शान्तिरक्षा

वैश्विक शान्ति व सुरक्षा में युवाओं का अहम योगदान

विश्व भर में शान्ति व सुरक्षा को बढ़ावा देने में युवजन की महत्वपूर्ण भूमिका है. संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा अभियान, युवाओं की आवाज़ों को बुलन्द और योजनाओं व निर्णय-निर्धारण में उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करते हैं. इस वर्ष, 29 मई को, अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस के अवसर पर अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा में युवाओं के योगदान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. एक वीडियो नज़र...

सर ब्रायन अर्कहार्ट: पुरोधा राजनयिक

संयुक्त राष्ट्र के एक पूर्व वरिष्ठ राजनयिक सर ब्रायन अर्कहार्ट का 2 जनवरी को 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. ब्रितानी मूल के राजनयिक सर ब्रायन अर्कहार्ट, संयुक्त राष्ट्र के लिये नियुक्त होने वाले दूसरे कर्मचारी थे. उन्होंने 41 वर्षों तक, विभिन्न पदों पर संयुक्त राष्ट्र की सेवा की. वो यूएन के 5 महासचिवों के शीर्ष सलाहकार भी रहे. उनके बारे में संक्षिप्त विवरण... (वीडियो)

बदलाव की साक्षी - अनु मेल्को

फिनलैण्ड की नागरिक, अनु मेल्को दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ सुधार इकाई की प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं. उनका मानना है कि संघर्ष भरे इलाक़ों में महिला शान्तिरक्षक एक प्रेरणास्रोत के रूप में कार्य करते हैं. इसके अलावा, उन्हें शान्तिरक्षा के कार्य से बहुत सन्तुष्टि मिलती है, और इस ऐहसास से बहुत गर्व महसूस होता है कि वह संयुक्त राष्ट्र के लिये योगदान दे रही हैं. (वीडियो)...

छोटे पैकेट की बड़ी शक्ति: ऐनी की कहानी

माली में  संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन - MINUSMA की सूचना संचालन उप प्रमुख, ऐनी फैम क़द में छोटी हैं, लेकिन उनके इरादे बहुत ऊँचे हैं. उनका मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में एकदम अन्तरराष्ट्रीय और विविधतापूर्ण माहौल है, और सभी महिलाओं को इसमें शामिल होना चाहिये, क्योंकि यह एक बहुत ही समावेशी और ज्ञानवर्धक अनुभव है. (वीडियो)...

एक सपने की शुरूआत: ज़ोहरा की कहानी

इराक़ में UNAMI के एक क्षेत्रीय कार्यालय की प्रमुख और सुरक्षा समन्वयक, ज़ोहरा तबौरी ने विभिन्न देशों की नौ अन्य महिलाओं सहित उस वीडियों श्रृंखला में जगह बनाई है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘शान्ति ही मेरा मिशन है’ ’नामक अभियान के तहत जारी की गई है. 31 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में यह अभियान शुरू किया गया. देखिये, ज़ोहरा की शान्तिरक्षक बनने की कहानी, इस वीडियो में...

चुनौतियों के पार: फ़ियोना की कहानी

फ़ियोना बेने, युगाण्डा की नागरिक हैं और इराक़ में UNAMI में सुरक्षा विभाग में कार्यरत हैं. उनका मानना है कि संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षक के रूप में कार्य करना बेहद सन्तुष्टिपूर्ण  व चुनौतीपूर्ण अनुभव है, जो करियर के लिये महान अवसर प्रदान करता है. (वीडियो)...

दूसरा मौक़ा - विवियाना की कहानी

अर्जेंटीना नेशनल जेण्डरमेरी UNVMC, कोलम्बिया की अन्तरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक सार्जेण्ट, विवियाना कैबरेरा लाइबेरिया में एक संयुक्त राष्ट्र मिशन पर काम कर रही थीं, जब उनके पति एक दुर्घटना का शिकार हो गए और उन्हें घर वापस जाना पड़ा. एक साल बाद, उन्हें फिर मिशन में शामिल होने का मौक़ा मिला. पति की यादों से मिले प्रोत्साहन और अपनी लगन से उन्होंने अपने सपने पूरे करने के लिये, एक बार फिर उड़ान भरी. इस वीडियो में देखिये - विवियाना की कहानी...

बाधाओं से परे: फ़ातिमा ख़ामिस का शान्ति मिशन

सूडानी मूल की फ़ातिमा ख़ामिस  मध्य अफ्रीकी गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में असाधारण योगदान कर रही हैं. कड़ी परम्पराओं वाले समाज में शिक्षा के लिये रास्ता बनाना और एक इजीनियर के रूप में काम करना फ़ातिमा ख़ामिस के लिये आसान नहीं रहा है, मगर उन्होंने बहुत सी बाधाएँ पार की हैं. उनकी कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी - शान्ति ही मेरा मिशन है - वीडियो श्रंखला में...

शान्ति की ख़ातिर ख़ास करने की चाह: हुमा ख़ान

दक्षिण सूडान में तैनात, UNMISS की वरिष्ठ महिला सुरक्षा सलाहकार, हुमा ख़ान ने विभिन्न देशों की नौ अन्य महिलाओं सहितत उस वीडियों श्रृंखला में जगह बनाई है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘शान्ति ही मेरा मिशन है’ ’नामक अभियान के तहत जारी की गई है. 31 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में यह अभियान 1 अक्टूबर से शुरू किया गया. शान्तिरक्षक की भूमिका में हुमा ख़ान ने क्या-कुछ सीखा, क्या योगदान किया – देखिये उनकी ज़ुबानी...

शान्ति ही मेरा मिशन है: रागिनी कुमारी

संयुक्त राष्ट्र के शान्ति अभियानों और विशेष राजनैतिक मिशनों में महिलाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. महिलाओं के योगदान को रेखांकित करती एक श्रृंखला जिसमें पहला वीडियो दक्षिण सूडान में तैनात, UNMISS की मूल्याँकन टीम लीडर, रागिनी कुमारी का... ‘शान्ति ही मेरा मिशन है’ ’नामक यह अभियान, 31 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 1 अक्टूबर से शुरू किया गया है. देखिये, रागिनी कुमारी की कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी... (वीडियो)