शान्ति प्रक्रिया

अफ़ग़ान शान्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये इस्ताम्बुल में होगा सम्मेलन

संयुक्त राष्ट्र, तुर्की और क़तर ने अफ़ग़ान सरकार और तालेबान संगठन के प्रतिनिधियों के बीच एक उच्चस्तरीय व समावेशी बैठक, 24 अप्रैल से 4 मई 2021 तक साझा रूप से आयोजित करने की घोषणा की है. तुर्की के इस्ताम्बुल शहर में आयोजित की जाने वाली इस वार्ता का उद्देश्य, अफ़ग़ानिस्तान में शान्ति स्थापना के लिये प्रयासों को मज़बूती देना और देश में मौजूदा संकट के राजनैतिक समाधान की तलाश करना है. 

अफ़ग़ानिस्तान: हिंसा पर विराम, समावेशी शान्ति प्रक्रिया की दरकार

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि डेबराह लियोन्स ने कहा है कि अफ़ग़ान जनता की पीड़ा, विस्थापन और मौतों के सिलसिले पर अब विराम लगाया जाना होगा. उन्होंने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में सदस्य देशों को देश में मौजूदा हालात से अवगत कराते हुए कहा कि यह समय परिस्थितियों की समीक्षा करने और शान्ति मार्ग पर आगे बढ़ने के लिये ज़रूरी प्रयासों को समर्थन दिये जाने का है.

यमन में हालात ‘नाटकीय ढंग से बिगड़ने’ की चेतावनी

यमन में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि हिंसक संघर्ष से पीड़ित देश में हाल के दिनों में परिस्थितियाँ नाटकीय ढंग से ख़राब हुई हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत, मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को, मौजूदा घटनाक्रम से अवगत कराते हुए बताया कि दुनिया के सबसे बदतर मानवीय संकट से जूझते देश यमन में, हिंसा ने अनेक नए मोर्चों को अपनी चपेट में ले लिया है.  

यमन: मानवीय सहायता के लिये धनराशि का वादा ‘निराशाजनक’ 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यमन के लिये मानवीय राहत का इन्तज़ाम करने के लिये आयोजित 'सहायता राशि संकल्प सम्मेलन' के नतीजे को निराशाजनक क़रार दिया है. यूएन प्रमुख ने बताया कि पिछले वर्ष की मानवीय राहत कार्रवाई की तुलना में आधी संख्या में ही संकल्प व्यक्त किये गए हैं और संकल्प की धनराशि, वर्ष 2019 के आँकड़े की तुलना में एक अरब डॉलर कम है. 

अफ़ग़ानिस्तान: तीन वर्षों में 65 मीडियाकर्मियों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गँवानी पड़ी ज़िन्दगी

हाल के वर्षों में अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मीडियाकर्मियों पर हमलों और उनके मारे जाने की घटनाओं में तेज़ बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2018 से अब तक देश में 65 पत्रकार, मीडियाकर्मी और मानवाधिकार कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं. सितम्बर 2020 में अफ़ग़ान शान्ति प्रक्रिया की शुरुआत के बाद से 31 जनवरी 2021 तक कम से कम 11 मानवाधिकार कार्यकर्ता और मीडियाकर्मी लक्षित हमलों में मारे गए हैं. 

लीबिया: सुरक्षित व समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर, मगर चुनौतियाँ बरक़रार

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को देश में मौजूदा हालात से अवगत कराते हुए कहा है कि वर्षों की राजनैतिक अस्थिरता और हिंसक संघर्ष के बाद देश शान्ति पथ पर ठोस प्रगति की ओर अग्रसर है.

लीबिया: राष्ट्रीय चुनाव दिसम्बर 2021 में कराए जाने की घोषणा

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNSMIL) की प्रमुख स्टेफ़नी विलियम्स ने देश में राष्ट्रीय चुनाव 24 दिसम्बर 2021 को कराए जाने की बात कही है. उन्होंने ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिस में बातचीत शुरू होने के एक सप्ताह बाद एक वर्चुअल प्रैस वार्ता के दौरान चुनाव सम्बन्धी घोषणा की है. 

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल यूनिवर्सिटी में हमला, ‘शिक्षा के मानवाधिकार पर हमला’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़ग़ानिस्तान में काबुल विश्वविद्यालय में हुए भयावह हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है. मीडिया ख़बरों के अनुसार सोमवार को हुए इस हमले में 20 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है और अनेक अन्य घायल हुए हैं. 10 दिनों के भीतर यह दूसरा ऐसा हमला है जिसमें किसी शिक्षा केन्द्र को निशाना बनाया गया है. 

यमन में क़ैदियों की रिहाई से शान्ति स्थापना की उम्मीदों को मिली मज़बूती

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने युद्धरत पक्षों के बीच एक हज़ार से ज़्यादा बन्दियों को रिहा किये जाने पर हुई सहमति का स्वागत किया है. उन्होंने गुरुवार को सुरक्षा परिषद को मौजूदा हालात की जानकारी देते हुए बताया कि शान्ति निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिये अन्य क़दम भी उठाने होंगे.

ऐतिहासिक अफ़ग़ान वार्ता शान्ति के लिये अहम अवसर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अफ़ग़ान सरकार के प्रतिनिधियों और तालेबान के बीच सीधे तौर पर पहली बार हो रही वार्ता देश के लिये शान्तिपूर्ण भविष्य और स्थानीय जनता की आकाँक्षाओं को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. ग़ौरतलब है कि दोनों पक्षों के बीच शनिवार को क़तर की राजधानी दोहा में बातचीत शुरू हुई है. महासचिव ने भरोसा दिलाया है कि संयुक्त राष्ट्र देश के भीतरी पक्षों के बीच शान्ति वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और देश में टिकाऊ विकास के लिये हरसम्भव मदद देने को तैयार है.