सुरक्षा

अफ़ग़ानिस्तान में कोविड-19 के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले घोर निन्दनीय

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने कहा है कि देश में कोविड-19 महामारी फैलने के दो महीने के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं पर 15 हमले किए गए. रविवार को प्रकाशित एक ताज़ा रिपोर्ट में दिखाया गया है कि 11 मार्च और 23 मई के बीच हुए हमलों में किस तरह से स्वास्थ्यकर्मियों को निशाना बनाया गया और किस हद तक स्वास्थ्य सेवाओं को नुक़सान पहुँचा.

डीआरसी: यूनीसेफ़ द्वारा बाल हत्याओं की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (डीआरसी) के पूर्वोत्तर क्षेत्र में हुए एक हमले की कड़ी निन्दा की है जिसमें 16 लोग मारे गए हैं, इनमें 15 वर्ष से कम उम्र की पाँच लड़कियाँ भी हैं.

'नाज़ियों की हार के 75 वर्ष बाद, आज भी बहुत से लोग युद्ध की विभीषिका में हैं'

संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 8 और 9 मई को उन लाखों लोगों को याद करता है जिनकी ज़िन्दगी दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ख़त्म हो गई थी. उस भीषण तबाही वाले संघर्ष के बाद ही संयुक्त राष्ट्र वजूद में आया था. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार, 8 मई को एक वीडियो संदेश में आगाह करते हुए कहा कि मतभेद अब भी मौजूद हैं, और उन्होंने एक ऐसी दुनिया बनाने की पुकार लगाई जिसकी बुनियाद शान्ति व एकता पर टिकी हो.

'यमन दो मोर्चों पर युद्ध नहीं लड़ सकता'

यमन में वैश्विक महामारी कोविड-19 के और ज़्यादा गंभीर होते जाने के कारण अब बिल्कुल सही वक़्त है कि युद्धरत पक्ष अपनी अदावत ख़त्म करके लड़ाई बन्द कर दें. यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने गुरूवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में कही.  

आईसिल अब भी एक गंभीर आतंकवादी ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक मामलों के अध्यक्ष व्लादिमीर वोरोन्कॉफ़ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी समूह आईसिल के ख़िलाफ़ लड़ाई में एकजुट रहने का आहवान करते हुए कहा है कि ये गुट अफ्रीका, योरोप और एशिया तक अपनी पहुँच बनाए हुए है. उन्होंने शुक्रवार को आईसिल पर अपनी ताज़ा रिपोर्ट सुरक्षा परिषद में पेश करते हुए ये अपील की.

सीरिया: रोकना होगा जानमाल का नुक़सान और विशाल विस्थापन

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गियर पीडरसैन ने कहा है कि सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े – इदलिब में हवाई और ज़मीनी हमलों में आई तेज़ी के कारण विस्थापित होने वाले लोगों की बाढ़ सी आ गई है और जान-माल का भी भारी नुक़सान हुआ है.

हथियारों की बेरोक-टोक आपूर्ति और उपलब्धता से होती हैं लाखों मौतें

संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण प्रमुख इज़ूमी नाकामीत्सू ने कहा है कि दुनिया भर में साल 2010 से 2015 के बीच हिंसक कारणों से जितनी मौतें हुईं उनमें से लगतभग 50 फ़ीसदी मौतों के लिए छोटे हथियारों का इस्तेमाल हुआ. नाकामीत्सू ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि दुनिया भर में हर साल दो लाख से भी ज़्यादा लोगों की मौत हिंसक कारणों से हो जाती है.

शरणार्थी पुनर्वास: अभी कम हैं मददगार हाथ!

दुनिया भर में वैसे तो लगभग 14 लाख शरणार्थी ऐसे हैं जिन्हें पुनर्वास की तुरंत ज़रूरत है मगर केवल 63 हज़ार 696 को ही वर्ष 2019 में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के ज़रिए फिर से ज़िन्दगी शुरू करने का मौक़ा मिला. ये शरणार्थियों की कुल संख्या का केवल साढ़े चार प्रतिशत हिस्सा है. कारण है कि दुनिया भर में सरकारों की तरफ़ से इन शरणार्थियों को पुनर्वास की समुचित पेशकश नहीं हो रही है.

'पागलपन की आँधी से बढ़ती अस्थिरता के संकेत'

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि पूरी दुनिया में बढ़ती अस्थिरता और अनपेक्षित भू-राजनैतिक तनावों ने पागलपन की एक आँधी को जन्म दिया है. उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकारों के लिए अपनी मुख्य वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान ये बात कही.

बोलीविया में भरोसेमन्द, पारदर्शी व समावेशी चुनाव के लिए भरपूर मदद

बोलीविया के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत ज्याँ अरनॉल्ट ने कहा है कि देश चुनावी प्रक्रिया में इस सप्ताह एक निर्णायक मुक़ाम पर पहुँच रहा है और संयुक्त राष्ट्र ये सुनिश्चित करने में भरपूर मदद करेगा कि देश में मतदान भरोसेमन्द, पारदर्शी और समावेशी हो.