सुरक्षा परिषद

यूएन सुरक्षा परिषद के नए अस्थाई सदस्य

वर्ष 2021-2022 के लिये सुरक्षा परिषद में नव-निर्वाचित अस्थाई सदस्यों का ध्वज स्थापना समारोह, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में,  4 जनवरी को सम्पन्न हुआ. नए सदस्यों में मैक्सिको, भारत, आयरलैंड, केनया और नॉर्वे शामिल हैं. एक वीडियो रिपोर्ट...

75वाँ सत्र: पुतिन ने कहा, 'इतिहास से मिले सबक को नज़रअन्दाज़' करना अदूरदर्शिता

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को यूएन महासभा के 75वें सत्र में वार्षिक जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से गम्भीर मुद्दों पर सहयोग मज़बूत करने का आहवान किया. साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संगठन ने चार्टर का पालन करते हुए, युद्ध के बाद शान्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है. 

75वाँ सत्र: फ्राँस का बहुपक्षीय प्रणाली को पुनर्जीवित करने पर ज़ोर

फ्राँस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्राँ ने संयुक्त राष्ट्र की 75वीं महासभा की वार्षिक उच्च स्तरीय बहस के दौरान मंगलवार को ज़ोर देकर कहा कि कोरोनोवायरस महामारी से निपटने के लिये राष्ट्रों के बीच सहयोग बेहद ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि महामारी को संयुक्त राष्ट्र को जगाने के लिये एक "बिजली के झटके" की तरह के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिये. 

75वाँ सत्र: ईरान अमेरिकी चुनावों और घरेलू राजनीति में ‘मोलभाव का मुद्दा नहीं’ 

ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के दौरान जनरल असेम्बली को सम्बोधित करते हुए कहा है कि उनके देश को अमेरिका में चुनावों और घरेलू नीतियों के लिये मोलभाव के मुद्दे के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. 

कश्मीर पर सुरक्षा परिषद की बैठक - तीन देशों का रुख़

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर स्थिति पर शुक्रवार 16 अगस्त 2019 को गोपनीय बैठक की जिसे बंद कमरे में हुई चर्चा भी कहा गया है. इस चर्चा के बारे में परिषद की तरफ़ से कोई आधिकारिक वक्तव्य नहीं जारी किया गया, अलबत्ता तीन देशों - चीन, पाकिस्तान और भारत के राजदूतों ने पत्रकारों के सामने अपने-अपने देशों का रुख़ रखा. 

जम्मू-कश्मीर में हालात पर यूएन महासचिव चिंतित

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश जम्मू और कश्मीर में हालात पर चिंताजनक नज़र रखे हुए हैं और उन्होंने अधिकतम संयम बरते जाने की अपील की है.  यूएन महासचिव ने सभी पक्षों से ऐसे क़दम ना उठाने का आग्रह किया है जिनसे जम्मू और कश्मीर का दर्जा प्रभावित होता हो.