सुरक्षा

कश्मीर: 'स्थिति मुक्त और अधिकार बहाल हों', मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने कहा है कि भारत प्रशासित कश्मीर में आम लोग अब भी बहुत सी बुनियादी स्वतंत्रताओं से वंचित हैं. मानवाधिकार उच्चायुक्त ने भारत प्रशासित कश्मीर में “स्थिति को मुक्त” करने और लोगों के अधिकार पूरी तरह बहाल किए जाने का आग्रह भी किया.

प्रथम कमेटी: निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे

हर साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर के नेता एकत्र होते हैं और लगभग एक सप्ताह के लिए दुनिया की नज़रें इस पर टिक जाती हैं. इस सत्र में अगले वर्ष के लिए एजेंडा तय किया जाता है जिस पर काम भी इसी वक़्त शुरू हो जाता है. लेकिन फ़ैसलों को किस तरह एक्शन में बदला जाए, उसके लिए सदस्य देशों के प्रतिनिधि छह प्रमुख कमेटियों के रूप में अपना कामकाज आगे बढ़ाते हैं. महासभा की छह कमेटियों के परिचय की इस श्रंखला में पेश है प्रथम कमेटी के बारे में कुछ जानकारी. प्रथम कमेटी पर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और निरस्त्रीकरण से संबंधित मुद्दों की ज़िम्मेदारी है.

दुनिया भर में बिगड़ रही है मानवाधिकारों की स्थिति: मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया है कि दुनिया भर में बहुपक्षवाद के लिए चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं जिन्हें नकारा नहीं जा सकता, अलबत्ता मानवाधिकारों के सार्वभौमिक घोषणा-पत्र में हुई ऐतिहासिक सहमतियों को मज़बूत करने के लिए सदस्य देशों के साथ मिल-जुलकर काम किया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार पदाधिकारी मिशेल बाशेलेट ने मंगलवार को महासभा की तीसरी कमेटी के सामने वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए ये बात कही. इस कमेटी पर दुनिया भर में सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक मुद्दों से निपटने की ज़िम्मेदारी है.

सीरिया में सैन्य तनाव बढ़ने पर आम लोगों की सुरक्षा की चिंता

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने गुरूवार को कहा है कि सीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े में हाल के दिनों में बढ़े सैन्य तनाव के कारण लाखों लोगों को सुरक्षा की ख़ातिर वो इलाक़ा छोड़ना पड़ा है. इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को ही तुर्की ने सीरिया में कुछ हवाई औरर ज़मीनी हमले किए थे.

लैफ़्टिनेंट जनरल अभिजीत गुहा हुदायदाह समझौते के मिशन प्रमुख नियुक्त

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारतीय मूल के सैन्य अधिकारी लैफ़्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) अभिजीत गुहा को यमन में हुदायदाह समझौते को सहायता देने वाले संयुक्त राष्ट्र के मिशन के प्रमुख नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2452 (2019) और 2481 (2019) के तहत की गई है. लैफ़्टिनेंट जनरल अभिजीत गुहा को री-डेप्लॉयमेंट कॉर्डिनेशन कमेटी (आरसीसी) का अध्यक्ष भी बनाया गया है.

 

'दुनिया भर में संकटों के बावजूद मानवाधिकार मुद्दे सबकी ज़िम्मेदारी'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अशांति व हिंसा के मद्देनज़र वैश्विक पुकार लगाते हुए कहा है कि सभी संबद्ध पक्ष हिंसा को छोड़कर संयम से काम लें और मुक्त व समावेशी संवाद को प्राथमिकता दें. मानवाधिकार उच्चायुक्त के पद पर एक वर्ष पूरा करने के मौक़े पर बुधवार को जिनीवा में प्रेस से बातचीत में उन्होंने ये आहवान किया.

आतंकवाद के दिए ज़ख़्म बहुत गहरे होते हैं - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि आतंकवाद के दिए हुए ज़ख़्म बहुत गहरे होते हैं, समय बीतने पर उनकी गहराई कुछ कम हो सकती है, मगर वो ज़ख़्म कभी पूरी तरह ख़त्म नहीं होते. बुधवार को आतंकवाद के पीड़ितों की याद और श्रद्धांजलि देने के लिए मनाए गए अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर महासचिव ने ये शब्द कहे. ये दिवस हर वर्ष 21 अगस्त को मनाया जाता है.

शांति निर्माण में 'बराबर के साझेदार' हैं युवा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष दूत जयाथमा विक्रमानायके ने सुरक्षा परिषद को अपने संबोधन में कहा है कि उनका अनुभव बताता है कि युवा शांति की परवाह करते हैं. उन्होंने जॉर्डन में शरणार्थी शिविरों से लेकर ग़ाज़ा में यूएन राहत एवं कार्य एजेंसी के स्कूलों तक, कोसोवो में म्यूनिसपैलिटी से लेकर डेनमार्क में युवा परिषदों तक जारी प्रयासों को नज़दीक से देखने के बाद ये बात कही.

आम आबादी की सुरक्षा की हालत से गंभीर चिन्ता वाजिब - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि आम आबादी की सुरक्षा के लिए उठाए गए क़दम तो पर्याप्त हैं मगर उन पर अमल करने करने की मंशा और अनुशासन में गिरावट आई है जो गंभीर चिन्ता का विषय है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बीस वर्ष पहले आम आबादी की सुरक्षा का मुद्दा अपने एजेंडा में शामिल किया था.

बारूदी सुरंग प्रतिबंध संधि के 20 साल पूरे, लेकिन ख़तरा बरक़रार

बारूदी सुरंगों पर प्रतिबंध लगाने वाली संधि के दो दशक पूरे होने के बावजूद पुराने रणक्षेत्रों में बिछी सुरंगें अब भी लोगों को अपना निवाला बना लेती हैं. अपने संदेश में यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि इस ख़तरे को धरती से मिटा देने के लिए त्वरित प्रयासों की ज़रूरत है.