शान्ति

म्याँमार: सुरक्षा की ख़ातिर भागने वालों की रक्षा करनी होगी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) और यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने म्याँमार के पड़ोसी देशों से आग्रह किया है कि वो देश में हिंसा और दमन से बचकर सुरक्षा की ख़ातिर भागने वाले लोगों को शरण और सुरक्षा मुहैया कराएँ. म्याँमार में राजनैतिक संकट गुरूवार, 1 अप्रैल को, तीसरे महीने में प्रवेश कर गया है.

सीरिया: 'युद्ध को रोकना, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक ज़िम्मेदारी'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने संकटग्रस्त देश सीरिया में लोगों की मदद जारी रखने के लिये, धन एकत्र करने के वास्ते हुए संकल्प सम्मेलन में कहा है कि देश में, 10 वर्षों से जारी संघर्ष को समाप्त करना, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक ज़िम्मेदारी है. इस ब्रसेल्स सम्मेलन का आयोजन संयुक्त राष्ट्र और योरोपीय संघ ने संयुक्त रूप से किया.

सीरिया: बात सुनें और मदद करें

मुज़ून अलमेलीहन, जब सीरिया में युद्ध से बचकर भाग निकली थीं, तब उनकी उम्र 14 वर्ष थी. वो अब यूनीसेफ़ की सदभावना दूत हैं, और अब अपनी मातृभूमि के बच्चों की मदद करने में समर्पित हैं. मुज़ून कहती हैं, “सम्वाद बहुत ज़रूरी है, मगर दुनिया को, और जो भी लोग हमारी बात सुन रहे हैं, उन सभी को, सीरिया के लोगों की मदद करने के लिये हर सम्भव उपाय करने होंगे, क्योंकि उन्हें हमारी ज़रूरत है और उन्हें अपनी ज़िन्दगी जारी रखने के लिये मदद की दरकार है.” वीडियो फ़ीचर...

आतंकवाद के क्रूर हाथों अपना बेटा गँवाने वाली एक माँ ने उठाया अमन का बीड़ा

मोरक्को मूल की एक फ्रांसीसी महिला लतीफ़ा इब्न ज़ायतेन को, युवाओं में अतिवाद का मुक़ाबला करने प्रयासों में, असाधारण साहस दिखाने के लिये पुरस्कृत किया गया है, जिनका बेटा, लगभग एक दशक पहले, एक आतंकवादी हमले में मौत के मुँह में धकेल दिया गया था. ये महिला अपने इस अथाह दुख को, ’प्रेम की पुकार’ से भरने की कोशिशों में सक्रिय हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, हताहतों की संख्या बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार को जारी एक मानवाधिकार रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में, सितम्बर 2020 में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, देश में हताहत हुए आम लोगों की संख्या में तीव्र बढ़ोत्तरी हुई है. अलबत्ता, पूरे वर्ष 2020 के दौरान, हताहतों की संख्या में, उससे पहले के वर्ष की तुलना में, कुछ कमी दर्ज की गई है.

काँगो: 30 लाख बच्चों का जीवन और भविष्य जोखिम में, यूनीसेफ़ की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य (डीआरसी) में, विस्थापित लगभग 30 लाख बच्चों की गम्भीर स्थिति की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया है जिन्हें लड़ाकों की क्रूर हिंसा और अत्यन्त गम्भीर भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है.

कोविड के कारण, बच्चों को संघर्षों में इस्तेमाल करने के ख़तरे को मिला ईंधन

संयुक्त राष्ट्र और योरोपीय संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा है कि बच्चों के कोरोनावायरस महामारी के प्रभाव के कारण, सशस्त्र गुटों और सशस्त्र बलों के हत्थे चढ़ जाने का जोखिम और भी ज़्यादा बढ़ गया है. शुक्रवार, 12 फ़रवरी को मनाए जाने वाले, 'बाल सैनिकों के इस्तेमाल के विरुद्ध अन्तरराष्ट्रीय दिवस' पर, ये चिन्ता व्यक्त की गई है.

कोविड से उत्पन्न हालात में, दाएश फिर सक्रिय, अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिये ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद निरोधक मामलों के प्रमुख व्लादिमीर वोरोन्कॉफ़ ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि दाएश यानि आइसिल आतंकवादी लड़ाकों द्वारा, अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिये पेश ख़तरा, फिर से बढ़ रहा है.

म्याँमार: प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध, सुरक्षा बलों द्वारा कथित बल प्रयोग पर 'गम्भीर चिन्ताएँ'

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र ने, मंगलवार को, उन प्रदर्शनकारियों पर, सुरक्षा बलों द्वारा कथित रूप से बल प्रयोग किये जाने पर गम्भीर चिन्ताएँ व्यक्त की हैं, जिन्होंने, हाल ही में देश की सत्ता पर सेना द्वारा क़ब्ज़ा किये जाने और अनेक राजनैतिक हस्तियों को गिरफ़्तार किये जाने के विरोध में प्रदर्शन किये हैं.

यमन: अमेरिकी फ़ैसले से लाखों लोगों को मिल सकेगी अहम राहत , यूएन

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यमन में हूथी आन्दोलनकारी संगठन (अन्सार अल्लाह) को, अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने वाला फ़ैसला पलट किये जाने से, देश में लाखों लोगों को बहुत अहम राहत मिल सकेगी. ये वो लोग हैं जो जीवित रहने के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहायता और आयात पर निर्भर हैं.