सुरक्षा

'दुनिया घिरी हुई है - मानवीय सहायता अभियानों पर संकटों के तूफ़ान में'

संयुक्त राष्ट्र की उप प्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि दुनिया भर में रक्त रंजित संघर्षों और अशान्त हालात में बहुत तेज़ी देखी गई है जिनके कारण मानवीय सहायता कार्यक्रम संकटों का सामना कर रहे हैं, और संघर्षों वाले क्षेत्रों में, आम आबादी को इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ रही है.

लीबिया: राजनैतिक गतिरोध दूर करने के लिये सकारात्मक क़दमों की दरकार

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत यैन क्यूबिस ने गुरूवार को सुरक्षा परिषद में चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि लीबिया में युद्धविराम समझौते को लागू करने वाले – एक दूसरे पर निर्भर रास्ते और राजनैतिक प्रगति और आर्थिक सुधार, पीछे की ओर मुड़ जाने के जोखिम का सामना कर रहे हैं.

यूएन प्रमुख की, मध्य पूर्व में लड़ाई व हिंसा तत्काल रोके जाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार को सुरक्षा परिषद की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा है कि मध्य पूर्व में इसराइल और फ़लस्तीन के बीच मौजूदा हिंसा तत्काल रोकी जानी होगी. 

कोविड-19 के दौर में कामकाजी सुरक्षा का मुद्दा

कोविड-19 महामारी के कारण, दुनिया भर में, अपने घरों से ही काम करने वालों की संख्या बेतहाशा बढ़ी है, जिसने रोज़गार देने वालों के लिये इस ज़रूरत पर ध्यान केन्द्रित कर दिया है कि वो कर्मचारियों व कामगारों के लिये सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें. 28 अप्रैल को, कार्यस्थलों पर सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिये विश्व दिवस के अवसर पर, यहाँ प्रस्तुत है एक आकलन कि संयुक्त राष्ट्र, लोगों को, उनके कामकाज के दौरान समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करने में, रोज़गार देने वालों और सरकारों की, किस तरह मदद कर रहा है...

म्याँमार: देश पूर्ण व गम्भीर संघर्ष के रास्ते पर, मानवाधिकार प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार अधिकारी मिशेल बाशेलेट ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि म्याँमार में, प्रदर्शनों पर किया जाने वाला मौजूदा दमन, सीरिया की ही तरह, गम्भीर व पूर्ण संघर्ष का रूप भी ले सकता है. उन्होंने प्रभाव वाले देशों से, आम नागरिकों की “हत्याएँ” रोकने के लिये, तुरन्त और असरदार कार्रवाई किये जाने का आग्रह भी किया है.

माली: यूएन शान्तिरक्षकों पर घातक हमले की कठोरतम शब्दों में निन्दा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने माली में संयुक्त राष्ट्र मिशन के लिये अपनी सेवाएँ दे रहे शान्तिरक्षकों पर, शुक्रवार को हुए एक घातक हमले की कठोरतम शब्दों में निन्दा की है. 

‘महामारी’ के रूप में उभरती मुस्लिम-विरोधी नफ़रत, कार्रवाई का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि इस्लाम के नाम पर किये गए  11 सितम्बर, 2001 के हमलों और अन्य भयावह आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिये जाने के बाद से, मुसलमानों को संदिग्ध नज़र से देखे जाने की समस्या महामारी का आकार ले रही है. धर्म या आस्था की आज़ादी पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर अहमद शहीद ने, गुरुवार को, मानवाधिकार परिषद को सम्बोधित करते हुए, देशों का आहवान किया है कि मुसलमानों के साथ भेदभाव पर अंकुश लगाने के लिये उपाय सुनिश्चित किये जाने होंगे. 

अफ़ग़ानिस्तान में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, हताहतों की संख्या बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार को जारी एक मानवाधिकार रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में, सितम्बर 2020 में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, देश में हताहत हुए आम लोगों की संख्या में तीव्र बढ़ोत्तरी हुई है. अलबत्ता, पूरे वर्ष 2020 के दौरान, हताहतों की संख्या में, उससे पहले के वर्ष की तुलना में, कुछ कमी दर्ज की गई है.

काँगो: 30 लाख बच्चों का जीवन और भविष्य जोखिम में, यूनीसेफ़ की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (डीआरसी) में, विस्थापित लगभग 30 लाख बच्चों की गम्भीर स्थिति की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया है जिन्हें लड़ाकों की क्रूर हिंसा और अत्यन्त गम्भीर भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है.

कोविड से उत्पन्न हालात में, दाएश फिर सक्रिय, अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिये ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक मामलों के प्रमुख व्लादिमीर वोरोन्कॉफ़ ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि दाएश यानि आइसिल आतंकवादी लड़ाकों द्वारा, अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिये पेश ख़तरा, फिर से बढ़ रहा है.