संयुक्त राष्ट्र महासभा

महासभा का 74वां सत्र

संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल वार्षिक सत्र के लिए एकत्र होती है जिसमें देशों के प्रतिनिधि अपनी-अपनी बात बाक़ी प्रतिनिधियों के सामने रखते हैं. हर देश के प्रतिनिधि को बिना किसी बाधा के अपनी बात रखने का मौक़ा मिलता है. यही वो जगह है जहाँ इतिहास बनता है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के नए अध्यक्ष चुने गए तिजानी मोहम्मद-बांडे

संयुक्त राष्ट्र में नाइजीरिया के स्थाई प्रतिनिधि तिजानी मोहम्मद-बांडे को यूएन महासभा के 74वें सत्र के लिए अध्यक्ष के रूप में चुना गया है. यूएन महासभा के अगले सत्र में वह वर्तमान अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा का स्थान लेंगे. नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने टिकाऊ विकास लक्ष्यों को अपनी प्राथमिकताओं में गिनाया है और कहा है कि विश्व में शांति और सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र आशा का स्रोत है.

'वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए तेज़ गति से प्रयास करने होंगे'

संयुक्त राष्ट्र महासभा में सदस्य देशों को अपने संबोधन में महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने  21वीं शताब्दी की तीन मुख्य चुनौतियों - जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ विकास, और नई तकनीक का प्रसार - से निपटने के लिए नई ऊर्जा के साथ प्रयास करने पर बल देते हुए कहा कि यूएन बेहतर तरीक़ों से लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.

बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने पर ही आधारित है यूएन का काम

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डो एस्पिनोसा ने कहा है कि दुनिया में बहुपक्षीय और क़ानून आधारित व्यवस्था तभी मज़बूत बन सकती है जब यूएन में नई ऊर्जा का संचार किया जाए. सदस्य देशों को अपनी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कि यही उनकी पहली प्राथमिकता है.

जी-77 की अध्यक्षता फ़लस्तीन को मिलना 'ऐतिहासिक क्षण'

संयुक्त राष्ट्र में विकासशील देशों के समूह जी-77 और चीन की बागडोर अब फ़लस्तीन के हाथों में आ गई है. इस अवसर पर आयोजित समारोह में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा ने जी-77 की अध्यक्षता फ़लस्तीन को मिलना एक ऐतिहासिक पल करार दिया है. 

मिलजुलकर चलने का नुस्ख़ा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र की अध्यक्ष मरिया फ़रनेन्डा एस्पिनोसा ने दुनिया भर के सभी इंसानों के लिए बराबरी और टिकाऊ विकास लक्ष्य हासिल करने के प्रयासों में बहुलवाद यानी एक साथ मिलजुलकर काम करने की संस्कृति को बहुत महत्वपूर्ण क़रार दिया है. उन्होंने मंगलवार को महासभा के 73वें सत्र और जनरल चर्चा की औपचारिक शुरूआत करते हुए ये विचार रखे.