सुरक्षा परिषद

लीबिया को तबाही से बचाने के लिए एकजुट प्रयासों की अपील

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी ने शांति प्रयासों के बावजूद देश में तेज़ होते हिंसक संघर्ष पर गहरी नाराज़गी और निराशा जताई है और सुरक्षा परिषद से हिंसा रोकने के लिए एकजुट होने की पुकार लगाई है. कुछ ही दिन पहले जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लीबिया पर एक उच्चस्तरीय शिखर वार्ता का आयोजन किया गया था जिसमें हिंसा पर विराम लगाने और देश को शांति की दिशा में ले जाने के लिए आवश्यक क़दमों पर चर्चा हुई थी.

सीरिया में बड़ी मानवीय त्रासदी टालने के लिए 'हिंसा को रोकना होगा'

संयुक्त राष्ट्र के आपात राहत समन्वयक मार्क लोकॉक ने सुरक्षा परिषद को सीरिया में स्थिति से अवगत कराते हुए कहा है कि देश के पूर्वोत्तर इलाक़े में महिलाएं व बच्चे बदहाल परिस्थितियों में रह रहे हैं और दिनोंदिन उनके लिए हालात बदतर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सीरिया में लोगों को ऐसा महसूस होने लगा है कि दुनिया ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है. 

सीरिया को मदद मुहैया कराने की समय सीमा अंतिम क्षणों में बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सीरिया के सीमावर्ती इलाक़ों में रहने वाले लाखों आम नागरिकों को मानवीय सहायता पहुँचाने के संयुक्त राष्ट्र के अभियानों को जारी रखने के लिए शुक्रवार देर शाम मंज़ूरी दे दी. लेकिन सुरक्षा परिषद के कुछ सदस्यों ने ये मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए सीमा चौकियों की संख्या और समय दायरा कम किए जाने पर निराशा भी व्यक्त की.

लीबिया में अब भी मानवाधिकार उल्लंघन, हिंसा और अत्याचारों का सिलसिला जारी

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि लीबिया में क़रीब एक दशक पहले जब से न्यायालय ने काम शुरू किया है तब से अभी तक हिंसा के दौर, अत्याचार और क़ानून की बेपरवाही का माहौल ज्यों का त्यों बना हुआ है. अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की मुख्य अभियोजक फ़तू बेनसूदा ने बुधवार को अपनी वार्षिक रिपोर्ट सुरक्षा परिषद में पेश करते हुए कहा कि “लीबिया में हिंसा में बढ़ोत्तरी हुई है.”

इदलिब में लाखों लोगों की आस मदद के लिए सुरक्षा परिषद पर

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यों के प्रमुख मार्क लोकॉक ने सुरक्षा परिषद को गुरूवार को बताया कि सीरिया के युद्धग्रस्त इलाक़े इदलिब में युद्धक गतिविधियाँ रोकने के लिए 2018 में लगभग एक साल पहले हुए समझौते के बावजूद बमबारी और लड़ाई अब भी जारी है, हर दिन ये सिलसिला देखा जा सकता है.

मध्य पूर्व में 'संयम और सुलह-सफ़ाई की सख़्त ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की चीफ़ डी कैबिनेट मारिया लुइज़ा वॉयटी ने कहा है कि क्षेत्र में ख़तरनाक टकराव की स्थिति को टालने के लिए संयम और शांति के लिए गंभीर बातचीत बहुत ज़रूरी है, अगर इस टकराव को नहीं रोका गया तो इसके बेहद ख़तरनाक परिणाम हो सकते हैं जिनका क्षेत्र से बाहर भी गंभीर असर हो सकता है.

यमन, वहाँ की जनता और क्षेत्र का ‘भविष्य दांव पर’

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा है कि हिंसा से बदहाल यमन विघटन के ख़तरे का सामना कर रहा है और उसके पास गँवाने के लिए बहुत ज़्यादा समय नहीं बचा है. यमन में हाल के दिनों में हुई हिंसा और नई चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि देश का भविष्य दांव पर लगा है और इसलिए शांति प्रयासों की सुस्त रफ़्तार को तेज़ किए जाने की आवश्यकता है.

कश्मीर पर सुरक्षा परिषद की बैठक - तीन देशों का रुख़

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर स्थिति पर शुक्रवार 16 अगस्त 2019 को गोपनीय बैठक की जिसे बंद कमरे में हुई चर्चा भी कहा गया है. इस चर्चा के बारे में परिषद की तरफ़ से कोई आधिकारिक वक्तव्य नहीं जारी किया गया, अलबत्ता तीन देशों - चीन, पाकिस्तान और भारत के राजदूतों ने पत्रकारों के सामने अपने-अपने देशों का रुख़ रखा. 

कश्मीर मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की 'बंद' बैठक, चीन द्वारा संयम का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति पर शुक्रवार को गोपनीय विचार-विमर्श किया. 1965 के बाद ये पहला मौक़ा था जब सुरक्षा परिषद ने  कश्मीर मुद्दे पर विचार विमर्श करने के लिए 'विशिष्ठ बैठक' आयोजित की. सुरक्षा परिषद पर दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा संबंधी मामलों का समाधान तलाश करने की ज़िम्मेदारी है.

जम्मू-कश्मीर में हालात पर यूएन महासचिव चिंतित

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश जम्मू और कश्मीर में हालात पर चिंताजनक नज़र रखे हुए हैं और उन्होंने अधिकतम संयम बरते जाने की अपील की है.  यूएन महासचिव ने सभी पक्षों से ऐसे क़दम ना उठाने का आग्रह किया है जिनसे जम्मू और कश्मीर का दर्जा प्रभावित होता हो.