स्वास्थ्य

दुनिया में भुखमरी का अंत कैसे सुनिश्चित हो?

पृथ्वी पर हर एक इंसान का पेट भरने लायक पर्याप्त भोजन का उत्पादन हो रहा है, लेकिन फिर भी विश्व के कुछ हिस्सों में भुखमरी बढ़ती जा रही है और 82 करोड़ से ज़्यादा लोग "लगातार कुपोषण का शिकार" बने हुए हैं. दुनिया में हर इंसान को पर्याप्त भोजन मिले – ये सुनिश्चित करने के लिए आख़िर क्या क़दम उठाए जा रहे हैं?

युवाओं में आत्महत्या के बढ़ते स्तर पर गहरी चिंता

दुनिया भर में क़रीब आठ लाख लोग हर साल आत्महत्याओं की वजह से मौत के मुँह में चले जाते हैं - हर चालीस सेकंड में एक व्यक्ति की मौत. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़ों के अनुसार 15 से 29 वर्ष की उम्र के युवाओं में मौत का यह दूसरा सबसे बड़ा कारण है. गुरूवार 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आत्महत्याओं को रोकने के प्रयासों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर ही ज़ोर दिया गया है.

काँगो गणराज्य में जटिल हालात में ईबोला से 1000 जीवित बचने पर बड़ी तसल्ली

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक हज़ार लोग ईबोला के चंगुल से जीवित बचने में कामयाब हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने इस कामयाबी का श्रेय कोंगो के स्वास्थ्य अधिकारियों के नेतृत्व और हज़ारों स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों और साझीदारों की कड़ी मेहनत को दिया है.

बुज़ुर्गों की बढ़ती आबादी की ज़रूरतें पूरी करना ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दक्षिण पूर्वी एशियाई क्षेत्र में बुज़ुर्ग आबादी बढ़ रही है. इस क्षेत्र में मुख्य रूप से 11 देश शामिल हैं जिनके नाम हैं – भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया, म्यांमार, मालदीव, भूटान, थाईलैंड, उत्तर कोरिया (डीपीआरके) और तिमोर लेस्टे.

बचपन बदल रहा है, 'हमें भी बदलना होगा'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि बाल अधिकारों पर संधि से बच्चों के अधिकारों के लिए अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का सृजन हुआ है और बच्चों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के प्रयासों को मज़बूती मिली है. यूएन प्रमुख ने बाल अधिकार संधि के पारित होने की 30वीं वर्षगांठ पर बुधवार को यूएन मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में ये बात कही.

क़रीब पाँच अरब लोग हो जाएंगे स्वास्थ्य केयर से बाहर

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि देशों ने तमाम इंसानों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में अंतर को ख़त्म करने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए तो 2030 तक लगभग 5 अरब लोगों को स्वास्थ्य देखभाल मयस्सर नहीं होगी. 

हर 40 सेकंड में एक आत्महत्या, अब भी!

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि देशों में राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सुधारों में प्रगति होने के बावजूद हर 40 सेकंड में आत्महत्या से एक व्यक्ति की मौत हो जाती है. संगठन के निदेशक ने दुनिया भर में आत्महत्याओं के अनुमानों के बारे में सोमवार को एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए ये बात कही.

ख़सरा और रुबेला के 2023 तक ख़ात्मे का संकल्प

विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण पूर्वी एशिया के क्षेत्र के सदस्य देशों ने अपने यहाँ ख़सरा और रुबेला बीमारियों को साल 2023 तक पूरी तरह से ख़त्म करने का संकल्प व्यक्त किया है. दक्षिण पूर्वी एशियाई क्षेत्र के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय समिति के नई दिल्ली में 5 सितंबर को हुए 72वें सत्र में ये संकल्प लिया गया.

तंबाकू सेवन को बढ़ावा देने के तरीक़ों पर रोक की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तमाम सरकारों का आहवान किया है कि उन्हें तंबाकू सेवन के विज्ञापन, उन्हें बढ़ावा देने और उन्हें प्रायोजित करने पर पाबंदियों को सख़्ती से लागू करना चाहिए. विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण के लिए बने फ्रेमवर्क कन्वेंशन के अनुच्छेद 13 में ये व्यवस्था की गई है.

माँ के दूध के अनगिनत फ़ायदे, फिर भी बेपरवाही

इसमें ज़रा भी शक़ नहीं है कि माँ का दूध बच्चों के लिए बहुत से फ़ायदों वाला यानी अमृत समान होता है मगर दुनिया भर में माँ बनने वाली महिलाओं को नर्सिंग की समुचित सुविधाएँ मुहैया कराने वाली नीतियाँ मौजूद नहीं हैं, विशेष रूप में कामकाज के स्थानों पर. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की अध्यक्ष हेनरिएटा फ़ोर ने बुधवार को कही.