शान्तिरक्षक

हम किसी से कम नहीं - मेजर सुमन

दक्षिण सूडान में यूएन मिशन में एक सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में ज़िम्मेदारी सम्भालने वालीं और भारतीय सेना में मेजर सुमन गवानी का कहना है कि महिला शान्तिरक्षक किसी से पीछे नहीं हैं और यूएन शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की मज़बूत भागीदारी ही उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति की परिचायक है. मेजर गवानी को लैंगिक समानता पर उत्कृष्ट कार्य के लिए ब्राज़ील की नौसेना अधिकारी कमान्डर कार्ला मोन्तिएरो डी कास्त्रो अराउजो के साथ वर्ष 2019 के लिए संयुक्त रूप से 'यूएन मिलिट्री जैन्डर एडवोकेट ऑफ़ द ईयर' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. 

 

मेजर सुमन गवानी ने यूएन न्यूज़ हिन्दी की अंशु शर्मा के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि शान्तिरक्षकों को अपने दैनिक कार्यों में लैंगिक ज़रूरतों और परिप्रेक्ष्यों को समाहित करना चाहिए और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के प्रयास करने चाहिए...

संकट काल में शान्तिरक्षक हैं - 'निस्वार्थ सेवा व बलिदान' के प्रतीक

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को ‘अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस’ के अवसर पर तीन हज़ार 900 से ज़्यादा उन सभी शान्तिरक्षकों को श्रृद्धासुमन अर्पित किए हैं जिन्होंने वर्ष 1948 से यूएन के झण्डे तले विश्व शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है.

शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आहवान

‘अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस’ के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के उन सभी शान्तिरक्षकों को सम्मान के साथ याद किया जा रहा है जिन्होंने वर्ष 1948 से विश्व शान्ति व सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है. इस वर्ष यूएन शान्तिरक्षक दिवस पर शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उनकी भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.