शान्ति

इसराइल-यूएई समझौते से निकल सकती है अमन की राह

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोलय म्लैदेनॉफ़ ने कहा है कि इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हाल ही में हुए समझौता में पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के समीकरण बदलने की क्षमता है. विशेष दूत ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद के साथ अपनी मासिक बैठक में फ़लस्तीनी और इसराइली नेतृत्व से आग्रह किया कि वो अपने लम्बे समय से चले आ रहे संघर्ष को हल करने के लिये फिर से एक दूसरे की तरफ़ सुलह-सफ़ाई का हाथ बढ़ाएँ. 

आतंकवादी गुट कोविड-19 की स्थिति को भुनाने की कोशिश में

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक मामलों के अधिकारी ने सोमवार को कहा है कि इराक़ और आसपास के इलाक़ों में सक्रिय आतंकवादी संगठन दाएश व इसी तरह के अन्य गुट कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति को अपने फ़ायदों के लिये भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. अन्तरारष्ट्रीय समुदाय को इस चुनौती का सामना करने के लेय और ज़्यादा सामूहिक कार्रवाई व सहयोग से मुक़ाबला करने की ज़रूरत है.

कोविड-19, नफ़रत व भेदभाव को एकजुट होकर हराना होगा - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 फैलने के बाद से दुनिया भर में फैले और बढ़ते नस्लवाद और नफ़रत के ख़िलाफ़ आगाह किया है. उन्होंने 22 अगस्त को धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हिंसा के पीड़ितों की याद में मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर ये चेतावनी दी है.

लेबनान विस्फोट: 'त्वरित कार्रवाई से ही तकलीफ़ें कम की जा सकेंगी'

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि लेबनान को विस्फोक से उत्पन्न हुए संकट उबरने और बेहतर तरीक़े से पुनर्निर्माण करने के लिये “हम सभी को एकजुट होने की ज़रूरत होगी”. रविवार को दानदाताओं के एक वर्चुअल सम्मेलन में आमिना जे मोहम्मद ने ये पुकार लगाई.

लेबनान को तत्काल सहायता मुहैया कराने में लगीं यूएन एजेंसियाँ

लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार को हुए घातक बम विस्फोट हज़ारों लोग घायल हुए और लाखों लोगों को बेघर भी होना पड़ा, तबाही के स्तर को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने प्रभावितों के लिये राहत कार्य तत्काल और बहुत तेज़ी से शुरू किये. संयुक्त राष्ट्र की विशेषीकृत एजेंसियों का व्यापक नैटवर्क एक जुट होकर राजधानी बेरूत में प्रभावित लोगों की मदद करने में लग गया है ताकि लोगों को फिर से उनके पैरों पर खड़ा किया जा सके. अगर आप भी बेरूत के लोगों की मदद करने के बारे में सोच रहे हैं तो हमने यहाँ यूएन एजेंसियों द्वारा किये जा रहे सहायता व राहत कार्यों के बारे में कुछ विवरण प्रस्तुत किया है और आप चाहें तो किस तरह योगदान कर सकते हैं.

कोविड-19: संकट काल में मानसिक तनाव में कमी लाने में शतरंज है सहायक

ऐसे समय में जबकि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान दुनिया भर में खेलकूद आयोजनों पर विराम लग गया है, सोमवार को ‘विश्व शतरंज दिवस’ (World Chess Day) के अवसर पर शतरंज को एक ऐसे खेल के रूप में पेश किया गया है जिसे सामाजिक दूरी बरतते हुए घरों के भीतर या ऑनलाइन खेला जा सकता है और जिससे बेचैनी कम करने व मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिल सकती है. 

स्रेब्रेनीत्सा जनसंहार के 25 वर्ष

यूएन महासचिव ने कहा है कि 25 वर्ष पहले बोसनिया हरज़गोविना के स्रेब्रेनीत्सा में नफ़रत के कारण हज़ारों मुसलमानों का जनसंहार कर दिया गया था. पूर्व महासचिव कोफ़ी अन्नान के कहा था कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की वो नाकामी इतिहास का कभी पीछा नहीं छोड़ेगी. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का कहना है कि पूरे अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की ये ज़िम्मेदारी है कि उस जनसंहार के पीड़ितों को तकलीफ़ों से उबारकर सुलह-सफ़ाई व स्थिरता का माहौल बनाया जाए. वीडियो सन्देश...

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन 3 जुलाई 2020

  • कोविड-19 महामारी से वैश्विक शान्ति और सुरक्षा पर गहरा असर, युद्ध विराम की वैश्विक अपील के समर्थन में सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पारित.
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शरणार्थियों को समर्पित इमोजी

आइवरी कोस्ट के एक युवा कलाकार और डिज़ाइनर गैब्रे ओ'प्लेरुओ ने विविधता व एकजुटता का संगम दिखाने के लिए अदभुत इमोजी बनाई हैं. उन्होंने शरणार्थियों की तकलीफ़ों को बयान करने वाली 365 इमोजी भी बनाई हैं, यानि साल में हर दिन के लिए एक इमोजी. गैब्रे का कहना है कि उनके परिवार के जानने वाले बहुत से लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा इसलिए वो शरणार्थियों के हालात के बारे में जागरूकता फैलाने में इच्छुक हैं...

अफ़ग़ानिस्तान में कोविड-19 के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले घोर निन्दनीय

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने कहा है कि देश में कोविड-19 महामारी फैलने के दो महीने के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं पर 15 हमले किए गए. रविवार को प्रकाशित एक ताज़ा रिपोर्ट में दिखाया गया है कि 11 मार्च और 23 मई के बीच हुए हमलों में किस तरह से स्वास्थ्यकर्मियों को निशाना बनाया गया और किस हद तक स्वास्थ्य सेवाओं को नुक़सान पहुँचा.