शान्ति

'नाज़ियों की हार के 75 वर्ष बाद, आज भी बहुत से लोग युद्ध की विभीषिका में हैं'

संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष 8 और 9 मई को उन लाखों लोगों को याद करता है जिनकी ज़िन्दगी दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ख़त्म हो गई थी. उस भीषण तबाही वाले संघर्ष के बाद ही संयुक्त राष्ट्र वजूद में आया था. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार, 8 मई को एक वीडियो संदेश में आगाह करते हुए कहा कि मतभेद अब भी मौजूद हैं, और उन्होंने एक ऐसी दुनिया बनाने की पुकार लगाई जिसकी बुनियाद शान्ति व एकता पर टिकी हो.

संघर्षों व हिंसा के कारण विस्थापित बच्चों की रिकॉर्ड संख्या

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की एक ताज़ा रिपोर्ट में पाया गया है कि वर्ष 2019 में लड़ाई-झगड़ों और हिंसा के कारण लगभग एक करोड़ 90 लाख बच्चों को अपने ही देशों में विस्थापित होना पड़ा, जोकि किसी भी अन्य साल से ज़्यादा है. इस कारण बच्चे वैश्विक महामारी कोविड-19 के वैश्विक फैलाव के लिए सबसे कमज़ोर तबका बन गए हैं.