समानता

एक डिजिटल खाई: 1.3 अरब बच्चों के पास घर पर शिक्षा के लिये इंटरनेट नहीं

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में स्कूल जाने की उम्र – 3 से 17 वर्ष - के बच्चों की लगभग दो तिहाई संख्या – यानि लगभग 1 अरब 30 करोड़ बच्चों के पास अपने घरों पर इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, जिसके कारण वो ऐसे महत्वपूर्ण कौशल सीखने से वंचित हो रहे हैं जिनकी आधुनिक अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा के लिये ज़रूरत होती है.

समाजों में विकलाँग व्यक्तियों के और ज़्यादा समावेश की पुकार

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि एक ऐसी दुनिया हासिल करना, जहाँ सभी लोगों को समान अवसर हासिल हों, एक ऐसा लक्ष्य है जिसके लिये जद्दोजहद करना सार्थक है. उन्होंने सोमवार को एक सन्देश में, समाज में विकलाँग व्यक्तियों के और ज़्यादा समावेश का आहवान किया, जिनमें कोविड-19 से निपटने और पुनर्बहली उपाय भी शामिल हैं.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 27 नवम्बर 2020

इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
-------------------------------------------------------------------

ऑडियो -
21'38"

'लिंग आधारित हिंसा को ख़त्म कर दें, हमेशा-हमेशा के लिये'

संयुक्त राष्ट्र ने तमाम देशों की सरकारों ने लिंग आधारित हिंसा को हमेशा के लिये ख़त्म करने के लिये प्रयास दो गुने करने का आहवान किया है. बुधवार को महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा का उन्मूलन करने के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर ये आहवान किया गया है.

डिजिटल टैक्नॉलॉजी को बनाना होगा सबसे ज़रूरतमन्दों के लिये कारगर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 ने एक तरफ़ तो डिजिटल टैक्नॉलॉजी और इण्टरनेट के ज़रिये जुड़ाव की महत्ता उजागर की है, वहीं, इसने असमानताएँ भी बढ़ा दी हैं, जिनमें आमदनी में असमानताएँ भी शामिल हैं. यूएन प्रमुख ने मंगलवार को इण्टरनेट गवर्नेन्स फ़ोरम (IGF) के समापन सत्र को दिये एक वीडियो सन्देश में ये बात कही है.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलैटिन 25 सितम्बर 2020

25 सितम्बर 2020 के इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...

ऑडियो -
25'50"

समावेश व लोगों की ज़्यादा सहभागिता से शासन नीतियाँ बेहतर होंगी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ना केवल कोविड-19, बल्कि जलवायु परिवर्तन, ज़्यादा भागीदारी वाली राजनीति व मानवाधिकारो के लिये जद्दोजहद, और कम होता सार्वजनिक अविश्वास, इन सभी चुनौतियों ने समाजों को कड़ी निगरानी के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है जिन्हें सामाजिक व आर्थिक अन्यायों ने अपनी चपेट में ले रखा है.

एक ज़्यादा बराबरी वाली, समावेशी और टिकाऊ दुनिया बनाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार, 15 सितम्बर को मनाए जा रहे अन्तरराष्ट्रीय लोकतन्त्र दिवस के अवसर पर तमाम विश्व नेताओं से एक ज़्यादा समानता वाली, ज़्यादा समावेशी और टिकाऊ दुनिया बनाने का आहवान किया है जहाँ मानवाधिकारों के लिये पूर्ण सम्मान हो.

साक्षात्कार: समान और न्यायपूर्ण दुनिया ही वक़्त की ज़रूरत - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कोविड-19 के प्रसार पर चिन्ता जताई है और महामारी के बाद बेहतर पुनर्निर्माण, सतत पुनर्बहाली, समानता व बहुपक्षवाद बढ़ाने पर ज़ोर दिया है. संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगाँठ और महासभा के 75वें सत्र के मौक़े पर दिये इस साक्षात्कार में महासचिव ने एक समान व न्यायपूर्ण व टिकाऊ दुनिया के निर्माण का आहवान किया है.