सुरक्षा

'रसायनिक हथियारों को इतिहास के पन्नों में समेट दिया जाए'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व से रसायनिक हथियारों का बिल्कुल ख़ात्मा करने के लिये संकल्प दोहराए जाने का आहवान किया है. यूएन प्रमुख ने सोमवार को, रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल के भुक्तभोगियों की याद में मनाए जाने वाले दिवस पर अपने सन्देश में कहा कि दुनिया भर में कहीं भी, किसी भी द्वारा और किन्हीं भी परिस्थितियों में, रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया जाना, बिल्कुल असहनीय और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का गम्भीर उल्लंघन है.

सीरिया: कड़ी सर्दी का सामना करने के लिये ज़्यादा सहायता की सख़्त ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के कार्यवाहक उप संयोजक रमेश राजसिंघम ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि सीरिया में आगामी सम्भवतः बहुत कड़ी सर्दियों के मौसम में 3 लाख से ज़्यादा लोगों को मदद की ज़रूरत पड़ेगी. उन्होंने कहा कि विस्थापित लोगों की हालत ख़ासतौर पर, बहुत गम्भीर है.

इराक़: तूफ़ानों के बीच, अन्तरराष्ट्रीय सहायता बहुत अहम

इराक़ के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि जिनीन हैनिस प्लैस्शाएर्ट ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि देश में सरकार और प्रशासन अनेक तूफ़ानों के बीच काम जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में, मौजूदा राजनैतिक, सुरक्षा, आर्थिक और सामाजिक संकटों को हल करने के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहायता की बहुत ज़रूरत है.

अफ़ग़ानिस्तान के लिये चन्दे के वादे और टिकाऊ युद्धविराम की पुकार

अन्तरराष्ट्रीय दानदाताओं ने जिनावा में हुए सम्मेलन में अफ़ग़ानिस्तान शान्ति प्रक्रिया के लिये वित्तीय और राजनैतिक समर्थन व सहायता का संकल्प व्यक्त किया है. मंगलवार को सम्पन्न हुए इस 2020 अफ़ग़ानिस्तान सम्मेलन में ये भी उम्मीद नज़र आई कि एक टिकाऊ युद्धविराम से देश को दशकों के संघर्ष की तबाही से निकालकर पुनर्निर्माण करने और घावों पर मरहम लगाने में मदद मिलेगी.

संघर्षों में फँसे बच्चों और लोगों की सुरक्षा की सख़्त ज़रूरत

बच्चों और सशस्त्र संघर्ष मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत वर्जीनिया गाम्बा ने कहा है कि हथियारबन्द संघर्षों में शैक्षणिक और स्वास्थ्य ठिकानों पर लगातार हो रहे हमलों के कारण बच्चों और मानवीय सहायता कर्मियों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है.

लीबिया: युद्धविराम पर दस्तख़त के बाद, फिर शुरू होगा राजनैतिक सम्वाद मंच

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने वर्षों से इस युद्धग्रस्त देश में हाल ही में एक स्थायी युद्धविराम समझौते पर दस्तख़त होने के बाद ‘लीबियाई राजनैतिक सम्वाद मंच’ फिर से शुरू करने की घोषणा की है. युद्धविराम के बाद जागी उम्मीदों के बीच यह राजनैतिक सम्वाद मंच फिर शुरू होने से एक टिकाऊ समाधान निकलने की उम्मीद भी जताई गई है.

संयुक्त राष्ट्र कैसे करता है संघर्ष रोकथाम व निवारण

जब सदस्य देशों ने 75 वर्ष पहले यूएन चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे, इसका मक़सद आने वाली पीढ़ियों को तीसरे विश्व युद्ध से बचाना था. इसका मक़सद संघर्ष टालना व रोकना भी था. इसलिये संयुक्त राष्ट्र के लिये संघर्ष निवारण अब भी एक केन्द्रीय प्राथमिकता है. फिर भी, सम्बन्ध पक्षों को शान्ति के लिये राज़ी करना बहुत कठिन काम है, ख़ासतौर से तब, जब वो शान्ति नहीं चाहते हों.

फ़ारस खाड़ी क्षेत्र में शान्ति व स्थिरता की ख़ातिर एक सुर में काम करना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि फ़ारस खाड़ी क्षेत्र में जटिल व बहुआयामी चुनौतियों को देखते हुए ये ग़ौर करना बहुत ज़रूरी है कि हर कोई, ख़ासतौर से सुरक्षा परिषद शान्ति व सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये किस तरह सर्वसम्मत रूप में काम कर सकती है.

यमन: युद्धरत पक्षों को शान्ति वार्ता के लिये साहस दिखाना होगा

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ मानवीय सहायता अधिकारी ने कहा है कि यमन में सभी युद्धरत पक्षों को आम लोगों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करने के लिये और ज़्यादा कार्रवाई करनी होगी. कई वर्ष से युद्धरत यमन में हाल के सप्ताहों के दौरान युद्धक गतिविधियों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या काफ़ी बढ़ी है.

नागोर्नो-काराबाख़ में दोनों पक्ष आम लोगों की सुरक्षा के लिये ज़िम्मेदार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने संघर्षरत नागोर्नो-काराबाख़ में और उसके आसपास के आबादी वाले इलाक़ों में ताज़ा हमलों की निन्दा की है. इस बीच आर्मीनिया और अज़रबैजान ने एक दूसरे पर ताज़ा मानवीय सहायता युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.