिक्षा प्रणाली की सफल पुनर्बहाली के लिये, विश्व में सात करोड़ से अधिक शिक्षकों के कल्याण, प्रशिक्षण, पेशेगत विकास और कामकाजी परिस्थितियों में निवेश बढ़ाये जाने की आवश्यकता होगी. 

कोविड-19 के डेढ़ साल बाद भी, करोड़ों बच्चों के लिये स्कूल हैं बन्द

कोविड-19 महामारी की शुरुआत के 18 महीनों बाद भी, दुनिया के छह देशों में सात करोड़ से अधिक छात्रों के लिये स्कूल, अब भी लगभग पूरी तरह से बन्द हैं. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने शिक्षा में आए इस व्यवधान से निपटने के लिये देशों की सरकारों से स्कूलों को जल्द से जल्द खोलने का आहवान किया है. 

बच्चों का भविष्य बचाने के लिये तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता

भारत में अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की निदेशक, डागमार वॉल्टर ने ज़ोर देकर कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दूरगामी प्रभावों से बच्चों की रक्षा करने और बाल मज़दूरी के क्षेत्र में हुई प्रगति को व्यर्थ होने से बचाने के लिये तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत है.  

कोविड-19: यात्रा पाबन्दियों के कारण लाखों प्रवासियों का जीवन अधर में  

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी (IOM) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के कारण लागू की गई यात्रा पाबन्दियों व तालाबन्दियों का शरणार्थियों व प्रवासियों की ज़िन्दगियों पर भारी असर हुआ है. यूएन एजेंसी के अनुसार प्रवासियों को अक्सर मजबूरी में यात्राएँ करने के लिये मजबूर होना पड़ता है, मगर मौजूदा संकट के दौरान लाखों लोग अपने घर से दूर कठिन हालात में फँसे हुए हैं. 

कोविड-19: दस करोड़ अतिरिक्त बच्चे पढ़ने के बुनियादी कौशल में पिछड़े

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) का एक नया अध्ययन दर्शाता है कि विश्व भर में, अनुमान से 10 करोड़ ज़्यादा बच्चे, पढ़ने की न्यूनतम निपुणता हासिल करने में पिछड़ रहे हैं. कोविड-19 महामारी के कारण स्कूलों में तालाबन्दी की वजह से बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में, दशकों की प्रगति पर संकट मंडरा रहा है.

कोविड-19: उपायों में ढिलाई के लिये, मौसमी कारकों को वजह ना बनाएँ

संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी (WMO) ने आगाह करते हुए कहा है कि उत्तरी गोलार्द्ध में गर्मी का मौसम शुरू होने के मौक़े को, कोरोनावायरस महामारी से बचने के उपायों में ढिलाई बरते जाने के लिये, किसी कारण या बहाने के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिये. 

अन्तिम उपाय के तौर पर ही हो स्कूलों में तालाबन्दी - यूनीसेफ़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने मंगलवार को ज़ोर देकर कहा है कि बच्चों की स्कूली शिक्षा जारी रखने के लिये कोई भी कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिये. ग़ौरतलब है कि कोरोनावायरस संकट के कारण अनेक देशों में ऐहतियाती उपायों के तौर पर स्कूलों को बन्द किया है जिससे करोड़ों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर असर हुआ है.