संघर्ष

सूडान: दारफ़ूर मिशन समाप्ति के बाद भी सहायता का संकल्प

संयुक्त राष्ट्र महासचिव और अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष ने सूडान के दारफ़ूर क्षेत्र में, इन दोनों संगठनों का संयुक्त सहायता मिशन गुरूवार, 31 दिसम्बर को ख़त्म हो जाने के बाद भी, वहाँ शान्ति और सामान्य स्थिति को मज़बूत करने में अपना योगदान जारी रखने का आश्वासन दोहराया है.

यमन: अदन हवाई अड्डे पर हुए हमले की तीखी भर्त्सना

यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने बुधवार को अदन हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले की तीखी भर्त्सना की है. इस हमले में कम से कम 26 लोगों के मारे जाने, और 50 से ज़्यादा के घायल होने की ख़बरें हैं.

यूनीसेफ़ की चेतावनी - संकटग्रस्त क्षेत्रों में लाखों बच्चे, अकाल के निकट

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि वर्ष 2021 के दौरान, काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य, नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े, मध्य सहेल, दक्षिण सूडान और यमन में एक करोड़ से भी अधिक बच्चे अत्यन्त गम्भीर कुपोषण से जूझ रहे होंगे. यूनीसेफ़ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तत्काल ठोस क़दम नहीं उठाए गए तो ये संख्या और भी बढ़ सकती है.

सीरिया: युद्ध का एक और साल, अब भी लाखों लोग विस्थापित, निर्धनता में डरे-सहमे

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के संयोजक मार्क लोकॉक ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि सीरिया में, युद्ध का एक और साल ख़त्म हो रहा है, ऐसे में, देश में, परिवारों को अब भी लगभग एक दशक से चले आ रहे संघर्ष से कोई छुटकारा मिलता नज़र नहीं आ रहा है.

शरणार्थी उच्चायुक्त की चुनौती: अन्तरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें 'बेकार' करके दिखाए तो मानें

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के प्रमुख फ़िलिपो ग्रैण्डी ने विश्व नेताओं को चुनौती देने के अन्दाज़ में कहा है कि अगर वो चाहें तो, युद्ध और असुरक्षा के कारण, करोड़ों लोगों को अपने घर छोड़कर दर-दर भटकने के लिये मजबूर करने वाले कारणों के हल निकालकर, शरणार्थी एजेंसी के कामकाज को बेमानी साबित कर सकते हैं.

यमन: 'अन्धाधुन्ध मानवाधिकार उल्लंघन, युद्धापराध के दायरे में आ सकते हैं'

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने सुरक्षा परिषद और व्यापक अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से युद्धग्रस्त देश यमन में मानवाधिकार उल्लंघन के अतार्किक और निर्बाध उल्लंघन के मामलों पर यह कहते हुए रोक लगाने का आहवान किया है कि अत्याचारों ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है.

2021 में मुसीबत में फँसे लोगों की मदद के लिये 35 अरब डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत कार्यों के मुखिया मार्क लोकॉक ने कहा है कि वर्ष 2021 में, दुनिया भर में लगभग साढ़े 23 करोड़ लोगों को मानवीय सहायता व सुरक्षा की ज़रूरत होगी, जोकि एक रिकॉर्ड संख्या होगी, और वर्ष 2020 की तुलना में क़रीब 40 प्रतिशत ज़्यादा. उन्होंने कहा है कि ऐसा मुख्य रूप से कोविड-19 के कारणों से होगा.

सीरिया: कड़ी सर्दी का सामना करने के लिये ज़्यादा सहायता की सख़्त ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के कार्यवाहक उप संयोजक रमेश राजसिंघम ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि सीरिया में आगामी सम्भवतः बहुत कड़ी सर्दियों के मौसम में 3 लाख से ज़्यादा लोगों को मदद की ज़रूरत पड़ेगी. उन्होंने कहा कि विस्थापित लोगों की हालत ख़ासतौर पर, बहुत गम्भीर है.

अफ़ग़ानिस्तान: सहायता सम्मेलन में टिकाऊ युद्धविराम लागू करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के दो वरिष्ठ उच्चायुक्तों ने अफ़ग़ानिस्तान में बहुत लम्बे समय से चले आ रहे संघर्ष और अशान्ति को ख़त्म किये जाने का आहवान किया है. उन्होंने सोमवार को जिनीवा में हुए एक प्रमुख सम्मेलन में कहा कि देश में सामान्य स्थिति तभी लौट सकती है जब एक टिकाऊ युद्धविराम लागू किया जाए.

सात देशों में अकाल को टालने के लिये 10 करोड़ डॉलर की रक़म जारी

संयुक्त राष्ट्र ने 7 देशों में अकाल का जोखिम टालने के लिये मंगलवार को 10 करोड़ डॉलर की रक़म जारी की है. ये ऐसे देश हैं जहाँ लड़ाई-झगड़ों, संघर्ष, युद्ध, आर्थिक पतन, जलवायु परिवर्तन और कोविड-19 महामारी के हालात ने भुखमरी का संकट पैदा कर दिया है.