सीरिया

सीरिया में हिंसा और पीड़ा के दुष्चक्र पर तुरंत विराम ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़ों में भीषण हिंसा में फंसे लाखों आम लोगों के हालात पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा है कि दुस्वपन बन चुकी इस हिंसा को तत्काल रोकना होगा. उधर मानवीय राहत मामलों में समन्वय के लिए यूएन कार्यालय के मुताबिक सर्दी से बचाव के लिए विस्थापन का शिकार लोग अपने कपड़े और सामान जलाने को मजबूर हैं, और जल्दही संघर्षविराम नहीं हुआ तो बड़े पैमाने पर ख़ूनख़राबा होने की भी आशंका है.

सीरिया: विस्थापितों की दर्दनाक स्थिति पर मानवाधिकार प्रमुख ने जताया क्षोभ

सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़ों में कंपकंपा देने वाली सर्दी में लाखों लोगों को भारी बमबारी के बीच रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने कहा है कि सरकारी सुरक्षा बल जैसे-जैसे अपने सैन्य अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं, लोगों को मजबूरन सुरक्षित इलाक़ों में शरण लेनी पड़ रही है और ऐसे इलाक़ों का दायरा लगातार सिमट रहा है.

आईसिल अब भी एक गंभीर आतंकवादी ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक मामलों के अध्यक्ष व्लादिमीर वोरोन्कॉफ़ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी समूह आईसिल के ख़िलाफ़ लड़ाई में एकजुट रहने का आहवान करते हुए कहा है कि ये गुट अफ्रीका, योरोप और एशिया तक अपनी पहुँच बनाए हुए है. उन्होंने शुक्रवार को आईसिल पर अपनी ताज़ा रिपोर्ट सुरक्षा परिषद में पेश करते हुए ये अपील की.

सीरिया: रोकना होगा जानमाल का नुक़सान और विशाल विस्थापन

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गियर पीडरसैन ने कहा है कि सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े – इदलिब में हवाई और ज़मीनी हमलों में आई तेज़ी के कारण विस्थापित होने वाले लोगों की बाढ़ सी आ गई है और जान-माल का भी भारी नुक़सान हुआ है.

सीरिया: इदलिब में भड़की ताज़ा लड़ाई पर 'गहरी चिन्ता'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सीरिया के पश्चिमोत्तर इलाक़े में युद्ध गतिविधियों में आई तेज़ी पर गहरी चिन्ता जताते हुए तमाम सैन्य गतिविधियां तुरंत रोके जाने की पुकार लगाई है.

सीरिया में बड़ी मानवीय त्रासदी टालने के लिए 'हिंसा को रोकना होगा'

संयुक्त राष्ट्र के आपात राहत समन्वयक मार्क लोकॉक ने सुरक्षा परिषद को सीरिया में स्थिति से अवगत कराते हुए कहा है कि देश के पूर्वोत्तर इलाक़े में महिलाएं व बच्चे बदहाल परिस्थितियों में रह रहे हैं और दिनोंदिन उनके लिए हालात बदतर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सीरिया में लोगों को ऐसा महसूस होने लगा है कि दुनिया ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है. 

सीरिया: हिंसा में फंसी महिलाओं की स्वास्थ्य ज़रूरतों पर संकट

पूर्वोत्तर सीरिया के हिंसा प्रभावित इलाक़ों से आम नागरिकों का विस्थापन जारी रहने के  कारण महिलाओं व लड़कियों के लिए सुरक्षित माहौल, शरण और प्रजनन स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल ज़रूरतें पैदा हो गई हैं. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के इस सप्ताह की नवीनतम जानकारी में यह स्थिति सामने आई है.

सीरिया: युद्ध ने बच्चों की दुनिया व सपने उजाड़ दिए हैं

सीरिया में नौ वर्ष से जारी भीषण लड़ाई और अशांति ने वहाँ के बच्चों का ना सिर्फ़ बचपन तबाह कर दिया है बल्कि उनके अधिकारों की तो धज्जियाँ उड़ा दी हैं. बड़े पैमाने पर लड़कों और लड़कियों की हत्याएँ हुई हैं, वो घायल हुए हैं, विस्थापित होने के साथ-साथ उन्हें उत्पीड़न, बलात्कार और यौन ग़ुलामी का भी शिकार होना पड़ा है.

सीरिया को मदद मुहैया कराने की समय सीमा अंतिम क्षणों में बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सीरिया के सीमावर्ती इलाक़ों में रहने वाले लाखों आम नागरिकों को मानवीय सहायता पहुँचाने के संयुक्त राष्ट्र के अभियानों को जारी रखने के लिए शुक्रवार देर शाम मंज़ूरी दे दी. लेकिन सुरक्षा परिषद के कुछ सदस्यों ने ये मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए सीमा चौकियों की संख्या और समय दायरा कम किए जाने पर निराशा भी व्यक्त की.

सीरिया के इदलिब में हालात आम लोगों के लिए एक 'दुस्वपन'

सीरिया के दक्षिणी इदलिब इलाक़े में हिंसक संघर्ष में तेज़ी आने से 15 दिसंबर से अब तक तीन लाख आम नागरिकों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. सीरिया में संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय मानवीय सहायता उपसमन्यवयक मार्क कट्स ने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि हिंसा प्रभावितों के लिए वहां रहना एक दुस्वपन बन गया है.