सुरक्षा परिषद

इदलिब में लाखों लोगों की आस मदद के लिए सुरक्षा परिषद पर

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यों के प्रमुख मार्क लोकॉक ने सुरक्षा परिषद को गुरूवार को बताया कि सीरिया के युद्धग्रस्त इलाक़े इदलिब में युद्धक गतिविधियाँ रोकने के लिए 2018 में लगभग एक साल पहले हुए समझौते के बावजूद बमबारी और लड़ाई अब भी जारी है, हर दिन ये सिलसिला देखा जा सकता है.

मध्य पूर्व में 'संयम और सुलह-सफ़ाई की सख़्त ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की चीफ़ डी कैबिनेट मारिया लुइज़ा वॉयटी ने कहा है कि क्षेत्र में ख़तरनाक टकराव की स्थिति को टालने के लिए संयम और शांति के लिए गंभीर बातचीत बहुत ज़रूरी है, अगर इस टकराव को नहीं रोका गया तो इसके बेहद ख़तरनाक परिणाम हो सकते हैं जिनका क्षेत्र से बाहर भी गंभीर असर हो सकता है.

यमन, वहाँ की जनता और क्षेत्र का ‘भविष्य दांव पर’

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा है कि हिंसा से बदहाल यमन विघटन के ख़तरे का सामना कर रहा है और उसके पास गँवाने के लिए बहुत ज़्यादा समय नहीं बचा है. यमन में हाल के दिनों में हुई हिंसा और नई चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि देश का भविष्य दांव पर लगा है और इसलिए शांति प्रयासों की सुस्त रफ़्तार को तेज़ किए जाने की आवश्यकता है.

कश्मीर पर सुरक्षा परिषद की बैठक - तीन देशों का रुख़

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर स्थिति पर शुक्रवार 16 अगस्त 2019 को गोपनीय बैठक की जिसे बंद कमरे में हुई चर्चा भी कहा गया है. इस चर्चा के बारे में परिषद की तरफ़ से कोई आधिकारिक वक्तव्य नहीं जारी किया गया, अलबत्ता तीन देशों - चीन, पाकिस्तान और भारत के राजदूतों ने पत्रकारों के सामने अपने-अपने देशों का रुख़ रखा. 

कश्मीर मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की 'बंद' बैठक, चीन द्वारा संयम का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति पर शुक्रवार को गोपनीय विचार-विमर्श किया. 1965 के बाद ये पहला मौक़ा था जब सुरक्षा परिषद ने  कश्मीर मुद्दे पर विचार विमर्श करने के लिए 'विशिष्ठ बैठक' आयोजित की. सुरक्षा परिषद पर दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा संबंधी मामलों का समाधान तलाश करने की ज़िम्मेदारी है.

जम्मू-कश्मीर में हालात पर यूएन महासचिव चिंतित

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश जम्मू और कश्मीर में हालात पर चिंताजनक नज़र रखे हुए हैं और उन्होंने अधिकतम संयम बरते जाने की अपील की है.  यूएन महासचिव ने सभी पक्षों से ऐसे क़दम ना उठाने का आग्रह किया है जिनसे जम्मू और कश्मीर का दर्जा प्रभावित होता हो. 

मामूली अपराधियों का आतंकवाद की ओर रुख़ पैदा कर रहा है ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहस के दौरान ये जानकारी सामने आई है कि छोटे-छोटे अपराधी अवसर का लाभ उठाने के लिए आतंकवाद को अपना रहे हैं, जोकि चिंता का विषय है. संयुक्त राष्ट्र अंतरक्षेत्रीय अपराध और न्याय अनुसंधान संस्थान (यूएनआईसीआरआई) के साथ काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय सलाहकार तमारा मकरेंको ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के ख़तरों पर खुली बहस के दौरान इस संबंध में जानकारी को साझा किया.

हिंसा की रोकथाम के लिए एकजुटता और मध्यस्थता ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्व  में व्याप्त मानवीय पीड़ा को कम करने के लिए दो सबसे अहम ज़रिए हैं: हिंसा और संघर्ष की रोकथाम और मध्यस्थता के प्रयास. शांति प्रयासों के सफल होने के लिए आपसी एकजुटता और समावेशी संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है.

गुमशुदाओं के परिजनों को सही सूचना और जवाब मिलना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सशस्त्र संघर्षों और लड़ाई-झगड़ों में लापता हुए लोगों के मुद्दे पर पहली बार कोई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है. मंगलवार को पारित हुए इस प्रस्ताव को सभी 15 सदस्यों ने एकमत से मंज़ूरी दी. इस प्रस्ताव का उद्देश्य तमाम देशों को अपनी मानवीय और क़ानूनी जिम्मेदारियाँ पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है.

सुरक्षा परिषद के पाँच नए अस्थाई सदस्य

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद के पाँच नए अस्थाई सदस्यों का चुनाव कर लिया है. इन देशों के नाम हैं – सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनैडाइन्स, एस्तोनिया, निजेर, ट्यूनिशिया और वियतनाम. इनमें सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनैडाइन्स अभी तक का सबसे छोटा राष्ट्र है जिसे सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता मिली है.