टैलीवर्किंग

अल्जीरिया के कोन्स्टनटीन में कोविड-19 के दौरान एक बेकरी में कर्मचारी, सामान बेच रहे हैं.
ILO Photo/Yacine Imadalou

कामकाजी सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिये, सामाजिक सम्वाद की अहमियत रेखांकित

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी ने दर्शाया है कि नियोक्ताओं (employers), कर्मचारियों और सरकारों के बीच कारगर रचनात्मक सहयोग, उन कामकाजी सुरक्षा व स्वास्थ्य उपायों को लागू करने का सर्वोत्तम तरीक़ा है, जिनसे मौजूदा व भावी संकटों में ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सकती है.

फ़्रांस के लियोन में तालाबन्दी के दौरान एक पत्रकार घर से काम कर रही हैं और उनकी बेटी उनके साथ खेल रही है.
© UNICEF/Bruno Amsellem/Divergence

कोविड काल में 'टैलीवर्किंग': नव सामान्य के लिये, जोखिम, लाभ और क़दम

संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों ने बुधवार को कहा है कि क़रीब दो वर्ष पहले फैलनी शुरू हुई कोरोनावायरस महामारी ने दुनिया भर में दफ़्तरी कामकाज में भारी व्यवधान डाला और उसी के परिणामस्वरूप दफ़्तरों से दूरस्थ स्थानों और घरों से कामकाज यानि ‘टैलीवर्किंग’ का चलन शुरू होने के साथ ही, कामगारों के स्वास्थ्य व अन्य तरह की बेहतरी के लिये महत्वपूर्ण परिवर्तनों की ज़रूरत है.

आर्मीनिया के येरेवान में एक बच्चा अपने पिता के साथ बैठकर पढ़ाई करते हुए.
© UNICEF/Arthur Gevorgyan

कोविड-19 के दौर में कामकाजी सुरक्षा का मुद्दा

कोविड-19 महामारी के कारण, दुनिया भर में, अपने घरों से ही काम करने वालों की संख्या बेतहाशा बढ़ी है, जिसने रोज़गार देने वालों के लिये इस ज़रूरत पर ध्यान केन्द्रित कर दिया है कि वो कर्मचारियों व कामगारों के लिये सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें. 28 अप्रैल को, कार्यस्थलों पर सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिये विश्व दिवस के अवसर पर, यहाँ प्रस्तुत है एक आकलन कि संयुक्त राष्ट्र, लोगों को, उनके कामकाज के दौरान समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करने में, रोज़गार देने वालों और सरकारों की, किस तरह मदद कर रहा है...