शान्तिरक्षा

दारफ़ूर में शान्तिरक्षा मिशन बन्द होने की पुष्टि

सूडान के दारफ़ूर क्षेत्र में, संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ का संयुक्त मिशन (UNAMID) गुरूवार, 31 दिसम्बर को आधिकारिक रूप से पूरा हो रहा है, जब सूडान की सरकार, इस इलाक़े में आम आबादी की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालेगी.

दक्षिण सूडान में सेवा के लिये भारतीय शान्तिरक्षक पुरस्कृत

भारत में महिलाओं के लिये सेना का हिस्सा होना आम बात नहीं है. यही बात मालाकाल में तैनात शान्तिरक्षकों की टुकड़ी पर भी खरी उतरती है, जहाँ हाल ही में आठ सौ से अधिक शान्तिरक्षकों को दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवा के लिये पदक से सम्मानित किया गया.

बदलाव की साक्षी - अनु मेल्को

फिनलैण्ड की नागरिक, अनु मेल्को दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ सुधार इकाई की प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं. उनका मानना है कि संघर्ष भरे इलाक़ों में महिला शान्तिरक्षक एक प्रेरणास्रोत के रूप में कार्य करते हैं. इसके अलावा, उन्हें शान्तिरक्षा के कार्य से बहुत सन्तुष्टि मिलती है, और इस ऐहसास से बहुत गर्व महसूस होता है कि वह संयुक्त राष्ट्र के लिये योगदान दे रही हैं. (वीडियो)...

छोटे पैकेट की बड़ी शक्ति: ऐनी की कहानी

माली में  संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन - MINUSMA की सूचना संचालन उप प्रमुख, ऐनी फैम क़द में छोटी हैं, लेकिन उनके इरादे बहुत ऊँचे हैं. उनका मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में एकदम अन्तरराष्ट्रीय और विविधतापूर्ण माहौल है, और सभी महिलाओं को इसमें शामिल होना चाहिये, क्योंकि यह एक बहुत ही समावेशी और ज्ञानवर्धक अनुभव है. (वीडियो)...

एक सपने की शुरूआत: ज़ोहरा की कहानी

इराक़ में UNAMI के एक क्षेत्रीय कार्यालय की प्रमुख और सुरक्षा समन्वयक, ज़ोहरा तबौरी ने विभिन्न देशों की नौ अन्य महिलाओं सहित उस वीडियों श्रृंखला में जगह बनाई है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘शान्ति ही मेरा मिशन है’ ’नामक अभियान के तहत जारी की गई है. 31 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में यह अभियान शुरू किया गया. देखिये, ज़ोहरा की शान्तिरक्षक बनने की कहानी, इस वीडियो में...

चुनौतियों के पार: फ़ियोना की कहानी

फ़ियोना बेने, युगाण्डा की नागरिक हैं और इराक़ में UNAMI में सुरक्षा विभाग में कार्यरत हैं. उनका मानना है कि संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षक के रूप में कार्य करना बेहद सन्तुष्टिपूर्ण  व चुनौतीपूर्ण अनुभव है, जो करियर के लिये महान अवसर प्रदान करता है. (वीडियो)...

दूसरा मौक़ा - विवियाना की कहानी

अर्जेंटीना नेशनल जेण्डरमेरी UNVMC, कोलम्बिया की अन्तरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक सार्जेण्ट, विवियाना कैबरेरा लाइबेरिया में एक संयुक्त राष्ट्र मिशन पर काम कर रही थीं, जब उनके पति एक दुर्घटना का शिकार हो गए और उन्हें घर वापस जाना पड़ा. एक साल बाद, उन्हें फिर मिशन में शामिल होने का मौक़ा मिला. पति की यादों से मिले प्रोत्साहन और अपनी लगन से उन्होंने अपने सपने पूरे करने के लिये, एक बार फिर उड़ान भरी. इस वीडियो में देखिये - विवियाना की कहानी...

बाधाओं से परे: फ़ातिमा ख़ामिस का शान्ति मिशन

सूडानी मूल की फ़ातिमा ख़ामिस  मध्य अफ्रीकी गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में असाधारण योगदान कर रही हैं. कड़ी परम्पराओं वाले समाज में शिक्षा के लिये रास्ता बनाना और एक इजीनियर के रूप में काम करना फ़ातिमा ख़ामिस के लिये आसान नहीं रहा है, मगर उन्होंने बहुत सी बाधाएँ पार की हैं. उनकी कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी - शान्ति ही मेरा मिशन है - वीडियो श्रंखला में...

शान्ति की ख़ातिर ख़ास करने की चाह: हुमा ख़ान

दक्षिण सूडान में तैनात, UNMISS की वरिष्ठ महिला सुरक्षा सलाहकार, हुमा ख़ान ने विभिन्न देशों की नौ अन्य महिलाओं सहितत उस वीडियों श्रृंखला में जगह बनाई है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘शान्ति ही मेरा मिशन है’ ’नामक अभियान के तहत जारी की गई है. 31 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 की 20वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में यह अभियान 1 अक्टूबर से शुरू किया गया. शान्तिरक्षक की भूमिका में हुमा ख़ान ने क्या-कुछ सीखा, क्या योगदान किया – देखिये उनकी ज़ुबानी...

महिलाएँ, शान्ति व सुरक्षा एजेण्डा को आगे बढ़ाने के लिये यूएन के अथक प्रयास

सशस्त्र हिंसक संघर्ष का महिलाओं व लड़कियों पर अनुपात से ज़्यादा असर होता है और इसके मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की पूर्ण, समान व अर्थपूर्ण भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है. यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाएँ, शान्ति व सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित एक गोलमेज़ चर्चा में यह बात कही है.